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Monday, March 15, 2021

नहीं हो रही शिकायत की जांच शिकायत कर्ता परेशान





रेवांचल टाईम्स :- पंचायतों मैं भष्टाचारों पर की गई थी शिकायत मामला ग्राम पंचायत कन्हारी, जरहा नैझर एवं सारसडोली की है।

         विकास खंड मेंहदवानी का मामला वैसे तो ग्राम पंचायतों के एक से एक मामले हैं। जिन पर अब तक न कोई कार्यवाही की गई है, और न ही कोई खुलासे किया गया है। विकास खंड की अधिकतर ग्राम पंचायतों में सचिव, सरपंच, रोजगार सहायकों एवं उपयंत्रियों द्वारा सरकार की योजनाओं का लाभ कहीं फर्जी मस्ट्रोंलों द्वारा कहीं ठेकेदारों का फर्जी बिल लगाकर कहीं बगैर कार्य पूर्ण किये कार्य कि पूर्णता प्रमाणपत्र लगाकार ऐसे कई तरीके हैं जिससे शासन की राशियों को हड़पने मे चूक नहीं करते। ऐसे भष्टाचारियों के खिलाफ ग्रामवासियों ने जनपद सीईओ से लेकर जिला पंचायत सीईओ एवं कलेक्टर तक को अनेकों बार शिकायतें की लेकिन भष्टाचारियों पर कोई कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है। जिससे शिकायत कर्ता ग्राम वासी काफी परेशान हैं। इसी तरह का मामला ग्राम पंचायत कन्हारी, जरहा नैझर एवं सारसडोली की है। जो कि कन्हारी एवं सारसडोली की शिकायत 23/12/2020 एवं ग्राम पंचायत जरहा नैझर कि शिकायत 30/12/2020 को जनपद पंचायत मेंहदवानी मे की गई थी। मामलों की शिकायत दो से ढाई माह गुजरने जा रहा है। अभी तक जांच नहीं हुआ। यूं कहें कि उन मामलों की आवेदनों को ठंडे वस्ते में डाल दिया गया है। आखिर भष्टाचारियों की शिकायत की जांच करवाने पर मामला क्यों दवाई जा रही है। डिंडौरी जिले के विकास खंडों की ग्राम पंचायतों में हुए भष्टाचार की शिकायत होने के बाद भी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जांच करवाने में देर क्यों लगा रही है। यह सोचनीय विषय है। जबकि सारे सबूतों के साथ ग्राम पंचायत के ग्रामवासी शिकायत किये हैं। सूत्रों की मानें तो ग्रामवासियों द्वारा पंचायतों में हुए भष्टाचार की शिकायत के बाद जांच टीम मार्को पीसीओ जांच करने 20/2/2021 को आए पर प्रमाणित फर्जी मस्टरोल गायब कर टालम टोल करते हुए समय पास कर बाद में जांच करने का आश्वासन देकर निकल गए एवं आज दिनांक तक जांच करने नहीं आए। हो सकता है जांच टीम का मन जांच करने का न हो। ऐसी स्थिति में सीईओ अधिकारी को जांच के लिए दूसरे टीम को जल्द से जल्द आदेश देकर मामले की जांच करवानी चाहिए। इसी तरह 2/3/2021 को दो दो जाॅवकार्डधारी हितग्राही जो कि रोजगार सहायक और हितग्राहियों की तालमेल से शासन की राशि हड़पने हेतु सौ सौ दिनों का फायदा ले लिये हैं। उनका शिकायत सीईओ को किया गया है, पर उस शिकायत का भी जांच नहीं होगा ऐसा प्रतीत होता है। आखिर सीईओ जनपद पंचायत मेंहदवानी ने भष्टाचार पर जांच करवाने में क्यों हिचकिचा रही है। क्या उसे भी गांधी जी का दबाव पड़ गया है। एक माह पहले हमारे संवाददाता शिकायत जांच की जानकारी लेने गए तो सीईओ ने कहा कि ये मामला पुराने हो गए हैं इनकी जांच मत करवाओ, जबकि मामला 2016,17 की हैं। इस तरह उच्च अधिकारी ही भृष्टाचारियों की शिकायत पर ध्यान नहीं दिये एवं कार्यवाई नहीं करवाएंगे तो यही समझा जाएगा की अधिकारियों ने ही भृष्टाचारियों को भृष्टाचार करवाने में एवं उनका हौसला बुलंद करवाने में पूरा सहयोग कर रहे हैं। शिकायत मामलों की जांच जल्द से जल्द कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाये। अन्यथा सीईओ को भी अदालत की कटघरे में खड़ा होना पड़ सकता है। इसके पहले भी अखबार एवं यूट्यूब के माध्यम से शिकायत की जांच के लिए मांग की जा चुकी है। फिर भी सीईओ की ध्यान भृष्टाचारियों को बचाने में है जांच करवाने में ध्यान नहीं है। ऐसा अधिकारी पहली बार देखने में आया है जो कि भृष्टाचारियों को बचाने में तन मन से सहयोग कर रहा है जिससे भृष्टाचारी भी खुश हैं।

रेवांचल टाइम्स मेंहदवानी से शिवरतन कछवाहा की रिपोर्ट

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