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Wednesday, December 16, 2020

कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने ऑनलाईन व्यापार के विरोध को लेकर सौपा मंडला कलेक्टर को ज्ञापन


रेवांचल टाईम्स मण्डला- कॉन्फेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) कैट के जिला अध्यक्ष संजय तिवारी, प्रशांत अग्रवाल, अनिल दुबे , समीर राय ने ऑनलाईन व्यापार के विरोध में कलेक्टर मंडला के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा ।ज्ञापन में ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा एफडीआई नीति और अन्य कानूनों का उल्लंघन "लोकल पर वोकल " और "अत्निनिर्भर भारत' अभियान को सुदृढ़ करने पर आवश्यक कदम एवंडिजिटल इंडिया तेजी से अपनाने के लिए आपके आहवाहन के मद्देनजर देश भर के व्यापारियों ने कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के देशव्यापी अभियान के अंतर्गत "डिजिटल कॉमर्स' को उत्साहपूर्वक अपनाया है। किंतु  बड़ी विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों ने अपने असीमित संसाधनों के बल पर सरकार की एफडीआई नीति और सम्बंधित कानूनों , नियमो का निरंतर उल्लंघन करते हुए भारत के ई कॉमर्स व्यवसाय और करोड़ों व्यापारियों द्वारा खुदरा व्यापार करते हुए अपनी रोजी रोटी कमाने को बर्बाद करने तथा देश के रिटेल व्यापार पर अपना एकाधिकार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है ! यह बहुत ही खेदजनक है की उनके खिलाफ कई शिकायत करने के बावजूद उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है और इसलिए यह विषय देश भर के छोटे व्यापारी के लिए ऑनलाइन व्यापारिक गतिविधियों से जुड़ने तथा डिजिटल कॉमर्स में"आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य में बेहद रुकावट बन गया है ।यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कानून के संरक्षक होने के बावजूद विभिन्न सरकारी विभाग सरकार की नीति को इन कंपनियों द्वारा पालन करवाने में विफल रहे हैं। हालांकि केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा अपनी व्यावसायिक गतिविधियों को कानून के दायरे में संचालन करने के लिए अनेक कदम उठाये हैं लेकिन ये ई कॉमर्स कंपनियां किसी न किसी बहाने से कानून से बचती रही हैं और ऐसा माहौल बना लिया है कि भारत में कोई कानून उनके अर्मयादित व्यापार मॉडल को रोकने में सक्षम नहीं है । ऐसी स्थिति में सरकार दवारा शुरू किए गए "लोकल पर वोकल" एवं " आत्मनिर्भर भारत " अभियान को भी विपरीत रूप से प्रभावित कर रही हैं और भारत के व्यापारियों के लिए व्यापार करने की स्तिथि को दूषित कर रहा है।

हमारा आपसे अनुरोध है की ऐसी ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा भारत में ई-कॉमर्स व्यवसाय को विनियमित करने और निगरानी करने के लिए एक सशक्त रेगुलेटरी अथॉरिटी के स्पष्ट प्रावधान के साथ एक ई-कॉमर्स नीति को तुरंत घोषित किया जाए यह भी अनुरोध है कि एफडीआई नीति के प्रेस नोट 2 की विसंगतियों और असमानताओं को दूर करते हुए और सरकार को एक नवीन एवं स्पष्ट प्रेस नोट जारी किया जाना पाहिए।


लोकल पर वोकल और आत्मनिर्भर भारत अभियान


देश भर के व्यापारी "लोकल पर वोकल" और "आत्मनिर्भर भारत जैसे गतिशील अभियान के आपके आहवान की सरकार की प्राथमिकताओं को भली भांति दर्शाते हैं। यह अभियान न केवल अपने देश की संस्कृति और विरासत को विश्वपटल पर उजागर करेगा बल्कि घरेलू उत्पादों को अपनी निर्माण क्षमता में वृद्धि करने के लिए प्रोत्साहित करेगा जिससे अधिक एवं बेहतर गुणवत्ता वाले सामान का उत्पादन किया जा सके और देश भर के लोगों को केवल भारतीय वस्तुओं को उपयोग करने के लिए आक्रामक रूप से प्रेरित किया जा सके। कैट ने पहले ही से भारत के व्यापारिक समुदाय और लोगों के बीच "भारतीय समान-हमरा अभिमान" का एक राष्ट्रीय अभियान शुरू किया है और देश के सभी भागों के नागरिकों ने उत्साहपूर्ण समर्थन भी दिया है !


इस अभियान को देश के जन-जन तक पहुंचाने के लिए हमारा सुझाव है की व्यापार, उपभोक्ता, नागरिक,समाज और छोटे निर्माताओं के प्रतिनिधियों के साथ सरकारी अधिकारियों की एक संयुक्त समिति का गठन राष्ट्रीय स्तर, राज्य स्तर और प्रत्येक राज्य के प्रत्येक जिला स्तर पर किया जाना चाहिए जिससे कि अभियान को ज़मीनी स्तर पर पहुंचाया जा सके और इस के साथ जुड़ने के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रोत्साहित किया जा सके।


    हमें आशा ही नहीं वरन विश्वास भी है कि उपरोक्त दोनों मुद्द पर आप गंभीर रूप से मंथन करेंगे इस अवसर पर 

कैट के जिला अध्यक्ष संजय तिवारी के साथ प्रशांत अग्रवाल, अनिल दुबे , समीर राय ने उपस्थित रहे।

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