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Thursday, June 10, 2021

भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी कर्मचारी की लोकायुक्त ने आज तक नही की चलानी कार्यवाही...कई रिटायर्ड भी हो गए...देखें अधिकारीयों के नाम की लिस्ट

प्रदेश के भृष्ट और भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी कर्मचारी की लोकायुक्त ने आज तक नही की चलानी कार्यवाही अब उच्च न्यायालय में जनहित याचिका हुई पेश.... देखें लिस्ट,



रेवांचल टाईम्स डेस्क :- प्रदेश के आरोपित सैकड़ों भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ बरसों से नहीं दी गई अभियोजन की स्वीकृति जिसको लेकर रेवांचल टाईम्स के प्रधान संपादक मुकेश श्रीवास के एडवोकेट श्री गोपाल सिंह बघेल के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में लगाई गई जनहित याचिका...
मप्र जनहित याचिका कि भ्रष्टाचार में जुड़े अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ शासन की ओर से अब तक अभियोजन की स्वीकृति नहीं दी गई और न ही चालान पेश किया गया है। जिसको लेकर अब आवेदक ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एंव सचिव मध्यप्रदेश शासन विधि और विधायी म.प्र.शासन भोपाल को लिखित शिकायत करते हुए अवगत कराया गया कि मध्यप्रदेश में समस्त विभागों के द्वारा अभियोजन की स्वीकृति चाही गई है परन्तु समय अभियोजन की स्वीकृति न मिलने के कारण प्रदेश में भ्रस्र्ट और भृष्टाचार बड़ी तेजी बढ़ रहा है। अगर समय मे अभियोजन की स्वीकृति प्रदान की जाए
चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक व जस्टिस सुजय पॉल की युगलपीठ के समक्ष सरकार की ओर से कहा गया कि उक्त मामले में केवल विधि विधायी विभाग के सचिव को पक्षकार बनाया गया है। जिस एक पर न्यायालय ने मुख्य सचिव, गृह विभाग व सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव को भी पक्षकार बनाने के निर्देश देते हुए एक सप्ताह में संशोधित याचिका पेश करने के निर्देश दिये है। यह जनहित याचिका मंडला सिविल लाईन निवासी रेवांचल टाईम्स के प्रधान संपादक मुकेश श्रीवास की ओर से दायर किया गया है। जिसमें कहा गया है कि वर्ष 2012 से आज तक अनेक मामलों में भ्रष्ट आचरण में लिप्त अधिकारी कर्मियों के भृष्ट होने के बावजूद भी अब तक उनके खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति नहीं दी गई है।
वही आवेदक का कहना है कि प्रदेश में करीब पांच सौ से अधिक अधिकारी व कर्मी सेवानिवृत्त हो चुके है तो इतने ही अधिकारी व कर्मचारी कार्यरत् है। जिनमें कई आईएएस व आईपीएस अधिकारी भी शामिल है।
वही आवेदक का कहना है कि संबंधित विभागों की ओर से विधि एवं विधायी विभाग के समक्ष आवेदन कर लोक अभियोजन की स्वीकृति चाही गई, लेकिन वर्षो बीत जाने के बावजूद भी स्वीकृति प्रदान नहीं की गई, जिससे प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और उस पर अकुंश लगाना असंभव नजर आ रहा है।
उक्त मामले, की सुनवाई पश्चात् न्यायालय में उक्त निर्देश के साथ मामले की अगली सुनवाई 18 जून को निर्धारित की है।
वही माननीय उच्चतम न्यायालय जबलपुर ने जनहित याचिका में आरोप, हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव, गृह व सामान्य प्रशासन विभाग के पीएस को पक्षकार बनाने के निर्देश दिये है।
जिन जिन अधिकारियों कर्मचारियों के लोकायुक्त के द्वारा चालान नही पेश किए जिसमे बहुत से अधिकारी, कर्मचारी रिटायर्ड भी हो चुके है और उनके चालानी कार्यवाही आज भी पेंडिंग है। जिससे भृष्ट और भृष्टाचार करने वाले अधिकारी कर्मचारी मजे कर रहे है।
देखें लिस्ट किन किन अधिकारी, कर्मचारी की आज तक चलानी कार्यवाही नही हुई है और कौन कौन अधिकारी कर्मचारी रिटायर्ड हो चुके है।































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