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Saturday, April 3, 2021

छोटे पर्दे पर कमाल कर रहे हैं नाट्यगंगा के पंकज टीवी पर आ रहे हास्य धारावाहिक में निभा रहें हैं मुख्य भूमिका



रेवांचल टाइम्स - छिंदवाड़ा  सतपुड़ा की माटी में कुछ तो खास बात है। यहाँ की खानों से सिर्फ कोयला ही नहीं निकलता है। बल्कि प्रतिभाओं के नगीने भी निकलते हैं। जिले की सुप्रसिद्ध नाट्य संस्था नाट्यगंगा ऐसे ही नगीनों की खान है। नाट्यगंगा के वरिष्ठ रंगकर्मी पंकज सोनी ने पूरे भारत देष के रंगमंच में पिछले पच्चीस वर्षां तक अपनी धाक जमाने के बाद अब टीवी पर अपनी नई पारी की शुरूआत की है। राष्ट्रीय चैनल एंड टीवी पर सोमवार से शुक्रवार रात 9ः30 बजे शुरू हुए नए हास्य धारावाहिक ‘और भई क्या चल रहा है’ में पंकज सोनी मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। विदित हो कि इस पात्र के लिए चैनल के द्वारा पंकज सोनी का चयन उनके रंगमंच में किए अभिनय के आधार पर किया है। किसी ने सच ही कहा है जिनके पास काबिलियत होती है। कामयाबी उसके पीछे दौड़ी चली आती है। प्रसिद्धि के पहले सिद्धि हासिल करना बेहद जरूरी है।ये है कहानीइस धरावाहिक की शूटिंग लखनऊ में चल रही है। धारावाहिक की पृष्ठभूमि में लखनऊ की गंगा जमुनी तहजीब है। कहानी नवाबी दौर की एक पुश्तैनी हवेली में रहने वाले मिश्रा और मिर्जा दो परिवारों की है। जिनके बीच बड़ी मजेदार चुहलबाजी चलती रहती है। पंकज इसमें मिश्रा परिवार के मुखिया ब्रिज बिहारी मिश्रा का अभिनय कर रहे हैं। मात्र 45 वर्ष की उम्र में उम्रदराज़ व्यक्ति की भूमिका निभाने के लिए उनका पच्चीस साल का रंगमंचीय अनुभव बहुत काम आया है। ख्यातिलब्ध लेखक और रंगकर्मी हैं ज्ञात हो कि पंकज संचार कॉलोनी निवासी महेश सोनी के बड़े सुपुत्र हैं। आपके पिता बीएसएनएल के रिटायर्ड अधिकारी हैं। स्कूल के दिनों से ही आपकी अभिनय और साहित्य में रुचि थी। उन्होंने अपने अभिनय की शुरुआत रंगकर्मी विजय आनंद दुबे के सानिध्य में की। बाद में देश के सुप्रसिद्ध रंगगुरु  अलखनंदन , डॉ कुंजबिहारी शर्मा और विनोद विश्वकर्मा से अभिनय की बारीकियाँ सीखीं। सबसे अधिक काम उन्होंने नाट्यगंगा अध्यक्ष एवं युवा निर्देशक सचिन वर्मा के साथ किया है। पंकज और सचिन की जोड़ी ने छिंदवाड़ा के रंगकर्म को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया है। पंकज के लिखे तीन नाटकों तितली, बकरी और सत्याग्रह का निर्देशन सचिन ने ही किया है। जिसमें तितली के देश भर में करीब 55 शो हुए हैं। पंकज एक अच्छे अभिनेता तो हैं ही पर एक नाटककार के रूप में बेहद चर्चित हैं। इनके लिखे दो नाटक तितली और ज़हर को एम ए हिंदी साहित्य के पाठ्यक्रम में शामिल होने का गौरव भी हासिल है। साहित्य जगत ने दी बधाई पंकज की इस उपलब्धि से परिवार और मित्रों में खुशी की लहर है। छिंदवाड़ा जिले की संस्थाओ नाट्यगंगा, इप्टा, प्रत्यंचा, मेजर अमित एजुकेशन सोसायटी, युवा प्रतिभा प्रोत्साहन मंच, हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रगतिशील लेखक संघ ने पंकज की इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं दी हैं।

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