रेवांचल टाईम्स :- नगरपालिका में पिछले दिनों ई-टेंडर घोटाला खास काफी चर्चा में रहा था, इसमें नगरपालिका नैनपुर के cmo एवम उपयंत्री पर लेनदेन कर कुछ खास ठेकेदारों के पक्ष में ई-टेंडर से छेड़छाड़ कर लाभ पहुंचाने के आरोप थे।
इस घोटाले की शिकायत नैनपुर के जागरूक नागरिक शशांक चौरसिया द्वारा नगरीय प्रशासन विभाग व लोकायुक्त संगठन के समक्ष की गई थी। इस पर लोकायुक्त संगठन ने प्रकरण क्रमांक 40/18 एवं 67/18 दर्ज किया था। इसी के आधार पर नगरीय प्रशासन विभाग मध्यप्रदेश के संभागीय संयुक्त संचालक जबलपुर के द्वारा नगर पालिका परिषद नैनपुर में बहुचर्चित ई टेंडर घोटाले की विस्तृत विभागीय जांच की गई।
दोनों अपचारी अधिकारियों संदीप मरकाम, तत्कालीन उपयंत्री नगर पालिका परिषद नैनपुर एवं दिनेश बाघमारे, तत्कालीन मुख्य नगरपालिका अधिकारी नैनपुर पर अनादि आश्रम वार्ड क्रमांक 14 की बाउंड्री वाल (लागत 30.05 लाख), मैला टैंकर खरीदी, टाटा ACE HT वाहन खरीदी के ई-टेंडरों में छेड़छाड़ करने के आरोप थे, जोकि विभागीय जांच में सही पाए गए।
जांच के निष्कर्ष में यह पाया गया कि तत्कालीन उपयंत्री संदीप मरकाम एवं CMO दिनेश बाघमारे ने अपने पदीय कर्तव्यों में जानबूझकर लापरवाही बरती। इस पर मध्यप्रदेश नगर पालिका सेवा (कार्यपालन) नियम 1973 के नियम 31 एवं मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 10 में प्रदत्त शक्तियों के अंतर्गत निविदा (टेंडर) प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता का दोषी पाए जाने इन दोनों की 03 वेतनवृद्धि (इंक्रीमेंट) संचयी प्रभाव से रोक दी गई हैं और नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा अपने स्तर से इस प्रकरण का निराकरण कर दिया गया है।



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