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Friday, July 23, 2021

नगर पालिका परिषद पर लोगो ने लगाए अनियमितता एवं भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप की सूक्ष्मता जाँच की माँग...




रेवांचल टाईम्स - नगर पालिका परिषद धनपुरी में हो रही अनियमितता एवं भ्रष्टाचार के संबंध में शिकायतों के आधार पर जांच के बाद आई.ए.एस. अधिकारी एस.डी.एम. शेर सिंह मीणा का प्रमाणित जांच प्रतिवेदन सामने आने के बाद भी नगर पालिका परिषद धनपुरी में दशकों से अपने मैनेजमेंट के दम पर पदस्थ प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी रविकरण त्रिपाठी पर कार्यवाही नहीं की जा रही है। इसके पहले भी प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी रविकरण त्रिपाठी पर कई बार भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं एवं प्रमाणित भी पाए गए हैं। इसके बावजूद उन पर किसी प्रकार की कोई ठोस कार्यवाही नहीं होना और बार-बार जांच करने वाले अधिकारियों को ही स्थानांतरित किया जाना सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार को साफ तौर पर उजागर करता है। आईएएस अधिकारी एसडीएम शेर सिंह मीणा के जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट है कि नगर पालिका परिषद धनपुरी में भारी अनियमितताएं की जा रही है।

       आईएएस अधिकारी शेर सिंह मीणा ने तीन बिंदुओं पर दिए गए अपने इस जांच प्रतिवेदन में साफ साफ लिखा है कि – नियमानुसार नगरपालिका धनपुरी द्वारा एक लाख से कम राशि की सामग्री एक माह में अधिकतम दो बार क्रय की जा सकती है। किंतु धनपुरी नगरपालिका के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा धनपुरी के स्टेटमेंट के अवलोकन से यह स्पष्ट होता है कि मार्च 2021 में एक लाख से कम के 53 ट्रांजैक्शन किए गए, वही अप्रैल 2021 में 44 ट्रांजैक्शन किए गए, जबकि मई 2021 में 45 ट्रांजैक्शन किए गए। जांच प्रतिवेदन में वर्णित है कि नगरपालिका धनपुरी द्वारा की गई खरीददारी के अवलोकन से यह स्पष्ट होता है कि एक लाख से ज्यादा की खरीददारी को एक लाख से कम के टुकड़ों में तोड़ कर खरीदा गया, जो कि मध्य प्रदेश विनिर्दिष्ट भ्रष्ट आचरण निवारण अधिनियम 1982 के नियम 13 के तहत दंडनीय अपराध है एवं मध्य प्रदेश भंडार क्रय नियम तथा सेवा उपार्जन नियम 2015 के तहत वित्तीय अनियमितताओं की श्रेणी में आता है। साथ ही जांच प्रतिवेदन में इस बात का भी उल्लेख है कि इन सभी खरीद फरोख्त एवं भुगतान के लिए कोई अनुमोदन प्रशासक से नहीं लिया गया, जिससे स्पष्ट तौर पर मध्यप्रदेश क्रय नियमों का उल्लंघन होता है।  जांच प्रतिवेदन में दैनिक मस्टर पर रखे गए मस्टर कर्मचारियों की भर्ती में भी अनियमितताओं को उजागर किया गया है। जांच रिपोर्ट बताती है कि नगर पालिका धनपुरी द्वारा दैनिक मस्टर पर 37 लोगों को 1 मार्च 2021 से 1 मई 2021 के बीच रखा गया। जिनको रखने के लिए प्रशासक से किसी प्रकार का अनुमोदन नहीं लिया गया और इस प्रकार जरूरत से ज्यादा दैनिक वेतन भोगियों को रखकर शासन की राशि का लगातार दुरुपयोग किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट बताती है कि दैनिक मस्टर पर रखे गए मजदूरों व कर्मचारियों को कहां कब और किस काम पर रखा जाता है इसकी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। जांच रिपोर्ट में इस बात का साफ उल्लेख है कि नगरपालिका परिषद धनपुरी में मस्टर रोल पर रखे जाने वाले कर्मचारियों के लिए प्रशासक से किसी प्रकार का अनुमोदन नहीं लिया गया। मनमानी तौर पर भर्तियां की गई। परन्तु दो दो आईएएस अधिकारियों की प्रमाणित जांच रिपोर्ट के बाद भी कार्यवाही आज भी शून्य बटे सन्नाटा ही है। जांच के नाम पर मामले को ठंडे बस्ते में डालने का जिम्मेदारों का प्रयास जारी है। ऐसे में जनता और आम जनमानस के मन में यह सवाल उठना लाजमी है कि आखिर कौन है जो नहीं चाहता कि सामने आए धनपुरी नगरपालिका में चल रहे भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं का पूरा सच|

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