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Sunday, June 6, 2021

दुष्काल की तीसरी लहर आप रोक सकते हैं , जुट जाइए...



रेवांचल टाईम्स डेस्क :- अनेक शोधों व अध्ययनों का निष्कर्ष है कि अनलॉक की हड़बड़ी और कठोर नियंत्रण की कमी फिर से भारी साबित हुई है| जर्मनी, ब्रिटेन, इटली समेत कई देश इस बात की नजीर हैं कि संक्रमण के पूर्ण काबू में आने से पहले

प्रतिबंध हटाना घातक साबित हुआ है. गौरतलब है कि देश के विभिन्न राज्यों में कोरोना की दूसरी घातक लहर के बीच संक्रमण को रोकने के लिए अप्रैल और मई में स्थानीय स्तर पर उपयुक्तता के अनुरूप लॉकडाउन लगाये गए थे|

अब विभिन्न क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन खोला जाना सुनिश्चित किया जा रहा ह, ऐसे में अब अनलॉक करने की प्रक्रिया बड़ी सावधानी से आगे बढ़ायी जानी होगी| चूंकि अभी कोरोना का खतरा बना हुआ है, अतएव अनलॉक की ऐसी रणनीति जरूरी है| जिससे महामारी को निर्णायक मात दी जा सके|

 

दुनिया में लॉकडाउन के बाद अनलॉक की प्रक्रिया के तहत वैज्ञानिकों और आर्थिक विशेषज्ञों द्वारा आदर्श माने जा रहे अमेरिकी राज्य न्यू हैम्पशायर सहित विभिन्न देशों ने जो रणनीतियां अपनायी हैं, उन्हें अपने देश के विभिन्न राज्यों में अनलॉक करते समय स्थानीय जरूरतों के साथ ध्यान में रखना लाभप्रद हो सकता है|

 

अब अनलॉक की प्रक्रिया में उद्योग-कारोबार और अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए रणनीतिपूर्वक बाजार खोले जा रहे हैं . उद्योग-कारोबार को अनलॉक करने के पहले चरण में जहां एक ओर बंद पड़े कारखानों और निर्माण गतिविधियों को चालू करने की छूट देनीचाहिए , वहीं आगामी दो माह तक दुकानें और कारोबार को छह से आठ घंटे के लिए खोलना उपयुक्त होगा|

 

होटल और रेस्टोरेंट को सिर्फ अग्रिम बुकिंग पर खुली जगह में सीमित संख्या में ग्राहकों को खाना परोसने की इजाजत मिले|अभी जिम, सिनेमा और पर्यटन जैसे कारोबारों को अनलॉक नहीं किया जाए| उद्यमियों और कारोबारियों को यह ध्यान रखना होगा कि शहर खुलते ही बाजारों में भीड़ बढ़ेगी, अतएव दुकानों पर आनेवाले ग्राहकों के लिए मास्क पहनने के साथ-साथ दो गज की दूरी रखने की अनिवार्यता हो|दुकानदार के लिए मास्क पहनने के साथ वैक्सीन का प्रमाणपत्र अनिवार्य हो|

 

उद्योग-कारोबार संगठनों को कर्मचारियों को टीका लगवाने के लिए विशेष प्रबंध सुनिश्चित किये जाए |श्रमिकों को रोजगार के साथ टीकाकरण की सुविधा देनी होगी | एक बार फिर कोरोना नियंत्रण के लिए सैंपलिंग पर जोर देना जरूरी हो |पांच फीसदी से कम संक्रमण दर वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना जरूरी है |विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, महामारी तभी नियंत्रित मानी जायेगी, जब दो सप्ताह से ज्यादा वक्त तक संक्रमण दर पांच प्रतिशत से कम रहे |

 

माइक्रो कंटेनमेंट की रणनीति अपनाकर लोगों को किसी नये लॉकडाउन से बचाया जा सकता है|वार्ड मैनेजमेंट के जरिये हर संक्रमित की निगरानी रखी जाये | स्कूलों-कॉलेजों में शिक्षकों व स्टाफ को वैक्सीन लगाया जाना सुनिश्चित हो ताकि स्कूल-कॉलेज खोलने की तैयारी शुरू हो सके| चूंकि अब भी लोग टीकाकरण से हिचक रहे हैं, अतएव सरकार के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी बन गयी है कि वे वैक्सीन के लिए लोगों को प्रेरित करें और इस अभियान में हरसंभव मदद करें| कमजोर समूहों का हरसंभव टीकाकरण हो तथा प्रतिबंधों व लॉकडाउन में ढील देते समय यह महत्वपूर्ण आधार रहे. सबसे कमजोर आबादी समूह में तेज टीकाकरण की जरूरत है|

 

संक्रमण खत्म करने से आशय शत-प्रतिशत लोगों के टीकाकरण से नहीं है, बल्कि एक लक्ष्य के साथ लोगों में प्रतिरोधी क्षमता विकसित करना भी है. कोविड-१९ के मद्देनजर डॉक्टरों व नर्सिंग स्टॉफ के लिए विशेष वैकेंसी निकलें । 

                                            राकेश दुबे

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