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Monday, June 7, 2021

7 जून से जिले के सभी न्यायालय प्रातः 10:30 से 5:30 बजे तक कार्य करेंगे



मण्डला 7 जून 2021

 

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जिला मंडला से प्राप्त जानकारी के अनुसार मण्डला जिले में कोरोना संक्रमण के कम होते प्रभाव को दृष्टिगत रखते हुये कलेक्टर हर्षिका सिंह द्वारा जारी आदेश क्रमांक 166/रीडर/2021 मंडला दिनांक 08.04.2021 की निरंतरता में जारी आदेश क्रमांक 185/रीडर/डी.एम./2021 दिनांक 30.05.2021 द्वारा घोषित किये गये कोरोना कर्फ्यू में आवश्यक छूट प्रदान की गई है तथा आवाजाही को कुछ निर्बधनों के अधीन प्रारंभ किया गया है। मण्डला जिले में कोरोना संक्रमण नियंत्रण में है, प्रतिदिन संक्रमित होने वाले व्यक्तियों की संख्या भी न के बराबर हो गई है। न्यायालय में कोई भी अधिकारी, कर्मचारी अथवा अधिवक्ता के कोरोना संक्रमित होने अथवा होमक्वारेन्टाईन होने की सूचना नही है। इन सब परिस्थितियों के दृष्टिगत रखते हुये एवं माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा एस.ओ.पी. क्रमांक ए/113, 15.01.2021 एवं 03.04.2021 की निरन्तरता में जारी अतिरिक्त एस.ओ.पी. दिनांक 20.04.2021 में उल्लेखित निर्देशों के पालन में न्यायिक कार्य के संपादन के संबंध में निर्देश दिए हैं कि 07.06.2021 से आगामी आदेश तक की अवधि के लिये जिला मुख्यालय के सभी न्यायालय एवं समस्त तहसील न्यायालय प्रातः 10ः30 बजे से सायंकाल 5ः30 बजे तक कार्य करेगें। निम्न प्रकरणों की सुनवाई भौतिक अर्थात फिजिकल तौर में होने के साथ-साथ वर्चुअल रीति से भी की जायेगी-

रिमांड, जमानत एवं सुपुर्दगी संबधी प्रकरण, व्यवहार एवं आपराधिक अपील एवं निगरानी प्रकरण, वे सभी प्रकरण जिनमें अभियुक्त जेल में हैं, आपराधिक प्रकरण जो तीन वर्ष से अधिक पुराने हैं। मोटरदावा संबंधी सभी प्रकरण तथा वे प्रकरण जिनमें दावा राशि जमा कर दी गई है तथा उनका भुगतान होना शेष है, धारा 125 से 128 दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत आने वाले प्रकरण, बाल न्यायालय में बाल अपराध से संबंधित प्रकरण, दत्तक ग्रहण से संबंधित प्रकरण, जिन प्रकरणों में राजीनामा प्रस्तुत कर दिया गया हो, सिविल एवं आपराधिक प्रकृति के वे प्रकरण जिनमें उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित अवधि प्रकरण का निराकरण करने का आदेश प्रदान किया गया हो, ऐसे अन्य प्रकार के समस्त प्रकरण जो अति आवश्यक प्रकृति के हो और न्यायालय द्वारा यह पाया जाता है कि इनकी सुनवाई अति आवश्यक रूप से की जानी चाहिए।

प्रकरणों को कॉज लिस्ट के क्रमानुसार सुनवाई में लिया जायेगा। मध्यान्ह अवकाश पूर्व या पश्चात् के प्रकरणों को कॉज लिस्ट में उल्लेखित किया जायेगा, तदानुसार सुनवाई की जायेगी। पीठासीन अधिकारी कोविड-19 की परिस्थिति को ध्यान में रखते हुये सुनवाई योग्य प्रकरणों की संख्या निर्धारित करेंगे। जेल में निरूद्ध विचाराधीन कैदियों की उपस्थिति तथा रिमाण्ड हेतु पेश किये गये आरोपीगण की उपस्थिति संबंधित न्यायालय के अन्यथा निर्देश न होने की स्थिति में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पूर्व की भांति की जायेगी। प्रकरण की आदेश पत्रिका में पक्षकारों, साक्षियों तथा अधिवक्तागण की उपस्थिति रिकार्ड की जायेगी किंतु कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने की दृष्टि से अन्य आदेश होने तक उनके हस्ताक्षर, जब तक कि विधि द्वारा अपेक्षित न हो, आदेश पत्रिका पर अंकित नही कराये जायेगें किंतु कथन शीट पर हस्ताक्षर अंकित कराये जा सकते है। कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु जिला मुख्यालय तथा तहसील मुख्यालय पर सभी सुरक्षात्मक उपाय पूर्व की भांति अपनाये जाते रहेंगें। न्यायालय परिसर में उन्ही पक्षकारों एवं साक्षियों को प्रवेश दिया जायेगा जिनके प्रकरण भौतिक सुनवाई हेतु तत्समय नियत रहे हैं। किसी भी स्थिति में पांच से अधिक व्यक्ति न्यायालय कक्ष में मौजूद नहीं रहेंगें। रिमाण्ड हेतु पुलिस आरक्षी केन्द्र से पेश किये जाने वाले आरोपीगण की उपस्थिति संबंधित मजिस्ट्रेट न्यायालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही दर्ज की जायेगी। इस हेतु आरोपीगण को व्ही.सी. रूम में उपस्थित रखा जायेगा। यदि किसी न्यायिक अधिकारी, अभिभाषक, कर्मचारी अथवा पक्षकार को बुखार अथवा फ्लू जैसे लक्षण हैं अथवा वह क्वारेंटाईन, आईसोलेटेड है, तो उसे न्यायालय भवन के अंदर प्रवेश करने की अनुमति नहीं रहेगी। यदि किसी अभिभाषक को बुखार अथवा फ्लू आदि है, तो वह तुंरत इस संबंध में अपने अधिवक्ता संघ तथा जिला न्यायाधीश को सूचित करेंगे। अध्यक्ष, अधिवक्ता संघ यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी अभिभाषक फेस मॉस्क अथवा फेस कवर के बिना न्यायालय में उपस्थित नहीं होगें। साथ ही न्यायालय परिसर एवं न्यायालय कक्ष में सामाजिक दूरी बनाई रखी जाये एवं शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाये। अभिभाषकगण न्यायिक कार्य हेतु अपनी स्वयं की फाईल लेकर न्यायालय में उपस्थित होगें। 65 वर्ष से अधिक आयु के अभिभाषकगण को न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित न होने की सलाह दी जाती है। न्यायालय में एक मात्र मुख्य द्वार से ही न्यायाधीशगण, कर्मचारीगण, अभिभाषकगण तथा पक्षकारगण का प्रवेश मास्क लगाकर तथा मुख्य द्वार पर उपलब्ध सेनेटाईजर, हेण्डवाश का उपयोग करके एवं थर्मल स्केनर से जांच कराकर ही अनुज्ञेय रहेगा। जिला नाजिर न्यायालय परिसर, न्यायालय कक्ष, टायलेट, सार्वजनिक उपयोग के स्थान आदि की सफाई तथा समय-समय पर उसका सेनेटाईजेशन कराया जाना तथा न्यायालय परिसर में लगे सभी वॉस बेसिन पर सेनेटाईजर रखे जाने का कार्य सुनिश्चित करेगें। अवकाश के दिनों में रिमाण्ड आदि की कार्यवाही के संपादन का समय दोपहर 3 बजे 5 बजे तक रहेगा। न्यायालय परिसर में स्थित केंटीन अन्य आदेश होने तक बंद रहेगी। फोटोकॉपी दुकान का संचालक अपनी दुकान पर भीड़भाड़ न होना सुनिश्चित करेंगे। कोर्ट, बरामदा, कॉमन पैसेज, कॉरीडोर मे किसी भी प्रकार की भीड़ होना प्रतिषेधित रहेगा। इस प्रकार न्यायालय परिसर में किसी भी प्रकार का कोई समारोह अथवा अन्य कोई आयोजन होना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

समन्स की तामीली के संबंध में तामीली के सामान्य तरीके के अतिरिक्त सी.आई.एस. में उपलब्ध सुविधा द्वारा मैसेज के माध्यम से भी समन्स तामीली की जा सकेगी। विशेष न्यायाधीश आर.पी.सिंह अध्यक्ष, अधिवक्ता संघ मण्डला तथा प्रशासनिक अधिकारी जिला न्यायालय की समिति पूर्व की भांति उक्त दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेगी तथा उनकी निगरानी करेगी। न्यायालय परिसर में उपस्थित पक्षकारगण, अधिवक्तागण तथा कर्मचारीगण के लिये पान, तम्बाकू, गुटखा, धूमपान का प्रयोग करना वर्जित है, निर्देशों की अव्हेलना किए जाने पर संबंधित के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

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