रेवांचल टाईम्स :- बड़ा हल्ला मचा रहे थे महाकौशल विशेषकर जबलपुर के लोग कि हमारी भारी उपेक्षा हो रही है, जबलपुर जैसे 'इंपोर्टेंट' जिले से किसी को मंत्री नहीं बनाया गया, रोजाना अखबारों में तरह तरह के संघठन विज्ञप्तियां छपवा कर अपना गुस्सा दिखा रहे थे, विधायक 'अजय भैया' तो सरे आम ट्वीट कर कर के महाकौशल और उसके साथ साथ विंध्य की भी उपेक्षा का सवाल उठा रहे थे l लोगों का कहना था कि सारी 'मलाई' ग्वालियर, चम्बल, और सागर शहडोल के विधायकों में बाँट दी गयी है और हमारे हाथ में 'छूछन' भी नहीं आई, कम से कम एक मंत्री तो बना देते जबलपुर जिले से, बीजेपी भी रोज रोज की किचकिच से तंग आ गयी थी उसने सोच लिया था कि जिस चीज की मांग जबलपुर वाले कर रहे है उन्हें दे ही दी जाए और एक ही झटके में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष 'वीडी भाईसाहब' ने एक नहीं बल्कि दो दो मंत्री जबलपुर की झोली में डाल दिए ये बात अलग है कि ये मंत्री सत्ता में नहीं संघठन में है लेकिन उनका साफ कहना है की आपने मंत्री मांगे थे हमने मंत्री दे दिए, अब काहे का झगड़ा, आप लोगों की मांग पूरी कर दी अब चिल्लाना बंद करो और तो और एक 'ट्रेजरार' भी दे दिया है आप लोगों को, जिसके पास पार्टी का सारा 'माल मत्ता' रहेगा इसी से खुश हो जाओ कि पार्टी का माल मत्ता अब जबलपुर वाले के हाथ हैl दो दो मंत्री और एक कोषाध्यक्ष देने के बाद अब क्या जान लोगे हमारी l एक बात तो है अपने बीजेपी वाले हैं बड़े 'चतुर सुजान' एक ही दांव में पूरे जबलपुर और महाकौशल को चित्त कर दिया जितनी 'चिल्ला चौंट' मचा रहे थे यंहा के लोग उन सबको शांत कर दिया एक मंत्री माँगा था दो मंत्री दे दिए,ये बात अलग है की ये मंत्री बेचारे सत्ता की मलाई से दूर रात दिन संघठन के लिए घिटते रहेंगे ल इधर भोपाल में पद भार संभालने गए इन मंत्रियों और पूरी टीम को अपने मामाजी ने साफ़ साफ़ नसीहत दे दी कि भैया आप लोग 'ट्रांसफर पोस्टिंग' के चक्कर में न पड़ना, अपनी वाणी पर संयम रखना, कोई काम ऐसा न करना जिससे पार्टी की इमेज ख़राब हो, किसी के साथ फोटो खिचवाना तो पहले उसकी पूरी 'कुंडली' चैक कर लेना कि वो कौन है, क्या करता है, कब पैदा हुआ था, उसी राशि क्या है, उसका धंधा क्या है उसके घर में कौन कौन है, वो फोटो खिचवा कर लोगो को क्या बतलाना चाहता है और जब तक पूरी तरह से सेटिस्फेक्शन न हो जाए तब तक किसी के साथ फोटो मत खिचवाना , अब बेचारे ये मंत्री करें भी तो क्या करें जब ट्रांसफर पोस्टिंग में ही नहीं चलेगी तो कौन सुनेगा इन की, और ये भी कह दिया अध्यक्ष जी ने कि एकाध बार तो जुलूस और स्वागत करवा लेना उसके बाद सिर्फ काम में जुटना है यानि पार्टी को मजबूत करने में लग जाना है, अब जबलपुर वालों को एक ही सलाह है कि भविष्य में जब भी 'मंत्री' की मांग करना साफ़ साफ़ कहना कि हमें पार्टी वाला नहीं बल्कि मंत्रीमंडल वाला मंत्री चाहिए है वरना अगली बार भी ऐसा ही हो सकता है
पुराने जमाने की ट्यूब लाइट हो गयी हो कांग्रेस
आज कल बाजार में 'इलेक्ट्रॉनिक ट्यूबलाइट' आ गयी है जो बटन दबाते ही जल जाती है पर कुछ साल पहले तक जो ट्यूब लाइटें आती थी उनमें बटन दबाने के बाद कई मिनिट तक इन्तजार करना पड़ता था तब कंही जाकर वे जलती थी अपनी कांग्रेस भी वही पुरानी वाली 'ट्यूबलाइट' हो गयी हैl डेढ़ महीने से ज्यादा हो गया दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन को चलते चलते, तब उन्हें याद नहीं आया कि हमें किसान आंदोलन के सपोर्ट में कुछ करना चाहिए डेढ़ महीने बाद किसी ने याद दिलाया कि अरे भैया इतना बड़ा आन्दोलन चल रहा है और आप हाथ पर हाथ धरे बैठे हो तो पार्टी की नींद खुली और पूरे देश में कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किये l ये ही तो कमजोरी है आप लोगो की कि सोते रहते हो जब तक कोई जगाये नहीं तब तक आप लोगो की नींद ही नहीं खुलती, जैसे तैसे सत्ता में आये थे लेकिन किसी मसले पर कोई निर्णय नहीं, बेचारे सिंधिया जी इन्तजार करते रहे कि उन्हें कुछ मिल जाए दूसरे विधायक नेता इस इन्तजार में बैठे रहे कि उन्हें निगम मंडलों में एडजेस्ट कर लिया जाए पर पार्टी के नेताओं की नींद खुले तब न और हुआ क्या, दूसरी पार्टी आपके लोगों को ले उड़ी कि आ जाओ हम लोग जागे हुए हैं 'चमत्कारी अंगूठी' की तर्ज पर जो मांगोगे वो ही मिलेगा और मिल भी गया, और आप अपनी सत्ता गँवा बैठेl अपनी तो कांग्रेस को एक ही सलाह है कि या तो अपने हर नेता के हाथ में 'अलार्म' वाली घड़ियाँ बाँध दो या फिर कोई 'जगाने' वाला पार्टी में रख लो और या फिर ये पुरानी चोक वाली ट्यूब लाइट से इलेक्ट्रॉनिक चोक वाली ट्यूब लाइट बन जाओ वरना दूसरे आपका बटन दबाते रहेंगे
सुपर हिट ऑफ़ द वीक
'सजनी अपनी जुल्फों को कभी संवार भी लिया करो' श्रीमान जी ने श्रीमती जी से कहा
श्रीमती जी ने शर्माते हुए कहा 'आप भी न'
'मां कसम अबकी बार खाने में बाल आ गया तो सजनी से गजनी बना दूंगा' श्रीमान जी ने कहा
चैतन्य भट्ट

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