आज फिर तेल के दामों में लगी आग, मुंबई में 101 के पार, जानें नई कीमतें - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

Friday, June 11, 2021

आज फिर तेल के दामों में लगी आग, मुंबई में 101 के पार, जानें नई कीमतें



नई दिल्ली। देश में ना जाने पेट्रोल-डीजल के दाम कहां जा कर रुकेंगे। तेल कंपनियों द्वारा लगातार बढ़ाए जा रही तेल की कीमतों ने आम आदमी का तेल निकाल कर रख दिया है। कोरोना महामारी से जूझ रहे देश में महंगाई की ऐसी मार ने सभी की परेशानियां बढ़ा दी हैं। वहीं तेल कंपनियों (Oil Companies) ने आज फिर पेट्रोल और डीजल के दामों (Petrol Diesel Prices) में बढोत्तरी हुई है। सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों की मूल्य अधिसूचना के अनुसार पेट्रोल का दाम 29 पैसे प्रति लीटर और डीजल का 28 पैसे प्रति लीटर बढ़ाया गया है। अब दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 95.85 रुपए और एक लीटर डीजल की कीमत 86.75 रुपए हो गई है।

रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे तेल के दाम

इससे देश के अलग-अलग हिस्सों में अब पेट्रोल ऐतिहासिक उच्चस्तर पर पहुंच गया है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और लद्दाख समेत छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पेट्रोल 100 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गया है। वहीं, मुंबई में इस समय पेट्रोल 101.04 रुपए और डीजल 94.15 रुपए प्रति लीटर है। देश में राजस्थान में पेट्रोल और डीजल पर सबसे अधिक वैट लगाता है। उसके बाद मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का नंबर आता है।

चार मई के बाद 5.25 रुपए महंगा हुआ पेट्रोल

इस साल चार मई के बाद पेट्रोल, डीजल के दाम में 23वीं बार वृद्धि हुई है। इस दौरान पेट्रोल का दाम 5.25 रुपए और डीजल का दाम 5.83 रुपए प्रति लीटर बढ़ा है। तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले 15 दिन के भावों के औसत के आधार पर रोजाना घरेलू बाजार में दाम तय करतीं हैं। वाहन ईंधन की खुदरा कीमतें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ने की वजह से ऊपर जा रही हैं। निवेशकों को उम्मीद है कि बढ़ती मांग की वजह से बाजार ओपेक और उसके सहयोगियों के अतिरिक्त उत्पादन का उपयोग कर सकेगा।

No comments:

Post a Comment