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Sunday, June 6, 2021

ग्राम पंचायत मक्के नैनपुर में हाईटेंशन बिजली के झूलते हुए तार की हालत जर्जर,दे रहे दुर्घटना को न्योता



रेवांचल टाइम्स :- एक तरफ सरकार शहर एवं गांव को स्मार्ट बनाए जाने को लेकर कई सारी परियोजनाओं को धरातल पर उतारने का काम कर रही है. बिजली विभाग लोगो के घरों में स्मार्ट मीटर लगा कर लोगों को स्मार्ट बनाने का काम कर रही है, लेकिन सालों से जो बिजली की तार जर्जर स्थिति में हैं, वो आज भी ऐसे ही हैं. नैनपुर नगर के समीप ग्राम पंचायत मक्के की बात करें तो सड़कों के किनारे बिजली के पोल पर तार जर्जर स्थिति में हैं और दुर्घटना को दावत दे रहे हैं. बिजली के तार जर्जर होने की हालत में सड़क के ऊपर झूल रहे हैं। सड़क से तार की ऊंचाई केवल 8 से 10 फीट ही होगी ऐसे में ग्राम मक्के में यह झूलते हुए बिजली के तार बड़ी दुर्घटना को न्योता दे रहे हैं।


ग्राम पंचायत मक्के गांव का मुख्य सड़क हो या गांव के अंदर रहवासी इलाका,हाइटेंशन तार गांव के बीचो-बीच लोगों के लिए भारी दुर्घटना का विषय बने हुए हैं। नौबत यह है कि जगह-जगह तार कब टूट कर गिर जाए और घटनाएं घट जाए, यह कोई नहीं जानता. सबसे अहम बात तो यह है कि मुख्य सड़क के बीचोबीच तार लटक रहे हैं. गांव के गली-मोहल्लों में तार इस तरह लटक रहे हैं कि मुख्य सड़क से बड़े वाहन लेकर जाने वाले भी भयभीत रहते हैं, बड़ी ही मुसीबत  एवं परेशानी का सामना करते हुए वाहन चालक इन तारों के नीचे से अपने वाहन को निकाल रहे हैं। यदि वाहन निकलते समय कोई तार टूट कर  वाहन पर गिर गया  तो निश्चित ही एक बड़ी दुर्घटना  घटित हो सकती है। लेकिन विद्युत विभाग को यह परेशानी नजर नहीं आ रही।

पूरे गांव का यही हाल है। हालात कुछ इस तरह हो गए हैं की हाईटेंशन तार कब टूट कर गिर जाएं इसका कोई भरोसा नहीं। 

क्या विद्युत विभाग एवं शासन प्रशासन दुर्घटना की जिम्मेदारी लेगा ? 


जर्जर तारों की समस्या सिर्फ मक्के गांव की ही नहीं, बल्कि मंडला जिले के कई गांवों कस्बों के यही हाल है, इतना ही नहीं, घरों से सटकर जर्जर तार गुजर रहे हैं. खेतों के ऊपर से बिजली के हाइटेंशन के तार भी गुजरे हैं, और बिजली की लचर व्यवस्था पूरे गांव में हावी है, गांव की अधिकांश गलियों और मोहल्लों में रास्तों पर तारों का मकड़जाल बिछा हुआ है, सालों से तारों को बदला नहीं जा सका है, घरों के पास से गुजर रहे जर्जर तार कई बार हादसे का सबब भी बने हैं और बनते रहते हैं.


विद्युत विभाग के अधिकारी गांवो में बिजली व्यावस्था ठीक रखने के लिए प्रतिवर्ष मेंटीनेंस के नाम पर करोडों रुपए खर्च करते है। इसके बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या जस की तस बनी हुई है। मक्के गांव के रहवासी इलाकों में लगे बिजली तार और खंबे जर्जर हो चुके है। जिनकी मेंटीनेस वर्षों से नहीं किया गया। इसके अलावा सड़क किनारे झूलते बिजली के तार हादसों का न्योता दे रहे हैं। बिजली केवल की ऊंचाई कम होने से बडे तारों की चपेट में आकर हादसों का शिकार होने का खतरा लगातार बना हुआ है। एवं गांव में लगातार बिजली कटौती की समस्या भी बनी हुई है लंबे लंबे समय तक विद्युत विभाग द्वारा बिजली कटौती की जा रही है एवं बिजली दी भी जाती है तो केवल सिंगल फेस ही रहता है शिकायत करने पर भी निराकरण नहीं किया जा रहा है। बीते कुछ दिनों पहले झूलते तारों से लगातार हादसें होने से बचे हैं। मक्के गांव की मुख्य सड़क से होकर मंडला के लिए रास्ता जाता है जिस पर बड़े वाहन का आना जाना लगा रहता है तारों की ऊंचाई कम होने के कारण वाहन चालक को यहां से गाड़ियां निकालने में अधिक परेशानियां होती है उन्हें तारों की चपेट में आने वाहन में कंरट फैल जाने का खतरा बना रहता है। ऐसा होने पर यदि वाहन में करंट फैलते है तू निश्चित है कि चालक घबरा कर अपनी जान बचाने के लिए चलते वाहन से नीचे कूद जाने का प्रयास करेगा। एवं चालक के कूदते ही वाहन सड़क पर अनियंत्रित होकर रोड किनारे खड़े लोगों को टक्कर मार सकता है या फिर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने मकानों में भी क्षति पहुंचा सकता है। जिससे लोगों के साथ हादसा हो सकता है। 

बिजली के तारों से गांव मक्के में आये दिन हो रही परेशानियों के बाद भी बिजली कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है।


अब तो विद्युत विभाग अधिकारियों ने गांव वालों के पूछने पर गैर जिम्मेदाराना जवाब देना प्रारंभ कर दिया है। उनका कहना है कि, यह पोल प्रधानमंत्री सड़क आवास योजना से संबंधित निर्माण कंपनी ने लगवाए हैं। अतः इसका निराकरण भी उन्हीं के द्वारा किया जाएगा


जबकि गांव वालों का कहना है कि सड़क का निर्माण हुए लगभग 2 या 3 वर्ष हुए हैं। लेकिन पोल लगे काफी लंबा समय हो चुका है। इस तरह का जवाब देकर विद्युत विभाग के अधिकारी केवल पल्ला झाड़ने का काम कर रहे हैं। गांव वालों का यह भी कहना है कि हमारे द्वारा पूर्व में भी विद्युत विभाग ने धरना प्रदर्शन किया जा चुका है एवं आवेदन देकर बतलाया जा चुका है कि हमारी समस्या का समाधान किया जाए लेकिन उस समय अधिकारियों द्वारा केवल आश्वासन ही प्राप्त हुआ और आज दिन तक हमारी समस्या का समाधान नहीं किया गया।


यदि हमारी समस्या का समाधान नहीं होता है तो, हम अब अनशन एवं घेराव जैसे सख्त कदम उठाने में मजबूर हो जाएंगे। जिसका जिम्मेदार विद्युत विभाग एवं शासन प्रशासन ही होगा।


✒️ नैनपुर रेवांचल टाइम्स से शालू अली की रिपोर्ट ✒️

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