यह है मामला
यह जनहित याचिका सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा ने दायर की थी। याचिका में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण के दौरान जबलपुर के निजी अस्पताल सीजीएचएस के अंतर्गत आने वाले मरीजों का कैशलेस इलाज नहीं कर रहे हैं। सीजीएचएस की एडवांस राशि जमा कराकर इलाज करने वाले
सिटी हास्पिटल, मेट्रो, स्वास्तिक व अनंत हॉस्पिटल की लिखित शिकायत सीजीएचएस के एडीशनल डायरेक्टर से की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि एडीशनल डायरेक्टर की निजी अस्पतालों के साथ मिलीभगत है, इसके कारण निजी अस्पतालों के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की गई।
कैशलेस इलाज से मना नहीं कर सकते निजी अस्पताल
अधिवक्ता अजय रायजादा और अभिमन्यु सिंह ने तर्क दिया कि निजी अस्पताल सीजीएचएस के मरीजों का कैशलेस इलाज करने से मना नहीं कर सकते। कोरोना आपदा के दौरान निजी अस्पताल सीजीएचएस के मरीजों से एडवांस राशि माँग रहे हैं। सुनवाई के बाद डिवीजन बैंच ने सीजीएचएस डायरेक्टर को निजी अस्पतालों के खिलाफ जाँच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

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