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Thursday, February 4, 2021

मुख्य कार्यपालन अधिकारी को हटाने के लिए जनप्रतिनिधि हुए लामबंध की कार्यकाल की जांच की माँग





रेवांचल टाईम्स :- आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के अंतर्गत आनी वाली जनपद पंचायत नारायणगंज के अध्यक्ष उपाध्यक्ष सहित जनपद सदस्यों द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी वत्सला शिवहरे के खिलाफ कलेक्टर से की गई शिकायत।

 वही लिखित शिकायत पत्र में कहा गया है कि जनपद पंचायत के अंतर्गत नाव घाट ही जनपद का प्रमुख आय स्रोत है बिना नीलामी के घाटों का संचालन मनमानी तरीके से हो रहा है। जनपद अथवा शासन के राजस्व को कितना नुकसान हुआ इसकी जांच की जाए। मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय पत्र क्रमांक/ प.रा. सीएफसी 2020 |1| 325 भोपाल दिनांक 1/10/20 को जारी पत्र के परिपालन मैं जनपद पंचायत नारायणगंज अंतर्गत अधिकतर पंचायतों द्वारा नियमों का पूर्ण पालन ना करते हुए 85% राशि आहरण कर खर्च किया गया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पर्यवेक्षण के अभाव में जिसकी जांच की जाए। वही विगत माह में ग्राम पंचायत रतनपुर चौकी के पंचो द्वारा एवं ग्राम पंचायत शाहा के हितग्राहियों द्वारा मनरेगा में हुए कथित भ्रष्टाचार की शिकायत की गई है। स्पष्ट है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती शिवहरे द्वारा संविधान के आधार पर ईओडब्ल्यू विभाग से जांच हो मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद में लगभग वर्ष 2010 से पदस्थ है और इनका मुख्यालय जबलपुर है उनके वाहन की निविदा की एवं लाक बुक की जांच की कार्यवाही की जाए साथ ही मुख्य कार्यपालन अधिकारी का व्यवहार जनपद सदस्यों के प्रति ठीक नहीं है उनकी बातें हमेशा ठेस पहुंचाने वाले व अपमानित करने वाली होती हैं। जिस कारण वर्तमान में जनपद स्तर की बीपी डीपी भी लंबित है साथ ही इनके कार्यकाल के दौरान निर्मित शौचालय की भी जांच की जानी चाहिए। वही जनपद पंचायत अध्यक्ष उपाध्यक्ष सहित सभी सदस्यों द्वारा मांग की गई कि  मुख्य कार्यपालन अधिकारी को  प्रभार से  हटाते हुए उपरोक्त बिंदुओं में अभिलंब जांच की जाए वहीं मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण अधिनियम 1965 व मध्य प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1993 के तहत अनुशासनात्मक एवं वैधानिक कार्यवाही करने की मांग की गई।




 इस दौरान उपस्थित रहे श्रीमती जीराबाई मरावी अध्यक्ष, भूपेंद्र वरकड़े उपाध्यक्ष, श्रीमती मुन्नीबाई वाडीवा, श्रीमती इंद्राबाई कुशराम, श्रीमती सुखमनिया वरकड़े, श्रीमती अभिलाषा सिंगरोरे (सभापति), श्रीमती माया वाडीवा (सभापति),  बजारीलाल सरवटे (सभापति),  रतन पन्द्राम, पोचन मसराम।

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