रेवांचल टाइम्स - कोरोना संक्रमण के कारण पूरे भारत मे लॉकडाउन जारी है। पुलिस कड़ा पहरा होने का दावा कर रही है। केवल आवश्यक वस्तुओं और जीवन रक्षक दवाओं, सब्जियों के अतिरिक्त सभी का परिवहन बंद है। पुलिस प्रत्येक वाहन की जांच कर रही है। ऐसी परिस्थितियों में जहां एक ओर आवश्यक सामग्रियों की कमी होने से सब्जियों और अन्य सामग्री के दाम आसमान छू रहे हैं, वहीं शासन के आदेश के बाद शराब दुकान बंद रहने के बावजूद शराब ठेकेदारों की पौ बारह है। कोई भी जरूरत की सामग्री वाला वाहन तो दूर मोटर साइकिल सवार भी बिना पुलिस की अनुमति के बाजार में नहीं आ सकता। बावजूद इसके लॉकडाउन के बाद अंग्रेजी ओर देशी शराब की नैनपुर में कालाबाजारी और उपलब्धता बदस्तूर जारी है।
दोगुने दाम में बिक रही शराब
नैनपुर में अवैध रूप से शराब बेचने वालों की भरमार हर वार्ड ओर गावो में है, लेकिन शराब दुकान और परिवहन बंद होने के बावजूद शराब यहां तक पहुंच कैसे रही है। अब या तो ठेकेदार इतने होशियार हैं कि वे नैनपुर पुलिस के नाक के नीचे से आपूर्ती कर रहे हैं, या फिर यह सब किसी अन्य की शह पर यह हो रहा है। शराब माफिया लॉकडाउन का फायदा उठाकर डेढ़ से दोगुने दाम में शराब बेच रहे है। जरूरत की सामग्रियों की आपूर्ती में दिन ब दिन कमी आती जा रही है वहीं अंग्रेजी व देशी शराब की इतनी आसानी से उपलब्धता लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। साथ ही आबकारी पुलिस की कार्य प्रणाली भी संदेह के घेरे में आ रही है। जानकारों की मानें तो शराब ठेकेदार ने अपनी देशी अंग्रेजी शराब खपाने के लिए नैनपुर मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपने एजेंट बनाकर रखे हैं। महीने दो महीने में आबकारी पुलिस एकाध एजेंट के पास से दो चार बॉटल पकड़कर कोटा पूरा कर लेती है। आज लॉकडाउन होने के बावजूद भी नैनपुर के हर वार्ड में पर्याप्त मात्रा में देशी व अंग्रेजी शराब ठेकेदार के द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही है ओर ठेकेदार के एजेंटो के द्वारा हर समय शराब का परिवहन ग्रामीण क्षेत्रों में भी निर्बाध जारी रहता है

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