रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिले के जनपद समनापुर के अंतर्गत ग्राम मानिकपुर मुख्य मार्ग से वनग्राम सरई तक की सड़क जर्जर हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 6 किलोमीटर की सडक पिछले 15 वर्ष से खस्ताहाल होने से आने जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में इस मार्ग से आवागमन खतरे से खाली नहीं है। राहगीरों के साथ स्कूली बच्चों को इस सड़क से आने जाने में परेशानी होती है। क्षेत्रवासियों ने सड़ककका निर्माण जल्द से जल्द कराने की मांग शासन प्रशासन से की है।
टेंडर होने के बावजूद नहीं बदले हालात
ग्राम के संतोष कुमार अहिरवार की मानें तो ग्रामीणों को यह जानकारी दी गई थी कि सड़क का टेंडर पास चुका है, लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। वनग्राम के मक्खन सिंह बैगा कहना है कि बरसात के इन दिनों में इस सड़क की हालत और भी बद्तर हो गई है। बारिश में इस सड़क पर चलना आम आदमी के लिए बहुत ही दिक्कत भरा साबित हो रहा है। स्कूली बच्चे व दोहिया वाहन चालक गिरकर अक्सर चोटिल हो रहे हैं।
लोग प्रतिदिन हो रहे परेशान
गांव के राकेश कुमार ने बताया कि यहां के बुजुर्गों को आने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वे अक्सर इस खस्ताहाल हो चुकी सड़क के कारण बहुत परेशान होते हैं। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा और बुजुर्गो की सेहत को ध्यान में रखते हुए इस सड़क को नव निर्माण जल्द से जल्द कराया जाए। इस संबंध में सरई माल के सरपंच स्वामीदीन सरैया का कहना है कि इस कच्ची सड़क का निर्माण 15 वर्ष पूर्व आरईएस विभाग द्वारा कराया गया था। तब से लेकर ऐसे ही टूटी पड़ी हुई है। इसके बाद भी विभाग ने इसकी तरफ कभी ध्यान नहीं दिया।
रेवांचल टाइम्स से प्रमोद पड़वार की खास रिपोर्ट सच के साथ

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