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Thursday, December 24, 2020

दलित शोषित अधिकार से बंचित गरीब अनपढ समाज की ठेकेदारी कोई लेने को नही है तैयार



रेवांचल टाईम्स - प्रशासन सत्ता सरकार और उनके काम को जुटता दिखती ये तस्वीर है, सबाल खाड़ी करती है,सरकारी नियम,के पालन,सिफ एक फर्जी ओपचरिकता मात्र है, अगर ये प्रधानमंत्री आवास एक फर्जी पुण् तरीके से हुआ है तो इसका जिम्मेदार कोन हे, नारायणगंज के मुख्य या पंचायत सचिव, सबाल तो बहुत हैं पर आज न्याय नारायणगंज तहसील मे भी नहीं है,आज पेसे की इतनी औकात हो चुकी है कि वो अब सभी और सारे सिस्टम को ही खरीद सकता है तो आखिर गरीब लाचार अनपढ आदिवासी को न्याय कोन दिलाएगा

आज जाति और सामाजिक संगठनों की समाज के ठेकेदारों की आज बाढ़ आ चुकी है पर बह समाज जो आज भी दलित शोषित अधिकार बंचित गरीब अनपढ समाज की ठेकेदारी कोई लेने को तैयार नहीं है, सबाल आज नारायणगंज जनपद के घोटखेड़ा सबाल आज सरकारी अधिकारियों संबंधित विभागों का है, कि सरकार योजना नीतिओ किसी प्रकार आज काग़ज़ी खाना पूर्ति होती,आज नेता जनप्रतिनिधि का उद्देश्य सिर्फ पेसा कमाना पर्सेंटेज के आधर पर सिर्फ समाज के कुछ ठेकेदारों को काम दिलवा कर ठेका देना है, जितनी खुशामद आओ भगत जनपद सी ओ  और उनके आधिकारिक चमके ठेकेदारों की करते हैं शायद गरीब शोषित जनता को समय दिए होते तो आज समाज की इस प्रकार की तस्वीर निकल कर नहीं आती,सिस्टम की अगर जाच होती तो भ्रष्टाचार लोगों के हौसले आज इतने बुलंद नहीं होते! 

आज घोटखेड़ा ग्राम पंचायत के गरीब आदिवासी लोगों आपने 2018 से निर्माण आधीन प्रधानमंत्री आवास का काम अधूरा निर्माण पीछे 3 साल अधूरे कार्य की शिकायत 4 माह पहले कर जनपद ओर तहसील स्तर पर कर चुके हैं आज तक उनको न्याय नहीं मिला, 

        कमल सिंग मरकाम, मनोहर सिंग मरकाम, प्यारे लाल उइके आरोप लगाया कि अगर हमारे मकान का निर्माण अधूरा था तो,किसी आधर पर पूर्ण किया और राशि स्वीकृत कर दिया गया, ठेकेदारों ने तो छाल किया हमारे साथ पर क्या इसकी चपेट में संपूर्ण सिस्टम ही आ रहा है, क्यों कि  घोटहेड़ा ग्राम पंचायत मे गणेश मनोहर प्यारेलाल ये तीनों का मकान 2018 मे स्वीकृत हूआ पंचायत बालो के कहने पर ठेका करीम मंसूरी को दिया और जनपद सरपंच की मिली भगत से अधूरे कार्य की राशि को फर्जी दस्तावेज को लगा कर पूरा दिखा कर राशि इन लोगो से मटेरियल के नाम पर ले ली गई, जिसकी शिकायत पंचायत स्पेक्ट्र, तहसील से की पर कार्यवाही किए आज 4 माह हो चुका है कोई इनकी सुधा तक नहीं लिया, जिम्मेदार लोगों के ऊपर कार्यवाही भी नहीं हुई, आज घोट खेड़ा पंचायत मे आज सभी कार्य अधूरे और निर्माणाधीन हैं, इस पंचायत मे अभी शौचालय निर्माण कार्य अधूरा प़डा हुआ है, लेकिन मंडला जिले को ODF कर दिया गया है! जिसका नाम सरकारी सिस्टम है! अगर फ़ाइल खुली तो कई राज दाग दर हो जाइए, पर आज पैसो में हर कोई बिकता हैं, सिस्टम भी चलाने बाले भी इस लिए उनके हौसले इतने बुलंद है, गरीब आदिवासी आज बे घरों की जिंदगी गुजरने मे मजबूर हे शौचालय निर्माण कार्य अधूरा प़डा हुआ पर पर मंडला जिले को खुले मे शौच मुक्त करके जिला को ODF झूठा प्रपंच और कितनी पंचायतो मे फेला हुआ है जाच का विषय है,गणेश मनोहर प्यारेलाल ये तीनों का मकान 2018 मे स्वीकृत हूआ पंचायत बालो के कहने पर ठेका करीम मंसूरी को दिया और जनपद सरपंच की मिली भगत से अधूरे कार्य की राशि को फर्जी दस्तावेज को लगा कर पूरा दिखा कर राशि इन लोगों से मटेरियल के नाम पर ले ली गई, जिसकी शिकायत पंचायत स्पेक्ट्र, तहसील से की पर कार्यवाही किए आज 4 माह हो चुका है कोई इनकी सुधा तक नहीं लिया, जिम्मेदार लोगों के ऊपर कार्यवाही भी नहीं हुई, आज घोट खेड़ा पंचायत मे आज सभी कार्य अधूरे और निर्माणाधीन हैं, इस पंचायत मे अभी शौचालय निर्माण कार्य अधूरा प़डा हुआ है, लेकिन मंडला जिले को ODF कर दिया गया है! जिसका नाम सरकारी सिस्टम है! अगर फ़ाइल खुली तो कई राज दाग दर हो जाइए, पर आज पैसो में हर कोई बिकता हैं, सिस्टम भी चलाने बाले भी इस लिए उनके हौसले इतने बुलंद है, गरीब आदिवासी आज बे घरों की जिंदगी गुजरने मे मजबूर हे।

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