रेवांचल टाइम्स - जिंदगी का सफर कब किसका आखरी सफर हो जाए कोई नही जानता इलाज के लिए रीवा से नागपुर जा रहे जय लाल पटेल 45 वर्ष का सफर भी अंतिम सफर हुआ जब रीवा से जबलपुर आकर गाड़ी जबलपुर से निकल कर नैनपुर रवाना हुई तो ट्रेन में जयलाल की सांसे थम गई ग्वारी घाट क्छपुरा के बीच की इस घटना के बाद तत्काल कंट्रोल रूम को खबर की गई किंतु नैनपुर में ही डॉक्टर उपलब्ध होंगे ये कह कर ट्रेन को नैनपुर तक लाया गया देर रात शव को नैनपुर में उतारा गया तीन डॉक्टर की पैनल ने शव को चेक किया जिस में मौत होना बताया गया रेलवे जी आर पी से मोबाइल पर घटना की सूचना पत्रकार दीपक शर्मा के पास आई अल सुबह निजी एंबुलेंस से शव को रवाना किया गया शव के साथ पत्नि कलावती और नाबालिक बच्चा था जिस के पास आर्थिक अभाव भी था इस वक्त नैनपुर थाना प्रभारी आर एम दुबे, आर पी थाना प्रभारी सिंह, आर पी एफ थाना प्रभारी पांडे आगे आए और आर्थिक सहायता कर निजी एम्बुलेंस में डीजल भरा के शव को घर ग्राम कुइया थाना मंनगवा जिला रीवा रवाना किया गया दुखद घटना का पहलू यह रहा की इलाज के पहले सास थम गई जी आर पी के अनिल बोपचे की मदद भी सराहनीय रही देखा जाता है अक्सर स्टेशन में ऐसे मौत हो जाती है और आर्थिक अभाव पीड़ित के पास होता है रेलवे विभाग को इस दिशा में निर्णायक भूमिका निभाई जानी चाहिए।
नैनपुर से राजा विश्वकर्मा की रिपोर्ट


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