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Saturday, July 3, 2021

आखिर क्यों नही हो रही कार्यवाही माइनिंग अधिकारी मेहमान साहू स्टोन क्रेशर की अबैध खुदाई पर शिकायत के बाद भी नही कोई कार्यवाही...

 




रेवांचल टाईम्स - नारायणगंज की ग्राम पंचायत अमदरा के अंतर्गत संचालित साहू स्टोन क्रेशर लगातार चल रही है अबैध खुदाई जिला प्रशासन से मिली अनुमति से भी अधिक कर डाली है खुदाई 30 से 40 फीट से भी गहरा बना डाली खाई ब्लास्टिंग कर रहा निकल रहे है पत्थर इस अबैध खुदाई के चलते अब धीरे धीरे ग्राम में आक्रोश पनप रहा वही ग्रामीणों के सामने अनेक समस्याओं आ रही इस क्रेशर से पेयजल स्रोत तक हो रहे खत्म नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है साहू स्टोन क्रेशर के संचालक

       वही दिन दिन इस स्टोन क्रेशर से  प्रदूषण बढ़ रहा है अनेक प्रकार की बीमारियां हो रही लोगों के स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा




- वन विभाग द्वारा लगाए गए पेड़ों को पहुंचायी गई क्षति


नारायणणगंज आदिवासी बाहुल्य  मंडला जिले में दर्जनों क्रेशर ऐसे है जो लगातार प्रशासन की अनदेखी के कारण नियम विरुद्ध संचालित हो रहे है। जिला प्रशासन को सब कुछ पता होने के बाद भी मनमानी कर रहे क्रेशर संचालकों पर कोई कार्यवाही नही की जा रही है। कुछ ऐसा ही मामला नारायणगंज जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत अमदरा ( नारायणगंज) में सामने आया है जहाँ पर साहू स्टोन क्रेशर में विभाग से मिली अनुमति का खुला उलंघन संचालक के द्वारा की जा रही है  वही स्थानीय लोगों ने बताया की क्रेशर संचालकों की मनमानी इतना बढ़ गया है की नियम विरुद्ध लगातार रात दिन क्रेशर चालू रहते है प्रदूषण बोर्ड का बार-बार हवाला दिया जाता है पर क्रेशर मालिको ने प्रदूषण बोर्ड के नियमों धज्जियाँ उड़ा रहे है साथ ही क्रेशर संचालन के लिए जगह जगह मनमाने तरीके से खाई बना दी है क्रेशर चलने से चारों तरफ डस्ट की धुंआ ही धुंआ छाया रहता है आसपास के ग्रामीण परेशान है बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।


आसपास की कृषि भूमि बंजर में तब्दील


वही स्थानीय लोगो ने बताया है की जब से क्रेशर संचालित है तब से लेकर अब तक आसपास की दर्जनों एकड़ कृषि भूमि बंजर में तब्दील हो गईं है यह भूमि फसल उगाने लायक नही बची। क्योंकि डस्ट इतना उड़ता है की परत दर परत जमता रहता है जिससे खेतो की नमी और उर्वरक क्षमता खत्म हो जाती है। क्रेशर के आसपास कोई फसल लगाया ही नही जा सकता है जबकि क्रेशर के आसपास खेती योग्य भूमि है खेत भी बने हुए है और फसल भी लगाई जाती है पर अंत मे किसान को इन खेतो से सिर्फ भूसा ही मिलता है साथ ही ये साहू स्टोन क्रेशर के बिल्कुल नजदीक है नदी बह रही है जिसे क्रेसर से उड़ती डस्ट लगातार नदी को भी दूषित कर रहे है।


         वही आपको बता दे कि आज से 5 से 6 साल पहले क्रेशरो के आसपास छोटे-छोटे जंगल भी हुआ करता था और आज भी क्रेशर के आसपास वन भूमि है जहाँ पर विभाग के द्वारा वृक्षारोपण किया जा रहा पर और आसपास पूरा जंगल लगा हुआ है और क्रेशर के द्वारा बनाई गई खाई से जंगली जानवरों को भी खतरा बना हुआ है लेकिन आज कि स्थिति ऐसी है कि आपको अब धीरे धीरे जंगली जानवर नही मिलेंगे और क्रेशर के कारण जंगल का पतन होता आ रहा। है जब से ये क्रेशर संचालित है। 


क्रेशर संचालक जिला प्रशासन के शह पर नियमो की धज्जियाँ उड़ा रहे है। जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए है।



क्रेशर संचालक के द्वारा पत्थर के लालच में 30 से 40 फ़ीट ब्लास्टिंग कर समतल को भूमि बना दिये खाई आपको बता दे कि पत्थर निकालने के लालच में क्रेशर मालिकों ने स्थानीय लोगो के लिए अनेक प्रकार समस्या उत्पन्न कर चुके है सूत्रों की मुताबिक ग्राम पंचायत अमदरी में ब्लास्टिंग के कारण दूर-दूर तक पानी का स्रोत भी खत्म होता जा रहा है पंचायत के कुछ सार्वजनिक कुआँ , नाले है जो पूरी तरह सूख चुके है स्थानीय लोगो ने ये भी बताया कि अमदरी में संचालित क्रेसर में लगातार ब्लास्टिंग के कंपन कारण कई घरों के दीवार पर भी हल्की फुल्की दरारे पढ़ गई है। क्रेशर मालिक अपनी मोटी कमाई और मनमानी के चलते हजारों लोगो के जीवन को संकट में डाल दिये है जानकारों के माने तो अगर इसी तरह लगातार ब्लास्टिंग हुई तो इस क्षेत्र में पानी जंगलो पर बेहद गहरा संकट गहरा जा सकता। 


 स्टोन क्रेशर में कार्य कर रहे मज़दूरों की सुरक्षा के नही है कोई पुख्ता इंतजाम लापरवाही से मजदूर कर रहे है क्रेशर में काम और एन जी टी के नियमो का भी हो रहा है उल्लंघन


   वही स्थानीय लोगो ने बताया कि क्रेशर के आसपास 4 से 5 किलोमीटर दूरी से सरकारी एव निजी भूमि से जगह-जगह पर पत्थर निकालने के चक्कर मे खोद कर समतल भूमि को खाई में तब्दील कर दिए है जिससे अनेक प्रकार की समस्या पैदा हो गई है इन खाईयो में कई बार गाय भैस जंगली जानवरों का गिरने का  भी खतरा बना हुआ है हमेशा ऐसे बड़े हादसा होने की संभावनाऐ बनी रहती है ये भी देखा गया है कि क्रेशर के दोनों तरफ जहां पेड़ हुआ करते है अब वो पेड़ भी तेजी से नही पनप रहे। 


   वही क्रेशर संचालन के दोनों तरफ वन भूमि है और वन भूमि के द्वारा बनाये गए मुनारे को संचालक ने अपनी हद में कर लिया है जंगल विभाग ने जो नियम बनाये है कि मुनारे से लगभग 200 मीटर तक किसी भी प्रकार का निर्माण और खुदाई कार्य नही किया जा सकता पर 200 मीटर के अंदर ही क्रेशर संचालक के द्वारा 30 से 40 फिट तक कि खुदाई कर दी है वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार विभाग के द्वारा मात्र 6 मीटर की अनुमति प्रदान की गई पर प्राप्त अनुमति से अधिक खुदाई करने पर किसको क्या पड़ी है कि जाके देखे और नियमो को ताक में रख कर कर रहे कार्यो की समीक्षा करे जिस्से अबैध कार्य करने वालो पर प्रशासन का डर बना रहे पर चंद रुपयों की लालच में अपना ईमान धर्म और कर्म भूल कर केवल पैसा को ही महत्व दिया जा रहा है जिस्से अबैध कार्य करने वाले माफियाओं में जिला प्रशासन का कोई डर नजर नही आ रहा है।


इनका कहना है

           इस अंधाधुंध क्रेसर संचालन से उड़ रहे धूल डस्ट के कारण आसपास के हमारे खेतों में फसल नहीं उपज पा रहा है जिससे हमारी आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है।पारिवारिक जीवन संकट में है।

                          तेजभान वरकड़े 

                          स्थानीय ग्रामीण


        गिट्टी परिवहन कर रहे भारी वाहनों के कारण अमदरा मझगांव से नारायणगंज पहुंच मार्ग विगत वर्ष ही बना था जिसके पुनः परखच्चे उड़ गए आवागमन में ग्रामीण जनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

                              वंदना मरावी 

                     सामाजिक कार्यकर्ता मझगांव


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