रेवांचल टाइम्स नैनपुर - भाई-बहन के अटूट प्रेम और पवित्र रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन नजदीक है लेकिन बाजार में पहले जैसी रौनक नहीं है। कोरोना काल का असर रक्षाबंधन पर दिखाई दे रहा है। दुकानदार हताश हैं। राखी की अभी ज्यादा बिक्री नहीं हो रही है। इस बार चीन की राखी बाजार से गायब है भाई-बहन के अटूट प्रेम और पवित्र रिश्ते का पर्व रक्षा बंधन नजदीक है, लेकिन बाजार में पहले जैसी रौनक नहीं है। कोरोना काल का असर रक्षाबंधन पर दिखाई दे रहा है। दुकानदार हताश हैं। राखी की अभी ज्यादा बिक्री नहीं हो रही है। इस बार चीन की राखी बाजार से गायब है।
वैश्विक महामारी का कारण बने कोरोना ने अन्य त्योहारों की तरह रक्षाबंधन को भी प्रभावित किया है। 22 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व मनाया जाएगा। अब ऐसे में राखी खरीदने के लिए 1 दिन शेष हैं, लेकिन राखी का बाजार मंदा है। बाजार में खरीदार कम है। फुटकर दुकानदार निराश हैं। राखी के स्थानीय थोक दुकानदार बताते हैं की बाजार में इस बार स्वदेशी राखी की बिक्री होनी है। कोलकाता की शुभ इंडियन और अहमदाबाद की जलाशिष और श्रीराधे की एक से बढ़कर एक सुंदर राखी बाजार में मौजूद है।वही इस बार 50 फीसद माल कब मंगवाया है। लोग बाजारों में कम निकल रहे हैं। इससे ऑनलाइन स्टोर से राखियों की खरीदारी की जा रही है।
दुकानदारों ने बताया हाल
व्यापारी राजेश चौरसिया ने कहा कि 1 दिन शेष बचे हैं लेकिन बाजार में राखियों की बिक्री उम्मीद के मुकाबले काफी कम है। कोरोना के कारण बार मंदा है। हालांकि बहनें राखी खरीद रही हैं लेकिन पहले जैसी बात नहीं है। महंगी राखी के खरीदार कम हैं। 10 से लेकर 50 रुपये तक की राखी बिक रही है। केवल बुधवार को ही दुकान में खरीददारी अच्छे से हुई लेकिन उसके बाद हाल बेहाल है।
नैनपुर से राजा विश्वकर्मा की रिपोर्ट


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