भष्टाचार की भेंट चढ़ी कान्हीवाडा पंचायत...लेटलतीफी और घटिया सामग्री से हो रहा बस स्टैंड का निर्माण... - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

Wednesday, August 25, 2021

भष्टाचार की भेंट चढ़ी कान्हीवाडा पंचायत...लेटलतीफी और घटिया सामग्री से हो रहा बस स्टैंड का निर्माण...



रेवांचल टाईम्स - पुरा ममाला जनपद पंचायत सिवनी के अन्तर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कान्हीवाडा का है। जो  पूर्व से ही जिला प्रशासन एवं अखबारों की सुर्खियों में विवादित रूप से संज्ञान में है इसके बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों का मौन रहना जैसे मानो  राम की चिड़िया राम का खेत, खाओ री चिडिया भर भर पेट  ग्राम पंचायत कान्हीवाडा में भ्रष्टाचार की गंगा बह रही है। राम की चिड़िया राम का खेत, खाओ री चिड़िया भर भर पेट की तर्ज पर पंचायत के जनप्रतिनिधियों और कर्मचारी लगातार भ्रष्टाचार की गंगा में अपने हाथ धो रहे हैं। 

पुर्व से ही पंचायत जिला प्रशासन के संज्ञान में है .....




        भ्रष्टाचार के मामले में सरपंच लक्ष्मीनारायण और रोजगार सहायक मुकसिद खान के खिलाफ जांच चल रही है।


 उसकी कोई जांच रिपोर्ट या की गई कार्रवाई अभी तक  अधिकारियों द्वारा सार्वजनिक  नहीं किया गया है।ऐसा लगता है ले देकर मामला दबाया जा रहा क्या इसमें कईयों की जेब मोटी हुई यह  बड़ा सवाल है। अभी कान्हीवाड़ा में स्मार्ट विलेज योजना के तहत  50,00000(पचास लाख) रुपए की लागत से बस स्टैंड और कांप्लेक्स निर्माण कार्य किया जा रहा है। जिसका ठेकेदार  सरपंच लक्ष्मी नारायण यादव के भतीजे  सौरभ उर्फ गोलू यादव और  पार्टनर ग्राम पंचायत  उप सरपंच अब्दुल माजिद शहजादे बताये जा रहा है। इस पूरे निर्माण कार्य में जमकर  लीपापोती की जा रही है।




घटिया सामग्री का किया जा रहा है उपयोग.....


 घटिया स्तर की मिट्टी मिक्स काली  रेत,  कम मात्रा में सीमेंट, लोहा गिट्टी इस्तेमाल किए जा रहे हैं सबसे बडी बात यह पूरा  कार्य लापरवाही और भ्रष्टाचार के चलते बेहद कछुआ गति से हो रहा है। जबकि उसे अब तक पूरा.हो जाना चाहिए था। ठेकेदार के चाचा और गांव के सरपंच है तो वहीं ठेकेदार स्वयं  साथ में पार्टनर उपसरपंच का साथ है ऐसे में तगड़ी सेटिंग के चलते नियम विरुद्ध कार्य कराया जा रहा है ।जमकर चूना लगाया जा रहा है ।ऐसा लगता है मानो इसमें  अधिकारियों  की.भी बड़ी मिलीभगत है। और उन्हें अच्छा मोटा हिस्सा पहुंचता है। तभी तो सब आंखें मूंद राम भरोसे काम कर रहे हैं।   किसी को कुछ दिख नहीं रहा है। किसी को कोई लेना देना नहीं है। क्षेत्र में सभी लोग चारों यही कहते दिख रहे हैं ।


ग्रामीणों का कहना या नारा...

         कि राम की चिड़िया राम का खेत खाली चिड़िया भर भर पेट।

No comments:

Post a Comment