नौकरी और प्रमोशन के लालच में डॉक्टर आर. के. रोकड़े ने बदली जाति... एक ही परिवार के सदस्यों की समग्र आईडी में अलग-अलग जाति.... - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

Saturday, March 20, 2021

नौकरी और प्रमोशन के लालच में डॉक्टर आर. के. रोकड़े ने बदली जाति... एक ही परिवार के सदस्यों की समग्र आईडी में अलग-अलग जाति....




रेवांचल टाइम्स  - मध्य प्रदेश विटनरी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर  डॉ.आर के रोकड़े व इनके समस्त परिवार का मामला है, जो अबैध रूप से शासकीय पद पर नियुक्ति तथा दूसरे पात्र लोगों का हक डकार कर शिक्षा प्राप्त करने का है। जिसमें मध्य प्रदेश शासन आदिम जाति कल्याण विभाग (अनुसूचित जाति संदेहास्पद जाति प्रमाण पत्र उच्च स्तरीय छानबीन समिति) प्रकरण क्रमांक /1064/2013 दिनांक 22/09/2014 को पारित निर्णय में पुलिस द्वारा दिए गए जांच प्रतिवेदन अनुसार डॉक्टर आर .के. रोकड़े के भतीजे निलेश रोकड़े, भाई सुरेंद्र रोकड़े, तथा नरेंद्र रोकड़े के जाति प्रमाण पत्र अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में है। इनकी समग्र आई.डी. में अनुसूचित जनजाति का विवरण होना चाहिए।

   वही



परिवार की समग्र आईडी में है दर्ज


          परंतु कमाल की बात यह है कि डॉक्टर आर.के. रोकड़े के परिवार की समग्र आईडी क्रमांक 37960010 है जिसमें उनकी पत्नी छाया रोकड़े, पुत्री ॠचा रोकड़े पुत्र ऋषभ रोकड़े का नाम दर्ज है। जिनमें इनकी श्रेणी अनुसूचित जनजाति का उल्लेख है। इनकी शिक्षा व अन्य सुविधाओं में अनुसूचित जनजाति के अंतर्गत लाभ लिया जाता है।



सगे भाई भाई की जाती है अलग-अलग


           पशु विभाग के संचालक डॉक्टर आर.के. रोकड़े के भाई सुरेंद्र रोकड़े जो कि पूर्व में पुलिस विभाग में शासकीय नौकरी में सेवानिव्रत हो चुके हैं। का जाति प्रमाण पत्र अनुसूचित जनजाति का है। तथा इनके बेटे राहुल रोकड़े की परिवार समग्र आईडी 47930123 है। जिसमें उनके बेटे का नाम प्रत्यूष है। जिसकी समग्र आईडी 310067908 है तथा इनका जाति कोड 51 दर्ज है। तथा प्रत्यूष रेवा दि एकडेमी में कक्षा पहली से अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी अंतर्गत अध्ययनरत हैं। साथ ही  इनकी बहन पुष्पा सावरकर अन्य पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत आती है और वे अन्य पिछड़ा वर्ग में शासकीय नोकरी भी कर रही है आखिर एक ही परिवार में अलग अलग जाति एक बड़ा सवाल पर जाँच इन सब मुद्दों पर क्यों नही हुई ? 



अब सवाल यह उठता है कि....


नौकरी और प्रमोशन की लालच में डॉक्टर आर के रोकड़े संचालन पशुपालन मध्यप्रदेश ने बदली अपनी श्रेणी...


      या कहें कि परिवार की समग्र आईडी में अलग अलग जाति की है जिसकी शिकायत की जा चुकी है अब देखना यह है कि जो शिकायते रेवांचल की टीम ने की है वह शिकायत केवल डॉ आर के रोकड़े तक ही सीमित रहती है या फिर स्वर्गीय श्री सोनवाजी रोकड़े के वंशजों की भी जाँच होती है और अगर श्री सोनवाजी रोकड़े के वंशजों की जाँच होती है तो सब सच सामने आ जाएंगे कि कौन सही और कौन गलत अब देखना वाकी है कि क्या दी गई शिकायतें में केवल खाना पूर्ति होती है या फिर जाँच भी या फिर शिकायत कर्ता को माननीय उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ सकती है।

No comments:

Post a Comment