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Sunday, April 25, 2021

डॉ भगवान नहीं लेकिन भगवान से कम भी नही....पर निजी चिकित्सालय का डॉ. भूला फर्ज....शर्मनाक निंदनीय - राजेश पटैल


रेवांचल टाईम्स :- कोरोना महामारी के इस संकट काल मे जिससे जैसा बन रहा है लोग मदद के लिए सामने आ रहे है सिवनी नगर के कइयों साथी तो मदद के लिए रात दिन एक किये हुए है परंतु अवसर का लाभ उठाने वाले कुछ एक भेड़िये मानवता की हदें पार कर गए है। ऐसा ही एक मामला पिछले दिनों सामने आया जिसने दिल को झकझोर कर रख दिया है रात दिन लोगों को प्यार से भोजन कराने वाला एक कोविड मरीज जिला चिकित्सालय में सिटीस्क्रीन 3 दिन बाद के वेटिंग के चलते नेताओं से मदद की गुहार लगाते लगाते असफल होकर नगर के एक निजी चिकित्सा लय पहुँचा वहाँ उसके साथ जो हुआ रोंगटे खड़े कर देने वाला रहा चूंकि कोविड महामारी के इस समय मामला सार्वजनिक करना उचित नहीं है लेकिन सत्ता के नशे में चूर वो भी एक डॉक्टर का अमानवीय व्यवहार ऐसा कैसे हो सकता है इसने कईयों सिंधी समाज के लोगों की रातों की नींद गायब हो गई है ।

सूचना अनुसार मध्यप्रदेश के पूरे सिंधी समाज उक्त डॉक्टर के व्यवहार से आक्रोशित है पुलिस कोतवाली में शिकायत भी की गईं है डॉ. माफी माँग कर मामला रफा दफा भी हो जाएगा लेकिन विवेकहीन ऐसे डॉ के कारण जो उस मरीज को आघात पहुँचा होगा उसकी कल्पना मात्र से हमारे जीवन होंकर मदद ना कर पाने की पीड़ा झकझोर रही है।चूंकि पीड़ित को समाज के साथियों के सहयोग से अन्य राज्य में उपचार हो रहा है हालात स्थिर बताई जा रही है सिंधी समाज सहित तमाम शुभचिंतक ईश्वर से दुआएं कर रहे है लेकिन मुझे स्वयं जो आत्मग्लानि हो रही है वह शब्दों में बयां कर पाना असंभव है। ऐसे समूचा समाज में ओर कितने भेड़िये अपने अहंकार में होंगे उन्हें इस आपदा से कम से कम सीखना चाहिए लाभ उठाने के लिए तो जीवनपर्यंत पड़ा है ऐसे समय आपा खोना व समूचा समाज पर कीचड़ उछालना शर्मनाक व न्यायसंगत भी नही है।

ऐसे लोगों का चेहरा समूचा समाज के सामने आना चाहिए व समाज को ऐसे लोगो का बहिष्कार करना चाहिए। और ऐसे डॉ पर दंडात्मक कठोर कानूनी कार्यवाही जरूरी है।ताकि ऐसी पुनरावृत्ति कोई ओर करने की हिमाकत भविष्य में ना कर सके

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