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Friday, May 7, 2021

10 मई से आगामी आदेश तक सभी न्यायालयों में वर्चुअल माध्यम से होगी प्रकरणों की सुनवाई



मण्डला 7 मई 2021 कलेक्टर हर्षिका सिंह के द्वारा जारी आदेशानुसार 4 मई 2021 के द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के परिपेक्ष्य में समस्त मण्डला जिले में जिला प्रशासन द्वारा 7 मई 2021 से 17 मई 2021 की प्रातः 6 बजे तक कोरोना कर्फ्यू की अवधि बढ़ाई गई है। इस कार्यालय द्वारा पूर्व में जारी विविध आदेश 30 अप्रैल 2021 द्वारा 1 मई 2021 से 8 मई 2021 की अवधि में जिले के विभिन्न न्यायालयों में पूर्व से नियत रहे प्रकरण उक्त अवधि में रीडर, प्रर्वतन लिपिक के द्वारा बढ़ाये जाने के निर्देश दिये गये हैं। 10 मई 2021 से न्यायालय का ग्रीष्मकालीन अवकाश प्रारंभ हो रहा है, जिसके फलस्वरूप उक्त ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि में एक बार में कुछ ही न्यायालयों में न्यायालयीन कार्य संपादित होगा तथा अन्य न्यायालयों के पीठासीन अधिकारी अवकाश पर रहेंगे। उक्त तथ्य के दृष्टिगत 10 मई 2021 से अन्य आदेश होने तक जिले के सभी न्यायालयों में वर्चुअल मोड से अत्यावश्यक प्रकरणों की सुनवाई सुबह 11 बजे से 2 बजे तक की अवधि में किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। न्यायिक अधिकारी न्यायालय में अपने स्टॉफ सहित उपस्थित रहकर अत्यावश्यक न्यायिक कार्य उक्त अवधि में संपादित करेंगे। जिला मुख्यालय एवं तहसील मुख्यालय के सभी न्यायालय प्रातः 10ः30 बजे से सायंकाल 5ः30 बजे तक कार्य करेंगे। न्यायिक कार्य की अवधि को छोड़कर शेष समयावधि में न्यायिक अधिकारी डिजिटाईजेशन, अभिलेखागार अनुभाग, मालखाना अनुभाग, न्यायालय परिसर का सेनेटाईजेशन एवं चल रहे निर्माण कार्य के निरीक्षण का कार्य देखेंगे तथा न्यायालय का स्टॉफ डिजिटाईजेशन, अभिलेखागार अनुभाग एवं मालखाना अनुभाग से संबंधित सौंपे गये कार्य संपादित करेंगे। पीठासीन अधिकारी के ग्रीष्मकालीन अवकाश पर होने की स्थिति में संबंधित न्यायालय के प्रकरण वहां के रीडर या प्रर्वतन लिपिक के द्वारा उक्त अवधि में बढ़ाये जायेंगे तथा आवश्यक हस्ताक्षर कार्यरत वरिष्ठ न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट के द्वारा किये जायेंगे। उक्त न्यायालय का अत्यावश्यक कार्य भी उनके द्वारा संपादित किया जायेगा। रिमाण्ड हेतु आरोपीगण की उपस्थिति एवं सुनवाई आदि कार्य वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से किया जायेगा। किन्हीं कारणों से आवश्यक कार्यवाहियाँ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्पादित न होने की स्थिति में कार्यवाहियों के दौरान सोशल डिस्टेसिंग का पालन अनिवार्य रूप से किया जायेगा। उक्त कक्ष में प्रवेश अथवा न्यायालय कक्ष में प्रवेश एक के बाद एक कम से होगा। पक्षकार/अधिवक्तागण/पुलिस कर्मी या अन्य किसी व्यक्ति का बिना मॉस्क न्यायालय परिसर एवं कक्ष में प्रवेश वर्जित रहेगा। उक्त अवधि में सार्वजनिक अवकाश होने पर रिमाण्ड आदि की कार्यवाही भी सुबह 11 बजे से 2 बजे तक मुख्यालय पर उपस्थित मजिस्ट्रेट के द्वारा संपादित की जायेगी। यदि मुख्यालय पर एक से अधिक मजिस्ट्रेट उपस्थित हैं तो उस स्थिति में रिमाण्ड आदि की कार्यवाही वरिष्ठ मजिस्ट्रेट द्वारा की जायेगी। किशोर न्याय बोर्ड के पीठासीन अधिकारी के ग्रीष्मकालीन अवकाश पर रहने की अवधि में वहां का अत्यावश्यक कार्य जिला मुख्यालय पर उपस्थित वरिष्ठ मजिस्ट्रेट के द्वारा किया जायेगा।

सभी न्यायिक अधिकारियों के द्वारा किये गये कार्य निष्पादन संबंधी प्रतिवेदन प्रतिदिन प्रधान जिला न्यायाधीश मण्डला की जानकारी हेतु न्यायाधीशगण के वाट्सऐप ग्रुप पर भिजवाया जाना सुनिश्चित किया जाये ताकि प्रत्येक बुधवार एवं शनिवार को संकलित जानकारी शाम 5 बजे तक माननीय रजिस्ट्रार जनरल महोदय को सूचनार्थ भेजी जा सके। उक्त व्यवस्था के बावजूद समाधान नहीं मिलने पर किसी अन्य आकस्मिक समस्या के समाधान के लिये श्री विशाल शर्मा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के दूरभाष नम्बर 7000176859 से संपर्क किया जा सकता है। जारी किये गये उक्त सभी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन के साथ किया जाये तथा कोविड संक्रमण की स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुये संशोधन एवं आवश्यक निर्देश समय-समय में जारी किये जा सकेंगे।

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