आवारा गाय सड़क पर बैठ कर दे रहे दुर्घटनाओं को आमंत्रण, बेफिक्र पशु मालिकों पर हो कार्यवाही - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

 आवश्कता है  आवश्कता है ....

रेवांचल टाईम्स समाचार पत्र एव वेव पोर्टल में मध्यप्रदेश के सभी संभाग, जिला, तहसील, विकास खंडों, में संवाददाताओं की एंव विज्ञापनों व खबरों से सबंधित व्यक्ति संपर्क करें इन नम्बरों में 👉 9406771592/ 9425117297/ 8770297430/9165745947

Saturday, July 10, 2021

आवारा गाय सड़क पर बैठ कर दे रहे दुर्घटनाओं को आमंत्रण, बेफिक्र पशु मालिकों पर हो कार्यवाही




रेवांचल टाइम्स :- नैनपुर नगर के मुख्य मार्गों में बीच सड़क पर बैठे आवारा पशु दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं। जबकि अनेकों बार बीच सड़क पर बैठे जानवर हादसों का शिकार हुये फिर भी कोई अंतर नहीं आया। बीच सड़क पर बैठे आवारा पशुओं के कारण नगर में कई बड़े हाथ से हो चुके हैं एवं प्रतीदिन दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। वाहन चालकों का कहना है कि रात के समय सबसे ज्यादा समस्या होती है जब ये जानवर जो काले रंग के होते हैं वह अचानक दिखाई नहीं देते जिसके कारण दुर्घटना हो जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादतर जानवर कम बैठे रहते हैं, लेकिन नगरीय क्षेत्र के मार्गों में चारों तरफ सड़कों में आवारा पशु बीच सड़क पर बैठे आसानी से देख सकते हैं। दिन के समय अनेकों बार नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा आवारा पशुओं को काला जाता है एवं कई बार कांजी हाउस में भी कैद किया जाता है लेकिन सड़क पर बैठ रहे आवारा पशुओं का जमावड़ा कम होता नजर नहीं आ रहा। 

आवारा पशुओं को लेकर कोई भी पुख्ता बंदोबस्त या प्लानिंग नहीं की गई जिसके कारण आज भी बीच सड़क पर जानवर बैठ कर दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं।


नैनपुर नगर में आवारा पशु लोगों के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं। राह चलते कब, कहां और कौन इनके कारण चोट खा जाए, नहीं कहा जा सकता। बुजुर्गों, बच्चों के लिए सबसे बड़ा खतरा आवारा पशु बन चुके हैं। किसान के लिए किसानों की गाढ़ी कमाई को छुट्टा जानवर चट कर रहे हैं। खेतों में खड़ी फसलों को मवेशियों के झुंड पहुंचकर नष्ट कर देते हैं।


खेती-किसानी के लिए समस्या बने छुट्टा जानवरों पर अंकुश लगाने के बजाय जिम्मेदार बेपरवाह बने हुए हैं। सड़क हादसों और रोड जाम की वजह भी छुट्टा जानवर बन रहे हैं। रात के समय सिवनी मंडला हाईवे में बीच सड़क पर बैठे छुट्टा जानवर इसकी पुष्टि कर रहे हैं। नगर में इन आवारा पशुओं ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है, लेकिन जिम्मेदार इस समस्या से मुंह मोड़ लिए हैं। लगभग हर जगह छुट्टा जानवरों को लेकर रोना मचा है। नगर में आवारा पशुओं की संख्या अधिक बढ़ गई है। अब तक इनके हमले और लड़ाई में दर्जनों लोग घायल भी हो चुके हैं। इसके बावजूद इन पर अंकुश लगाने की सारी कोशिशें नाकाम रहीं। नगर के मुख्य मार्ग के चौराहे बांसुरी वादन चौक, सिवनी फाटक चौक  रेस्ट हाउस के सामने, चकोर पुल के पास एवं निवारी रोड पर छुट्टा मवेशियों के चलते पूरा मार्ग रात में बाधित हो जाता है। आलम यह है की दिन ढलते ही मवेशियों के झुंड के झुंड सड़क पर आकर बैठ जाते हैं। तेजी से फर्राटा भरते हल्के व भारी वाहन कभी भी दुर्घटना का सबब बन सकते हैं।


नाम के लिये बने गौ-सेवक –

नगर में आवारा पशुओं के साथ हो रही दुर्घटनाओं को लेकर सड़कों में विरोध करने वाले गौ-सेवक संगठनों को शायद दिखाई नहीं दे रहा है कि बीच सड़क पर बैठ कर आवारा पशु स्वयं दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं। जब घटना घट जाती है तब गौ-सेवक जागते हैं। लोगों का कहना है कि गौ-सेवकों को इस विषय पर काम करना चाहिए कि पशु मालिक अपने जानवरो को आवारा न छोड़े, वहीं जानवर रखने का स्थान न हो तो गौ-शाला में भेज दें, लेकिन इस विषय पर काम नहीं करते बल्कि जानवरों के साथ होने वाली दुर्घटना का इंतजार करते हैं और सड़कों पर अपने नाम के लिये विरोध दर्ज करते हैं जबकि गौ-सेवकों को मूल विषय पर काम करना चाहिए जिससे वह काफी दूर हैं।


रात में वाहन चालकों को होती है समस्या –


बीच सड़क पर बैठे आवारा पशुओं के साथ होने वाली दुर्घटना के कारण यह गंभीर समस्या हमेशा लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रहती है लोगों का कहना है कि सबसे ज्यादा रात के समय वाहन चालकों को समस्या होती है। कुछ आवारा पशु ऐसे हैं जिनका रंग काला होता है और बीच सड़क पर झुम्मड़ लगाकर बैठे रहते हैं। तेज गति से आवागमन वाले वाहन चालकों को ये जानवर दिखाई नहीं देते जिसके कारण दुर्घटना घट जाती है। आवारा पशुओं का झुम्मड़ नैनपुर नगर में हमेशा दिखाई देता हैं, वहीं यह जानवर बीच सड़क पर इक्ठ्ठे बैठ जाते हैं जिसके कारण वाहनो के आवागमन में परेशानियां होती हैं। इन जानवरों को इसी तरह आवारा छोड़कर रखा गया तो एक दिन बड़ा हादसा भी हो सकता है। लोगों का कहना है कि शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र सभी मुख्य मार्गों में आवारा पशु बीच सड़क पर बैठ कर दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं। इस पर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। इसी तरह नगर में आवारा कुत्ते जो आये दिन कुछ जानवरों को अपना शिकार बना रहे हैं, वहीं राहगीरों पर भी हमला करते हुये दौड़ते नजर आते हैं।


✒️ नैनपुर रेवांचल टाइम्स से शालू अली की रिपोर्ट ✒️

No comments:

Post a Comment