महिला सशक्तिकरण के लिये कार्यशाला का आयोजन - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

Friday, December 11, 2020

महिला सशक्तिकरण के लिये कार्यशाला का आयोजन


 

रेवांचल टाइम्स संस्था "वी स्टैंड फ़ॉर ऑल" के द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए सेल्फ डिफेंस की निशुल्क कार्यशाला 1 नवम्बर से आयोजित की गई  है। फैसल अफरोज़ कुरैशी के द्वारा यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें महिलाओं को मिक्स मार्शल आर्ट्स के लॉक्स, डिफेंस, अटैक की तकनीक सिखाई जा रही है, कलारी-पयाट्टू इंडियन मार्शल आर्ट फॉर्म एवं जू-जितसू की ब्राज़ील तथा जापानी  तकनीक के साथ ही उन्हें तलवारें,  लाठी, वल्लम, भाला जैसे 10 प्रकार के हथियार चलाना एवं उन्हें इससे अपनी रक्षा के भी तरीक़े सिखाएं जा रहे हैं। हमारा उद्देश्य, महिलाओं मे शारीरिक बल के साथ आत्मबल को बढ़ाना है।

 इसी दिशा में संस्था से अनन्या नामदेव ने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के साथ, साइबर क्राइम, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, जैसे गंभीर विषयों की जानकारी दी । जो वर्तमान में जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी, भोपाल मे बी.ए., एल.एल.बी  तृतीय वर्ष की छात्रा है। इस कार्यशाला से अधिक संख्या में महिलाएँ लाभ उठा रही हैं। यह कार्यशाला पूर्णतः निशुल्क है। संस्था के पदाधिकारी मृदुल सोनी, केशव विश्वकर्मा, अश्विनी गजभिये, ओम प्रजापति, विशेष श्रीवात्री,अरविंद वर्मा, नूरी खान, हैदर अली जाफरी, दुर्गा झाड़े, गौरांगी मिश्रा, अंकित खंडूजा का इस कार्य में अहम योगदान है।

"वी स्टैंड फाॅर ऑल"  इसके साथ-साथ पर्यावरण, पशु-पक्षियों एवं समाज के लिए शहर मे निरंतर 2 वर्षों से कार्य कर रही है संस्था से महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, मध्यप्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से भी युवा जुड़े हुए हैं। संस्था का उद्देश्य  युवाओं को जाग्रत करना है। आज का युवा शारीरक, मानसिक रूप से मजबूत हो ऐसे कार्य वी स्टैंड फॉर आल द्वारा किये जाते हैं, युवाओं को जाग्रत करना युवाओं का योगदान देश के विकास में हो.. यही कोशिश संस्था की रहती है।

हमारे पहले प्रधान मंत्री जी ने कहा था,

“कोई भी देश यश के शिखर पर तब तक नहीं पहुंच सकता जब तक उसकी महिलाएं कंधे से कन्धा मिला कर ना चलें।”आज पहले की तुलना में महिला आत्मनिर्भर एवं सक्षम हैं एवं पुरुषों की तरह राजनीति, आर्थिक, सामाजिक सभी क्षेत्रों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।परन्तु ऐसी महिलाओं के संख्या काफी कम है और अभी भी भारत में लैंगिक भेदभाव और महिलाओं का शोषण एक आम बात है। सरकार द्वारा दिय गए सारे कानूनी अधिकार व्यर्थ है जब तक महिलाएं खुद इस जानकारी से अवगत ना हो और इन अधिकारों का सही इसतेमाल ना कर पाए। इसलिए महिलाओं का अपने कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी और स्वयं की रक्षा के काबिल (सेल्फ डिफेंस) बनना एक आवश्यकता बन गई है।

No comments:

Post a Comment