कोविड महामारी के चलते विकासखण्ड नैनपुर ग्राम मल्धा में कार्यरत श्रीमति मालती उइके आशा सहयोगी कोराना काल में अनवरत रूप से जनसेवा के कार्य में लगी है। मालती परिवार की चिंता किये बिना इमानदारी एवं लगन से कोरोना पॉजीटिव मरीजों की देखभाल ग्राम में करती हैं। श्रीमति मालती उइके ने बताया की मेरी बेटी भी कोरोना पॉजीटिव थी जिनका नाम खुशबू उइके है जिसकी सेकेण्ड जाँच में इनकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई। फिर भी मैं इस संकट की घड़ी में कोविड टीकाकरण स्थान सिविल अस्पताल नैनपुर में पंजीयन करने में सहयोग करते रही और गांव में कोरोना पॉजीटिव मरीजों को घर-घर जाकर दवाईयाँ वितरित की। इस दौरान मालती ने सभी कोराना प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए सभी को समझाइश भी दी।
श्रीमति उइके ने बताया की अब मैं गांव में 18 से 60 वर्षों के लोगों के घर-घर जाकर टीका लगवाने की समझाइश दे रही हु। गांव में टीके के प्रति भ्रांतिया थीं, मैं लोगों की भ्रतियों दूर कर रही हुं। मुझे भी कोरोना पॉजीटिव के घर-घर जाने में भय बना रहता है एवं मेरी बेटी तो पॉजीटिव हो चुकी है। स्वयं को परिवार को बचाते हुए अपने दायित्वों का पूर्ण रूप से निर्वहन कर रही हूँ। टीका लगवाने के बाद लोगों को सावधानी रखने के तरीके सलाह दे रही हूँ।
मालती कहती है कि कोरोना काल मे सामाजिक दूरी बनायें, भीड़-भीड़ में न जायें कोरोना कर्फ्यू का पालन करें, प्रशासन का सहयोग करें एवं बहुत जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें, घर से बाहर निकलते समय मॉस्क लागायें, दो गज की दूरी बनाये रखें, हाथों को सेनेटाइज करते जायें एवं अफवाह से बचें और मनोबल बढायें।

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