रेवांचल टाइम्स :- मध्यप्रदेश में तेंदूपत्ता का बोनस का 2016 से मजदूरों को नहीं मिल पाया बॉस और लकड़ी कटाई का जो बोनस है वह 2018 से नहीं मिला है मध्य प्रदेश में 62 लकड़ी कटाई का काम 14 डिवीजन में होता है और लघु वनोपज संघ मध्य प्रदेश के 52 जिलों में तेंदूपत्ता उत्पादन करके मजदूरों को लाभांश देता है वनोपज संघ जो लघु वनोपज संघ है 2016 से पहले जो भी तेंदूपत्ता तोड़ने का और बिक्री का काम करता था उसमे जो लाभ होता था मजदूरों को लाभान्वित करता था। 2016 से मजदूरों को इसका लाभांश नहीं मिला है बांस और लकड़ी कटाई में भी करोड़ों का सरकार कारोबार करती है लेकिन मजदूरों को इसका लाभ नहीं दिया रहा है। अभी करोड़ों रुपयों में है और मजदूर की संख्या लाखों में है अगर करो ना कॉल मजदूरों को यह लाभ दिया जाएगा तो उनको जीविका उपार्जन में मदद मिलेगी एवम कोरोना महामारी से लड़ने में इसका बड़ा लाभ होगा। सरकार को मजदूरों का या पैसा तत्काल लौट आना चाहिए तत्काल उनके खाते में पैसा आना चाहिए नहीं होता है तो मध्यप्रदेश में प्रदेश स्तर पर यह बड़ा आंदोलन किया जाएगा और सरकार को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ेगा। इस कोरोना काल मे मजदूरो के सामने जीवन मरण का संकट है कि वह अपने बच्चों को इस लाकड़ौन में कैसे पाले अपने परिवार कैसे चलाएं यह एक बड़ी दुविधा मजदूरों के सामने है इस समय या लाभांश उनके जीवन के लिए राहत बन सकता है
रेवांचल टाइम्स बालाघाट से खेमराज बनाफरे की रिपोर्ट

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