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Wednesday, February 24, 2021

जिला प्रशासन को धोखा दे रहा है डॉक्टर




रेवांचल टाइम्स - जिला अस्पताल में सिविल सर्जन के पद पर पदस्थ डॉ विनोद नावकार जो कि बहुत सालों से जिला अस्पताल में पदस्थ हैं। और अपना क्लीनिक रूपी अस्पताल अपने ही घर पर चलाते हैं ।और उन्होंने अपनी सिविल सर्जन होने का पूरा फायदा अपने परिवार के लिए उठाया ज्योत्सना नावकर जो कि प्रोफेसर के पद पर सिवनी डिग्री कॉलेज में पदस्थ हैं। उनको कोविड-19 का टीका लगवाया गया है ।और जिसे कोविड-19 का टीका लगना है उसके संपूर्ण दस्तावेज के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग से संबंध होना अनिवार्य है यह भी बताना पड़ता है ।क्योंकि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेक आउट प्रोग्राम के अनुसार फ्रंट लाइन वर्करों को पहले कोबिट टीका  लगाया जाएगा। ऐसा उन्होंने बताया था परंतु डॉक्टर नावकर ने अपनी पत्नी को अपने ही क्लीनिक में रिसेप्शनिस्ट के पद पर पदस्थ बताकर कोविड-19 का टीका लगवाया है ।जो कि शासन की नजरों में धूल झोंकना कहलाएगा। डॉक्टर विनोद नवकार की पत्नी प्रोफेसर के पद में पदस्थ हैं ।और इस तरह से दोनों शासकीय कर्मचारी होते हुए शासन को धोखे में रखकर अपने क्लीनिक में रिसेपनिस्ट बनाना और उनकी पत्नी का भी अपने आपको रिसेप्शनिस्ट बताना यह धोखाधड़ी कहलायेगा। और इसके तहत इसमें इस दंपत्ति के ऊपर धोखाधड़ी की धारा के अनुसार मामला दर्ज होना चाहिए क्यों किया कोविड-19 का टीका उन लोगों के लिए है ।जिन्होंने कोरोना काल में कोरोना से लड़ते हुए लोगों की सेवा की है इसमें कोई शक नहीं है ।कि डॉक्टर नावकर जो स्वयं डॉक्टर होने के नाते जनता की सेवा किया है। और उन्हें यह इंजेक्शन लगाना चाहिए था ।और उन्हें लगा परंतु  ।उनकी प्रोफेसर पत्नी जिनको कोरोना काल में और कोरोना काल के बाद भी कोरोना से लड़ने का कोई प्रमाण नहीं है ।और ना ही पीएम मोदी की फ्रंट लाईन वर्कर के लिस्ट में आती हैं ।अपनी प्रोफेसर पत्नी को इनको कोविड का टीका लगवाने के लिए आखिर डॉक्टर नावकर ने झूठ क्यों बोला


क्या जिला प्रशासन करेगा कार्यवाही


फ्रंटलाइन वर्कर की लाइन को तोड़कर अपने परिवार को लाइन में जोड़कर इस टीके का उपयोग किया है जो कि शासन के साथ धोखाधड़ी है। अब तो डॉक्टर नावकर ही बता सकते हैं ।कि वे कौन कौन से डॉक्टर है ।जिन्होंने अपने परिवार को कोविड-19का टीका लगवाया है।


इस संबंध में इनका कहना है कि


डॉ विनोद नावकर से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि मैं रजिस्टर्ड क्लीनिक चलाता हूं और मेरी क्लीनिक में बाहर से पेशेंट आते हैं कभी-कभी स्टॉप ना होने के कारण पेसेंट दरवाजा खटखटाता है तो  मेरी पत्नी को दरवाजा खोलना पड़ता है और कभी-कभी महिला पेशेंट रहती है तो मेरी पत्नी को भी सामने खड़ा होना पड़ता है ऐसे में मैंने अपनी पत्नी को कोविड-19 वैक्सीन लगवाया है ताकि उसे संक्रमण ना हो मेरे हिसाब से मैंने कोई गुनाह नहीं किया है फिर जो भी कार्यवाही होगी मैं उसे झेल लूंगा इससे पहले भी झेलते आया हूं।


और यह भी बताया कि.......


          अन्य भी डाक्टरों ने अपनी परिवार को कोविड-19  का इंजेक्शन जिला अस्पताल में लगवाया है।

            

           डॉ विनोद नावकर

सिविल सर्जन जिला अस्पताल सिवनी


संबंधित अधिकारी नहीं उठाते फोन


          इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से अधिक जानकारी लेने के लिए संपर्क किया गया तो संबंधित अधिकारी नहीं उठाते फोन।


डॉक्टर के .सी. मेश्राम

    

         सी एच एम ओ सिवनी



विनोद दुबे एवं अखिलेश बंदेवार के साथ रेवांचल टाइम्स की एक रिपोर्ट

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