रेवांचल टाइम्स - जिले में कोरोना वायरस क़े लगातार मामले कम होते जा रहे हैं, जिसके बाद राज्य सरकारों के द्वारा लगाए गए लोग डाउन में ढील देना शुरू कर दिया है ढील मिलने के बाद बाजारों में भीड़ उमड़ रही है- और सोशल डिस्टेंस ब कोरोना प्रोटोकॉल की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है मजे की बात तो यह है कि सब्जी मंडी से चंद कदमों की दूरी पर ग्राम पंचायत मौजूद है इसके बावजूद भी लोगों में किसी भी प्रकार का भय नहीं है चाहे वह पुलिस हो या फिर प्रशासन इसी बीच एम्स के निदेशक ने लोगों को कोरोना के बढ़ते खतरे के बारे में आगाह किया है, कि अगस्त में तीसरी लहर आ सकती है और यह माह सितंबर में यह पीक पर होगी और यदि ऐसे ही लापरवाही रही तो यह हमारे लिए भारी महंगी पड़ सकती है इधर आलम यह है कि जिले में अप्रैल और मई माह में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने कहर बरपाया था हालत यह थे कि अस्पतालों में मरीजों को जगह तक नहीं मिल पा रही थी वही ऑक्सीजन की कमी से लोगों की जान जा रही थी जून माह में कोरोना की रफ्तार थमते ही प्रशासन ने शर्तों के तहत बाजार पूरी तरह से खोलने के आदेश जारी कर दिए हैं जारी आदेश में नियमों का पालन नहीं हो रहा है इस ओर स्थानीय प्रशासन वाह जिला प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है जिस कारण आज ग्राम अंजनिया की सप्ताहिक बाजार में कपड़ा मार्केट, सब्जी दुकान, प्रसाधन सामग्री, ज्वेलर्स दुकान, मैं बेतहाशा भीड़ उमड़ रही है और शारीरिक दूरी का उल्लंघन होता नजर आया औसतन हर 10 में 4 लोग बिना मास्क के थे तमाम दुकानदार भी बिना मास्क की ही बिक्री करते नजर आए।
और इधर अनदेखी से मछलियों का बाजार गुलजार : मतस्य विभाग की अनदेखी के कारण आज ग्राम अंजनिया की सप्ताहिक बाजार में भारी मात्रा में मछली बिक रही है, विभाग का एक भी कर्मचारी मछली बाजार का निरीक्षण नहीं कर रहा है। यही कारण है कि जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में मछलियां खुलेआम बिक रही है। और विभाग मूकदर्शक बनकर शांत बैठा हुआ है। इस वजह से धड़ल्ले से मछलियों का शिकार कर बाजार में पर्याप्त मात्रा में मछलियां उपलब्ध कराई जा रही है। अब सवाल यह है कि माह 15 जून से- 15 अगस्त तक मछलियों के शिकार पर प्रतिबंध है तो कहां से मछलियां बाजार में उपलब्ध हो रही है.।


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