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Friday, July 2, 2021

नगर परिषद बिछिया की तानाशाही रवैया, निजी स्वार्थ के चलते बिना सूचना दिए तोड़ दिया सार्वजनिक शौचालय...







रेवांचल टाईम्स - मंडला आये दिन अपने ताना शाह रवैये के चक्कर मे भुआ बिछिया की नगर पंचायत जानी जाती है। सारे नियमों की धज्जियाँ उड़ते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी अपने अपने निजी स्वार्थ और अच्छी कमीशन के चलते अपने चहेतों को फायदा पहुँचाने में कोई कमी नही कर रहे है चाहे वह सड़क निर्माण हो या नाली निर्माण हो नगर पंचायत के सभी वार्डो में जो काम चल रहा है उनमें तो अधिकांश कामो की जानकारी स्थानीय पार्षद और वहा रहने वाली जनता तक को पता नही चलता कि कौन सा काम की कब निविदा निकल गई और किसको मिल गया ये केवल अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को ही पता होता है और नगर के विकास में जो काम कराए जा रहे है मोटी कमीशन के चलते गुणवत्ता विहीन कार्य कराया जा रहा है जो निर्माण कार्य वर्तमान में चल रहै है वह अपनी गुणवत्ता खुद ही बखान कर रहे है वही परिषद में पदस्थ उपयंत्रियों को भी कोई लेना देना नही है बस उन्हें भी अपने हिस्से का कमीशन मिल जाये गुणवत्ता को कौन पूछने वाला है।

     वही इन निर्माण कार्यो की जानकारी लेना चाहें तो कोई भी बताने को तैयार नही अगर जानकारी सूचना अधिकार से मांगी जाए तो भी नही मिलती इस नगर पंचायत में जब से अध्यक्ष बिरजेंद्र सिंह कोकड़िया ने कार्यभार सँभाला है तब से शासन की योजनाओं और राशियों का बंदरबाट हो रही है पूर्व में स्थानीय लोगो के द्वारा अनेक भ्रष्टाचार गबन की शिकायतें की पर आजतक जाँच हुई और हुई तो क्या हुई ये आजतक किसी को पता नही वही अब धीरे धीरे लोगो मे इनके प्रति आक्रोश पनप रहा है।

         वही जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को सब पता होने के बाद भी कुछ न होना ये आदिवासी जिले का दुर्भाग्य है। इस नगर पंचायत में सब गोलमाल है इसी कारण अब कोई सामने बोलने को भी तैय्यार नही है वही नगर पंचायत का एक और मामला सामने आया है जहाँ दर्जन भर परिवारो के सामने शौच व शौचालय का संकट खड़ा हो गया जहाँ पर नगर परिषद बिछिया के तानाशाही रवैये से नगरवासी आये दिन लगातार परेशान हो रहे है। वही नगर परिषद के तानाशाही रवैये का शिकार वार्ड नम्बर 03 के एक दर्जन से ज्यादा परिवार हुए है। अगर नगर परिषद के मुख्य अधिकारी सीएमओ अपने दर्जन भर कर्मचारियों के साथ आकर तानाशाह की तरह और बिना सूचना के सार्वजनिक शौचालय को तोड़ दिया जाए तो इसे तानाशाह ही कहा जा सकता है वही अब इन दर्जनों लोगों के सामने एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है जहाँ एक तरफ सरकार कह रही है कि हर घर मे शौचालय बना हो किसी भी को बाहर नही जाना है पर नगर परिषद बिछिया मे कुछ हो सकता है अपने निजी स्वर्थ के लिए ये कुछ भी कर सकते है जबकि नगर परिषद के हर अधिकारी कर्मचारी को पता था कि उस शौचालय का उपयोग करीब एक दर्जन से ज्यादा परिवार कर रहे हैं फिर भी जानबूझकर अधिकारी सामने खड़े होकर शौचालय को तोड़वा दिया गया। ये कहा तक सही है, स्थानिए लोग और पीड़ित परिवार वाले लगातार शौचालय तोड़ने आये अधिकारी कर्मचारियों से निवेदन करते रहे पर कोई अधिकारी कर्मचारी इन ग़रीबो की सुनने को तैयार नही थे। वही इस बात की जानकारी वार्ड पार्षद श्रीमती ज्योति अशोक नानकानी के जानकारी थी कि इस शौचालय का उपयोग लगातार लोगो के द्वारा किया जा रहा है, और एक दर्जन से ज्यादा परिवार इस सार्वजनिक शौचालय का उपयोग कर रहे है  इतना सब पता होने के बाद भी शौचालय उपयोग करने वाले परिवारों को बिना सूचना दिए ही तोड़ दिया गया। आज इन परिवारों के सामने एक बड़ा संकट गहरा गया है शौच के लिए कोई शौचालय की कोई सुविधा नही है इन सभी परिवारों में बड़े बुजुर्ग  महिला, बच्चे सब शामिल है वही वतर्मान में बारिश का समय है ये शौच के लिए लोग कहाँ जाएंगे ये बहुत बड़ा संकट पैदा हो गया है और ये बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय भी हैं की नगर परिषद के तानाशाही रवैये से अशान्ति और तनाव का माहौल पैदा हो चुका है चीज़ों को बनाने और सुधारने की जगह नगर परिषद भुआ बिछिया लोगो को आपस मे लड़वाने का काम कर रही है। जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।


नगर परिषद द्वारा स्थाई या अस्थाई शौचालय की व्यवस्था नही की गई तो नगर परिषद कार्यालय में सभी परिवारों के द्वारा अनिश्चित कालीन धरना दी जाएगी- पीड़ित परिवार


       आपको बता दे की जो इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से पीड़ित परिवारों वालो का कहना है कि अगर एक दो दिन में हमारे लिए स्थाई या आस्थाई रूप से शौचालय की व्यवस्था नही की गई तो जितने भी पीड़ित परिवार है उन सभी परिवारों के सदस्यों द्वारा नगर परिषद कार्यालय में धरना दिया जाएगा। क्योंकि नगर परिषद द्वारा बिना सूचना दिए शौचालय को तोड़ दिया गया अगर उस शौचालय का उपयोग करने वालों को नगर परिषद के द्वारा कोई सूचना दी जाती तो उस शौचालय को उपयोग में लाने वाले सभी परिवार अपनी कुछ व्यवस्था कर लिए होते लेकिन नगर परिषद के तरफ से किसी भी प्रकार की सूचना नही दि गई और अचानक आकर शौचालय तोड़ दिया गया अब पीड़ित परिवारो के सामने शौच करने की संकट पैदा हो गया है। लोग यहाँ वहाँ भटक रहे है।


निजी भूमि से सड़क निकलवाने के नाम पर मोहल्ले वासियो से लिया गया है मोटी रकम-सूत्र...


वही सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार निजी भूमि से सड़क निकलवाने के नाम पर मोहल्ले वासियों ने उस मोहल्ले के सभी परिवारो से राशि इकठ्ठा कर नगर परिषद के दैनिक वेतन भोगी इंजीनियर माध्यम से राशि दिया गया है वही जब इंजीनियर और मोहल्ले वासियों की डील हुई तो इंजीनियर साब का कहना था आप लोग राशि इकठ्ठा कर मुझे दे दीजिए मैं नगर परिषद में सब कुछ संभाल लूंगा आप लोग सब मेरा साथ दीजिये बाकी हम सम्भल लेंगे, पर इसमे क्या सच्चाई है ये तो जांच का विषय है सूत्रों की मानो तो यह रकम दो लाख के आसपास है सूत्र यह भी बताते है इसमे बहुत लंबी डील हुई है और दैनिक वेतन भोगी इंजीनियर लगातार नगर के अनेकों जगह पर कई लेनदेन की हरकत करते आये है वही सूत्रों का कहना है नगरी क्षेत्र में मकान बनाने के लिए अनुमति लेने के लिए जो आवेदन दिया जाता है उस आवेदन के साथ अनुमति देने के नाम पर आवेदक से मोटी रकम लेकर दैनिक वेतन भोगी इंजिनियर उस आवेदन को बालाघाट के किसी अपने मित्र इंजीनियर को दे दिया जाता है बताया जा रहा है जब से दैनिक वेतन भोगी इंजीनियर नगर परिषद बिछिया में आये तब से मकान अनुमति के आधे ज्यादा आवेदन बालाघाट भेजा जाता है जबकि अनुमति नगर परिषद बिछिया और लगभग सारा अप्रूबल भोपाल से ही मिलता है लेकिन कमीशन के चक्कर मे आवेदन को यहाँ वहाँ जाता है।


इनका कहना है


★बिछिया शौचालय मुक्त हो चुका है जो शौचालय तोड़ा गया है उसका उपयोग कोई नही कर रहा था और जर्जर स्थिति में भी थी साथ ही नगर परिषद का प्रस्ताव भी था उसे हटाने का।


संजय निरूला

मुख्य नगर पालिका अधिकारी

बिछिया जिला मण्डला


★ शौचालय सावर्जनिक था इसका उपयोग वहाँ के कुछ लोग करते थे जब शौचालय तोड़ने की बात हो रही थी तो मैंने बना कर दिया था अभी बारिश है। जब 181में शिकायत हुई तो मैंने चार शौचालय में से दो या तीन तोड़ने के लिए बोला था एक शौचालय को मत तोड़ना। पर मेरे गैर मौजूदगी में तोड़ दिया गया।


ज्योति अशोक नानकानी 

वार्ड पार्षद 03 भुआबिछिया

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