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Friday, December 18, 2020

अशासकीय शैक्षणिक संगठन ने 5 सूत्रीय मांगो को लेकर सौंपा ज्ञापन...क्या है उनकी मांगे जाने....

रेवांचल टाइम्स - अशासकीय शैक्षणिक संगठन द्वारा 5 सूत्रीय मांगो को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा है कि प्रदेश में अशासकीय विद्यालय में महाविद्यालय कोरोना महामारी के चलते खराब दौर से गुजर रहे है। शासन के द्वारा अशासकीय संस्थाओं के प्रति उपेक्षा पर संज्ञान दिलाने 18 दिसम्बर को मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम 5 सूत्रीय मांगो पर ज्ञापन सौंपा।



विद्यालय की मांग है कि अशासकीय विद्यालय आरटीई की राशि गत 3 वर्षो से विलंबित पड़ी है। इस हेतु शासन द्वारा कोरोनाकाल में शैक्षणिक संगठन,कर्मचारियों, प्राध्यापकों को कोई आर्थिक मदद नही दी गई। आरटीई की राशि पूरी तीन वर्ष बिना केवायसी की जारी की जाये। अशासकीय विद्यालय मार्च से बंद पड़े है। जिनकी निरंतरता शुल्क जमा है। इन परिस्थितियों में मान्यता वृद्धि किया जाना अत्यन्त आवश्यक,न्यायसंगत होगा। एम शिक्षा मित्र एप के माध्यम से मान्यता नवीनीकरण के लिये आवेदन किया गया है। और बीआरसी के द्वारा विद्यालय का भौतिक परीक्षण किया गया। विद्यालय फिर से 21-22 में आवेदन क्यों करेंगे। ऐसे में विद्यालयों की 5 वर्षीय मान्यता अनुमति प्रदान की जाये।

शासकीय महाविद्यालय बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के प्रवेश केसाथ प्रतिदिन सीट वृद्धि कर स्नातक स्तर पर निर्धारित सीट 600 से 2000 तक कर लेते है। एवं स्नातकोत्तर एमएससी स्तर पर 30 से 200 तक कर लेते है। परंतु अशासकीय महाविद्यालय की एक भी सीट में वृद्धि नही होती। जो कि विरूदाभाषपूर्ण प्रवेश नीति है। बेरोजगार नवयुवक तैयार कर प्रवेश,परीक्षा नीति की प्रक्रिया अपनाई जाती है। ऐसी व्यवस्था सिर्फ बेरोजगारी की संख्या में वृद्धि कर सकती है। प्रवेश नीति शासकीय एवं अशासकीय सभी के लिए प्राध्यापकों के 30.1के अनुपात में निर्धारित किये जाये। नियम विरूद्ध प्रवेश निरस्त किये जाये। अशासकीय महाविद्यालय एवं महाविद्यालय प्रदेश का 90 प्रतिशत से अधिक परीक्षा परिणाम तैयार करते है। परंतु परीक्षा केंद्र नही बनाया जाता,फिर कोड-28 नियमों का पालन अशासकीय महाविद्यालय से कराने का क्या औचित्य।  अशासकीय महाविद्यालयों का इंस्पायर योजना अंतर्गत छात्रवृत्ति में जोड़ा जाये। प्रवेश प्रक्रिया में छात्रों के सत्यापन के अधिकार अशासकीय महाविद्यालयों को दिये जायें। उक्त मांग 15 जनवरी तक नही माने जाने पर संगठन गांधीवादी विचारधारा से अनशन करने के लिये प्रतिबद्ध होगा।

ज्ञापन में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि अशासकीय महाविद्यालयों को यूजीसी द्वारा भी प्रमाण पत्र ना दिये जाने के कारण इंस्पायर अवार्ड के माध्यम से मिलने वाली छात्रवृत्ति से भी विद्यार्थी वंचित रहते है। उक्त ज्ञापन सौंपने वालों में गजेश ठाकरे,आरआर रघुवंशी, तेरसिंह राहंगडाले,वायएस राणा,टेकचंद सनोडिय़ा, राजेश बिसेन, नरेन्द्र अग्रवाल, फिरदोस खान, बरमैया सहित अनेक लोग शामिल हुए।


विनोद दुबे के साथ रेवांचल टाइम्स की एक रिपोर्ट

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