BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
जहर से भी जहरीली शराब पिलाई जा रही शराबियों को,जिम्मेदारी शासन एवं शराब कारोबारियों कर रहे है बड़ी दुर्घटनाओं के इंतज़ार. - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Saturday, March 6, 2021

जहर से भी जहरीली शराब पिलाई जा रही शराबियों को,जिम्मेदारी शासन एवं शराब कारोबारियों कर रहे है बड़ी दुर्घटनाओं के इंतज़ार.




रेवांचल टाइम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला डिण्डौरी के विकास खण्डों के मुख्यालय से लेकर गांवों में अवैध शराब बनाने का कारोबार चरम सीमा से पार होती जा रही है। आज कल ज्यादातर देहातों के 90% से ज्यादा बच्चे, युवक से लेकर बूढे तक को शराब की लत लग चुकी है, वही एक तरफ कोरोना के चलते बेरोजगारी की मार झेल रहे युवा वर्ग और धीरे धीरे नशे की लत में गुम होते जा रहे हैं। वही इस शराब से कलेजा, फेफड़ा का गल जाने से व्यक्तियों की मौत होती है। फिर भी बड़े मजे से शराब का सेवन करने में पीछे नहीं हटते। यहां तक कि हिन्दुओं में देवता का दर्जा पाने वाले ब्राह्मणों में भी शराब पीने एवं मांस खाने की लत तेजी से बढ़ती जा रही है। ज्यादातर शराब पीने वाले मरीज ही अस्पतालों में भर्ती होते हैं एवं मरने वालों की संख्या भी ज्यादातर शराबियों की होती है। शराब पीने एवं पिलाने का रिवाज समाजों में बहुत तेजी से बढ़ता जा रहा है। जैसे कि सादी में, किसी प्रकार की खुशी में यहां तक कि धार्मिक स्थलों पर भी पर्टियों में अधिक शराब का उपयोग करते देखा जा सकता है।जो कि आने वाले समय में पूरे के पूरे 95% लोग शराब के नशे में नजर आएंगे। शासन द्वारा अवैध मदिरा विनिर्माण परिवहन व विक्रय के रोकथाम हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत आए दिन अखबारों में एवं TV प्रशारण के माध्यम से जानकारी होता है कि मध्यप्रदेश सरकार शराब कारोबारियों को पूर्णतः बंद करवाने की घोषणा करती है। पर यह घोषणा नहीं करती कि शराब बनने वाले वस्तु को ही नष्ट करवा दिया जाए। बाजारों में महुआ विक्रय पर रोक लगाई जाए। एक बात मेरे समझ में नहीं आती कि शासन बाजारों में महुआ विक्रय करवाती है। और शराब कारोबारियों पर रोक लगवाने एवं शराब मुक्त भारत बनाना चाहती है। यह सपना शासन की कभी पूर्ण नहीं हो सकता चाहे वह एड़ी चोटी एक कर ले,जब तक शराब बनने वाला वस्तु महुआ विक्रय होती है, तब तक शासन-प्रशासन कुछ भी कर ले न तो वह शराब कारोबारियों को न ही शराब पीने वालों को कंट्रोल कर सकती है। और न ही शराब मुक्त भारत हो सकती है। ऐसी स्थिति में एक मूर्ख भी समझ सकता है कि शराब नहीं जहर पिलाने में शासन का एवं शराब कारोबारियों का सहयोग भरपूर है। यहां समझना यह है कि किसी रंज वश व्यक्ति किसी व्यक्ति को मौत के घाट उतार दे तो उसको कड़ी से कड़ी शजा मिलती है यहां तक कि फांसी भी दे दी जाती है। परन्तु शराब कारोबारियों ने तो सैकड़ों लोगों को जहर के रूप में शराब पिला-पिलाकर मौत के घाट उतार रहे हैं क्या यह जुर्म का काम नहीं कर रहे,इस वारे में शासन को शराब कारोबारियों पर भी कड़ी से कड़ी कानून लागू करें या कि शराब बनने वाली वस्तु (महुआ) को ही नष्ट करवा दें तभी भारत शराब मुक्त हो सकती है।

       रेवांचल टाइम्स मेंहदवानी से शिवरतन कछवाहा की रिपोर्ट।

No comments:

Post a Comment