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सिटी, मेट्रो, अनंत एवं स्वास्तिक हॉस्पिटल की मान्यता रद्द हाईकोर्ट के निर्देश पर सीजीएचएस की बड़ी कार्रवाई...

 


रेवांचल टाईम्स - जबलपुर, सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) ने शहर के चार हॉस्पिटलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी मान्यता रद्द करते हुए, बैंक गारंटी जब्त करने के निर्देश दिए हैं, इसके  साथ ही कोरोना काल में सीजीएचएस लाभार्थियों से वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस देने के निर्देश जारी किए। यह निर्देश शहर के सिटी हास्पिटल, मेट्रो हॉस्पिटल, स्वास्तिक हॉस्पिटल एवं अनंत हॉस्पिटल की सीजीएचएस द्वारा जांच में दोषी पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। ज्ञात हो कि मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस अतुल श्रीधरन की डिवीजन बैंच ने सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) के डायरेक्टर को करीब 3 माह पूर्व निर्देश दिए थे कि जबलपुर के निजी अस्पतालों में सीजीएचएस मरीजों का कैशलेस इलाज नहीं किए जाने की शिकायत की जाँच कर कार्रवाई की जाए। डिवीजन बैंच ने याचिका का निराकरण करते हुए याचिकाकर्ता को निर्देश दिया है कि वे सीजीएचएस डायरेक्टर के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करें।


      यह है मामला

        यह जनहित याचिका सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा ने दायर की थी। याचिका में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण के दौरान जबलपुर के निजी अस्पताल सीजीएचएस के अंतर्गत आने वाले मरीजों का कैशलेस इलाज नहीं कर रहे हैं। सीजीएचएस की एडवांस राशि जमा कराकर इलाज करने वाले
सिटी हास्पिटल, मेट्रो, स्वास्तिक व अनंत हॉस्पिटल की लिखित शिकायत सीजीएचएस के एडीशनल डायरेक्टर से की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि एडीशनल डायरेक्टर की निजी अस्पतालों के साथ मिलीभगत है, इसके कारण निजी अस्पतालों के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की गई।

कैशलेस इलाज से मना नहीं कर सकते निजी अस्पताल

अधिवक्ता अजय रायजादा और अभिमन्यु सिंह ने तर्क दिया कि निजी अस्पताल सीजीएचएस के मरीजों का कैशलेस इलाज करने से मना नहीं कर सकते। कोरोना आपदा के दौरान निजी अस्पताल सीजीएचएस के मरीजों से एडवांस राशि माँग रहे हैं। सुनवाई के बाद डिवीजन बैंच ने सीजीएचएस डायरेक्टर को निजी अस्पतालों के खिलाफ जाँच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

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