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Wednesday, January 6, 2021

भ्रष्टाचार की लंम्बी लड़ाई के बाद आखिर भृष्ट सचिब और पूर्व उपसरपंच को जाना पड़ा सलाखों के पीछे




रेवांचल टाईम्स :- मंगलवार को ग्राम पंचायत ओघटखपरी के पूर्व सरपंच फामन लाल ठाकुर एवं उनके पुत्र सचिव परसराम ठाकुर को ग्राम मुर्र्मखाप पर स्थित एक तालाब के मामले में धारा 420, 467, 468, 471,434 का आरोपी मानते हुए जिला सत्र न्यायाधीश अजय मिश्रा द्वारा जेल भेजा गया। उस प्रकरण एक पटवारी भी आरोपी । जो जमानत पर रिहा गए थे। पूरे मामले में शिकायत हीरा ठाकुर द्वारा की गई थी। जनहित की यह लड़ाई न्यायालय में न्याय हो सके इस लिये यह 12 साल से लगातार चली आ रही थी जिस पर शिकायतकर्ता को न्याय मिला और संबंधितों के खिलाफ आखिर कार आज कार्यवाही हुई और उनके किया किया गया अपराध में  जेल भेजा गया। फिर भी यह नहीं कहा जा सकता कि यह लड़ाई कब तक चलेगी किसी को पता नहीं है। क्योंकि यह जनहित की लम्बी लड़ाई है जब तक न्याय नहीं मिल जाता तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। ये कहना शिकायतकर्ता हीरा सिंह ठाकुर का है। जिन्होंने तालाब घोटाले के मामले पर लम्बी लड़ाई लड़ी तब जाकर न्यायालय ने आरोपियों को जेल भेजा, वहीं इस पूरे मामले में एक आरोपी की मौत हो चुकी है।


     किस तरह से ये लोग अपने निजी स्वार्थ के चलते शासकीय सम्पति को अपने कब्जे कर रखे थे वही भू-अभिलेखों में उक्त तालाब मण्डला निवासी स्व. छिद्दीलाल पिता लखनलाल के नाम दर्ज था। इस दौरान संशोधन पंजी में. 76 में मामला के. (अ.71) 62-63 के अदालत अ.वि.अ. के आदेश दिनांक 29.81.63 के अनुसार उक्त तालाब को शासन निहित किये जाने के प्रमाण हैं। इस संदर्भ में तात्कालीन राजस्व निरीक्षक द्वारा भी 28.05.63 को रिकार्ड दुरुस्ती के लिये आदेशित किया गया था, लेकिन उक्त आदेशों का पालन पटवारी द्वारा नहीं करते हुए लापरवाही की गई । यहीं से यह तालाब खोटी नियत का शिकार बनता गया। 1955-56 से 82-83 के खूसरा पांचसाला में उिदीलाल पिता लखनलाल का नाम यथावत पाया गया। वर्ष 1983-84 के रोस्टर वर्ष में खसरे से छिदीलाल पिता लखन लाल का नाम में था।

               जिसकी शिकायत हीरा ठाकुर के द्वारा करते हुए जनहित में न्यायालय की शरण ली और आज दोषियों को सजा के तौर पर 12 साल बाद फैसला आया है और बाप बेटे को सलाखों के पीछे जाना पड़ा।

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