पंचायतों का भ्रष्टाचार चरम सीमा पर - revanchal times new

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Monday, March 15, 2021

पंचायतों का भ्रष्टाचार चरम सीमा पर

 






अधिकारी सूचना के अधिकारों की उड़ा रहे हैं धज्जियां जानकारी चाही कुछ और दी कुछ और...


रेवांचल टाइम्स - पंचायतों का भ्रष्टाचार है चरम सीमा पर लोक सूचना अधिकारी कर रहे हैं ।मनमानी उड़ा रहे हैं सूचना के अधिकार की धज्जियां दी जाती है। भ्रामक जानकारियां....


        जानकारियां रहती है 500 /रू की लेकिन लोक सूचना अधिकारी भेजते हैं 5000/रू से अधिक का बिल अधिक जानकारी न प्रदाय करने दिया जाता है दबाव ताकि आवेदक ना ले सके जानकारी....


 वही एक मामला संज्ञान में आया है...


        जनपद पंचायत केवलारी की ग्राम पंचायत खैरा पलारी का जिसमें सरपंच सचिव अपने पद का दुरुपयोग करते हुए । मनमानी कर रहे वही आर टी आई कार्यकर्ता ने एक ग्राम पंचायत में डाक के माध्यम से आवेदन 4-11 -2020 को लगाया था। आवेदन के  माध्यम से आवेदन में शासन की से प्राप्त राशि मे किये गए व्यय से सबधित जानकारी मांगी गई थी।जिसके एवज में ग्राम पंचायत के लोक सूचना अधिकारी ने बिना गणना करते प्रपत्र जारी किया जिसमें आवेदक से 6975 रुपये चाहे पत्र प्रप्ति के पश्चात आवेदक ने ग्राम पंचायत के मूलभूत खाते में चाही गई राशि जमा की गई राशि जमा करने के बाद लगभग आवेदक के द्वारा चाही गई जानकारी देने में लोकसूचना अधिकारी के द्वारा जानकारी देने में हिला हवाली करने लगे समय मे जानकारी न मिल पाने की दशा में आवेदक के द्वारा प्रथम अपीलीय अधिकारी महोदय मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत केवलारी को पत्र के माध्यम से अवगत कराया इसके बावजूद भी जानकारी प्रदाय नही की गई जिसके बाद आवेदन कर्ता के द्वारा पंचायत की शिकायत जिला कलेक्टर सिवनी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिवनी एव मुख्य कार्यपालन अधिकारी केवलारी की से की एव ग्राम पंचायत में किये गए निर्माण कार्यों की जाँच की माँग की आवेदक के द्वारा शिकायतें करते ही हड़बड़ाहट में लोग सूचना अधिकारी द्वारा भ्रामक पत्र जारी किया गया। जिसके बाद आवेदक ने एक शिकायत जारी की एवं संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया तो आनन-फानन में पंचायत द्वारा करीबन  7000 /रू जमा कराया गया। एवं अथक प्रयास के बाद करीबन 2700/रू के आसपास की जानकारी डाक से भिजवाया एवं बाकी पैसे वापस देने के लिए आवेदक को पत्र जारी किया गया।


अब सवाल यह उठता है कि......


          आखिरकार पैसों को एक बार शासकीय खजाने में जमा करने के बाद वह पैसे वापस कैसे कर सकते हैं।


     इससे यह स्पष्ट होता है कि सूचना के अधिकार के संबंधित अधिकारी उड़ा रहे हैं ।धज्जियां एवं मजाक.... नियमों को ताक पर रखकर कर रहे हैं मनमानी कहीं भ्रष्टाचार उजागर ना हो जाए यह समझ कर नहीं दे रहे हैं। जानकारी...


         वही लगता हे कि इनसे संबंधित अधिकारियों का भी सहयोग है।जो मिलकर साथ में उड़ा रहे हैं सूचना के अधिकारों की धज्जियां.....


               इसके बाद जैसे तैसे आनन-फानन में एड़ी चोटी का जोर लगाकर आवेदक जानकारी लेता है ।तो आधी से भी कम जानकारी दी डाक से भिजवाया गया। आधी अधूरी जानकारी प्रदाय की है जिसकी शिकायत आवेदक के द्वारा राज्य सूचना आयोग एवं केंद्र सूचना आयोग में आवेदक करेगा।


     इनका कहना है कि.......


          आवेदक द्वारा बताया गया कि मुझे केवलारी जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत खैरा पलारी से मानसिक प्रताड़ना एवं आर्थिक क्षति दी गई है मेरे द्वारा जिन बिंदुओ जानकारी चाही थी वह नही दी गई और जो जानकारी प्रदाय की गई है मेरे कोई काम की नही है। एक ही पत्रों की चार चार कॉपी प्रदान की गई है जो कि नियमों के विपरीत है। और सूचना अधिकार की नियम की धज्जियाँ उड़ाई जा रही है जिसकी शिकायतें मेरे द्वारा बहुत जल्द केंद्रीय सूचना आयोग एव राज्य सूचना आयोग को की जायेगी।


                   आवेदक आरटीआई कार्यकर्ता....


अखिलेश बंदेवार के साथ रेवांचल टाइम्स की एक रिपोर्ट

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