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Thursday, September 9, 2021

अंतर्जातीय विवाह करने पर समाज में खानपान बंद कर किया दंपत्ति और उसके माता-पिता का बहिष्कार...

 अंतर्जातीय विवाह करने पर समाज में खानपान बंद कर किया दंपत्ति और उसके माता-पिता का बहिष्कार...



 रेवांचल टाईम्स - भरे समाज में खाने की पत्तल से भगा कर किया अपमान, कहा समाज से रहोगे बहिष्कृत l

       भारत आज बेशक नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है और विकास की भारत भी लिख रहा है लेकिन देश में आज भी कई लोग रूढ़िवादी तक की जंजीरों में जकड़े हुए हैं इनकी संकीर्ण मानसिकता अंतर जाति विवाह को इजाजत नहीं देती है। इसी दकियानूसी सोच के कारण कई युवक-युवतियों को अंतर जाति विवाह करने पर उनके अपने ही मौत की नींद सुलाने से भी गुरेज नहीं करते 21वीं सदी में देश की यह स्थिति काफी चिंतित करने वाली है। बेशक संविधान अंतर जाति विवाह की इजाजत दे सरकारें इसकी हिमायत करें लेकिन अंतर जाति विवाह समाज के ठेकेदारों को नहीं भा रहा है इसके लिए भी अंतरजातीय विवाह करने वाले युगल के सामाजिक बहिष्कार से गुरेज भी नहीं कर रहे।


ऐसा ही एक मामला मंडला जिला के निवास थाना अंतर्गत का है, जिसमें  बिरादरी ने अंतरजातीय प्रेम विवाह करने वाले युगल एवं उसके माता-पिता का हुक्का पानी बंद कर उन्हें सामाजिक कार्यक्रमों में सम्मिलित ना होने का फरमान जारी किया है। सामाजिक बहिष्कार करने की सजा सुनाई है। युवक एवं उसके पिता ने निवास थाना में पहुंच कर अपने सामाजिक बहिष्कार की जानकारी दी एवं आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराई है और उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।



आपको बता दे की कृष्णा चक्रवर्ती पिता बिहारी लाल चक्रवर्ती जो कि निवास थाना अंतर्गत बम्हनी ग्राम का रहने वाला हैं उनका परिवार पिपरिया ग्राम में रहता है जहां पर कुछ दिन पहले उनके परिवार में परिवार के एक व्यक्ति का स्वर्गवास हो गया था। दुख के कार्यक्रम में बिहारी एवं उनका बेटा कृष्णा चक्रवर्ती पहुंचे जहां पर उन्हें कहा गया कि आप ने अंतर जाति से विवाह किया है इस वजह से चल रहे सामाजिक भोजन में शामिल नहीं किया जाएगा ना ही आपको समाज में शामिल किया गया था। और ना ही किया जाएगा आप का समाज से हुक्का पानी बंद रहेगा यह कहते हुए खाना की पत्तल से भगाकर उनका बहिष्कार किया गया वे दोनों पिता-पुत्र देर न करते हुए पत्तल सहित न्याय की गुहार लगाने निवास थाना में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे जहां पर उन्होंने अपनी शिकायत दर्ज कराई आप को बता दे की निवास थाना में पीड़ितों का मामला दर्ज हो गया है। निवास पुलिस प्रशासन संपूर्ण मामले की जांच में जुटा हुआ है।


 पूर्व में लगभग 30 गांव के पंचों ने अंतर्जातीय विवाह करने पर  70 हजार का लगाया था जुर्माना 


मिली जानकारी के अनुसार पूर्व में 1 अगस्त को चक्रवर्ती समाज की  महापंचायत बम्हनी ग्राम में बुलाई गई थी जिसमें लगभग 30 गांव का पंच लगभग 200 से 250 लोग एकत्रित हुए थे। पंचों के द्वारा सभी बातों को समझते हुए पंचों ने पीड़ित परिवार पर 70 हजार का जुर्माना भी लगाया था। इसके एक महीने बाद पीड़ित के कुटुंब परिवार में गमी हो गई उस गमी  के मृत्यु भोज कार्यक्रम सम्मिलित होने के लिए बिहारी लाल चक्रवर्ती एवं कृष्णा चक्रवर्ती पहुंचे तो उन्हें समाज में बैठने एवं साथ में खानपान करने से यह कहते हुए मना कर दिया गया कि उनका बेटा अंतरजातिय विवाह किया है इसलिए उन्हें समाज के साथ खाना खाने की इजाजत नहीं दी जाएगी एवं पीड़ितों को खाना की पर्सी हुई पत्तल से भगा दिया गया अतः पत्तल लेकर पीड़ित निवास थाना पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।


इनका कहना है 


मैं 11–6 –2021 को खुशबू साहू के साथ कोर्ट मैरिज किया था जिसके बाद समाज से तरह-तरह की बातें सुनने में आ रही थी मैंने समाज के सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार यह बात रखी थी मैंने कानूनन विवाह किया है समाज के सभी प्रतिष्ठित नागरिक एकत्रित होकर मेरे यहां भंडारा करें एवं मुझे समाज में सम्मिलित कर सम्मान दे गए जिसके लिए मैंने 1 अगस्त को अपने गृह ग्राम में समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सम्मान पूर्वक बुलाकर पंचायत आयोजित कराई जिसे मुझपर पंचों के द्वारा 70 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया उसके वाद पंचायत ने मुझे क्षमा दान देते हुए मेरे द्वारा कराया गया भंडारा भी किया एवं मुझे एवं मेरे परिवार को सभी जगह समाज में आने जाने की खानपान की अनुमति दी लेकिन जब मैं मेरे परिवार में हुए दुख में पहुंचा तो वही समाज के लोगों ने मेरा बहिष्कार कर मुझे खाते हुए खाने की पत्तल से भगा दिया और कहा कि तुम्हें समाज में सम्मिलित नहीं किया गया है ना ही किया जाएगा तुमने अंतर जाति विवाह किया है तुम समाज से बहिष्कृत रहोगे अतः मैं न्याय की गुहार लेकर निवास थाना पहुंचा एवं निवास थाना में आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराई एवं न्याय की मांग की है। यदि मुझे न्याय नहीं मिलता है तो मैं मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय एवं मानव अधिकार आयोग का दरवाजा भी खट खटाऊगा।






    पीड़ित 

    कृष्णा चक्रवर्ती

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