रेवांचल टाइम्स - निवास विधायक ने लिया मामले को संज्ञान मे लड़ेंगे मजदूरों के लिए लड़ाई हेतु सिंह धुर्वे पिता भद्दी लाल धुर्वे ग्राम भवरदा विनायक कंपनी में कार्यरत था। दिनांक 5 जुलाई दिन सोमवार को विनायक कंपनी में बोरियों के बंडल में दब गया जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी, गले की हड्डी एवं पसली टूट जाने से इलाज के लिए उसे अस्पताल ले जाया गया। जबलपुर अस्पताल से फैक्ट्री मालिक द्वारा झूठी कोरोना रिपोर्ट बनवाकर मेडिकल जबलपुर रेफर कराया गया। जबकि मामला दुर्घटना का है। शव भी परिजनों को नहीं दिया जा रहा। परिवार के लोग पोस्टमार्टम कराना चाहते हैं और शव को अपने ग्राम लाना चाहते हैं। फैक्टरी प्रशासन की मिलीभगत से यह सब षड्यंत्र रचा गया है।
उक्त जानकारी आज सुबह विधायक निवास डा अशोक मर्सकोले को मिली। उन्होंने तुरंत
संज्ञान में लेते हुए , इसकी गंभीरता को समझते हुए, तुरंत डीन मेडिकल कॉलेज डा प्रदीप कसार, कमिश्नर बी चंद्रशेखर, डीएम मंडला हर्षिका सिंह, एसपी मंडला यशवंत सिंह राजपूत, श्रम अधिकारी मंडला जितेंद्र मेश्राम, डी आई एच एस मंडला डी के चौबे जी से बात कर जानकारी दी। तुरंत सभी अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए, पहले डीन डा कसार ने जबलपुर हॉस्पिटल से कोरोना मरीज़ के आधार पर मेडिकल कालेज रैफर किया था जहां उसकी मृत्यु हुई। जिसको कोरोना गाइड लाइन पर उसका अंतिम संस्कार बिना पोस्टमार्टम के होने के आशंका से पूरे मेडिकल एविडेंस खत्म करने के साजिश भी हो सकती थी।
अतः चूंकि मामला फैक्ट्री में काम करते समय बोरियों से दबकर चोट आना और फैक्ट्री प्रशासन द्वारा लोकल प्रशासन पुलिस और अस्पताल श्रम विभाग को बिना सूचना दिए जबलपुर ले गए।
वहां एमएलसी हुआ कि नहीं पता नही,
कोरोना टेस्ट पॉजिटिव कोई प्लानिंग साजिश रफा दफा करने की तो नहीं,
अगर कोरोना पॉजिटिव था तो फैक्ट्री में उस सेक्शन को लॉक कर साथी कर्मचारियों कि कोरोना जांच हुई कि नहीं???
फैक्ट्री मालिक द्वारा श्रम विभाग को घटना की नियमनुसार जानकारी क्यों नहीं दी गई। जैसा विभाग के अधिकारियों ने अनभिज्ञ जानकारी दी।
सारी जानकारी लगने पर विधायक द्वारा बात करने पर कमिश्नर और डीन ने पूरे मामले की छानबीन और जॉच की बात कर बॉडी का पोस्ट मार्टम करवाया, जिसमें गर्दन की हड्डी टूटने से मौत होना पाया गया। कोरोना सैंपल फिर से कराया जिसकी रिपोर्ट एक दो दिन में आयेगी।
फैक्ट्री मालिक की साक्ष्य छुपाने और प्रशासन से जानकारी छुपाने पर जवाब- तलब की बात कही।
पोस्ट मार्टम के बाद अंतिम संस्कार कोरोना गाइडलाइन से जबलपुर में हुआ।
इस पूरे मामले में जरा भी देरी होती और विधायक डॉ मर्सकोले ख़ुद इस मामले में सक्रिय नहीं होते तो उसका बिना जांच पोस्ट मार्टम के अंतिम संस्कार हो जाता, फिर कोई साक्ष्य नहीं मिल पाते।
फैक्ट्री के मालिक की इस मामले को दबाना चाहते थे।
यह जॉच का विषय होना चाहिए कमिश्नर बी चंद्रशेखर जी ने मामले को गंभीर मानते हुए विधायक को आश्वस्त किया कि पूरे प्रकरण की जांच होगी।
विधायक की सजगता सतर्कता और समय पर अधिकारियों से बात कर मामले और पूरे प्रकरण पर जांच से परिजनों को इंसाफ मिलेगा,
मनेरी क्षेत्र के पदाधिकारी घनश्याम सूर्यवंशी, गोलू पटेल, सरपंच सेव सिंह मरकाम और ग्रामवासी परिजनों के साथ विधायक प्रतिनिधि के रूप में जबलपुर पहुंचकर पूरे मामले को संभाला और हर पल की जानकारी विधायक को देते रहे, विधायक अधिकारियो से बात करते रहें जांच करवाया, इंसाफ मिलेगा इसका वादा किया।
रेवांचल टाइम्स निवास से देवेंद्र चौधरी की रिपोर्ट

No comments:
Post a Comment