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Tuesday, June 8, 2021

सिक्योरिटी गार्ड ने खुद को डॉक्टर बताकर कर डाली सर्जरी



लाहौर। पाकिस्तान के एक हॉस्पिटल में जो हुआ, उसे जानकर हैरान रह जाएंगे. यहां एक पूर्व सिक्योरिटी गार्ड ने खुद को डॉक्टर ​बताकर महिला मरीज की सर्जरी कर डाली. खबरों के मुताबिक मामले का खुलासा तब हुआ, जब सर्जरी(surgery) के दो सप्ताह बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. परिवार के लोग उसे हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां उसकी मौत हो गई. इस दौरान उन्हें पता चला कि सर्जरी करने वाला डॉक्टर नहीं, बल्कि हॉस्पिटल का सिक्योरिटी गार्ड था.पाकिस्तान के लाहौर स्थित मेयो हॉस्पिटल की ये पूरी घटना है. बताया गया है कि यहां पर शमीमा बेगम नाम की 80 वर्षीय महिला दो सप्ताह पहले पीठ में हुए घाव की सर्जरी कराने के लिए गई थी. शमीमा बेगम की सर्जरी तो हुई, लेकिन ये सर्जरी डॉक्टर ने नहीं, बल्कि हॉस्पिटल के पूर्व सिक्योरिटी गार्ड ने की.
हॉस्पिटल के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि ‘यह बहुत बड़ा अस्पताल है. ऐसे में हर समय हम इस बात से अपडेट नहीं रह सकते हैं कि कौन क्या कर रहा है.’ इस अधिकारी ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि ऑपरेशन थियेटर में सिक्योरिटी गार्ड ने कैसी सर्जरी की थी. उस दौरान एक क्वालिफाइड टेक्निशियन भी उसके साथ मौजूद था.
सर्जरी कराने के बाद महिला अपने घर चली गई. सर्जरी के लिए उसने पैसे भी दिए. बताया गया है कि सर्जरी के बाद ड्रेसिंग करने के लिए पूर्व सिक्योरिटी गार्ड महिला के घर भी गया था, लेकिन जब खून बहता रहा और दर्द बढ़ा गया, तो परिजन बेगम को अस्पताल ले आए. जहां उसकी मौत हो गई.
महिला की मौत के बाद परिजनों को मामले की सच्चाई का पता चला, तो उनके होश उड़ गए. पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद महिला की मौत के स्पष्ट कारण पता चल सकेंगे. फिलहाल जांच की जा रही है.
लाहौर पुलिस के प्रवक्ता अली सफदर ने बताया, ‘गार्ड पर लगे आरोप के बाद उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. आरोपी सिक्योरिटी गार्ड एक डॉक्टर के तौर पर पेश किया गया था. वह पहले भी अन्य रोगियों के घर जा चुका है.’
वहीं मेयो अस्पताल के कर्मचारियों ने कहा कि आरोपी पूर्व सिक्योरिटी गार्ड बट को दो साल पहले मरीजों से जबरन वसूली करने की कोशिश के लिए निकाल दिया गया था. उसके बाद ये दूसरा मामला फिर से सामने आया है.
बताया गया है कि इससे पहले मई में एक व्यक्ति को लाहौर जनरल अस्पताल में डॉक्टर के रूप में पेश करने और सर्जिकल वार्ड में मरीजों से पैसे वसूलने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

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