वनपरिक्षेत्र में हुई हजारों की संख्या में सालों पुराने पेड़ों की अबैध कटाई - revanchal times new

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Tuesday, November 10, 2020

वनपरिक्षेत्र में हुई हजारों की संख्या में सालों पुराने पेड़ों की अबैध कटाई

  


रेवांचल टाईम्स - जंगल के भ्रमण पर आई हकीकत सामने वनकर्मियों से मिलीभगत से वन माफियाओं ने कर दिया हजारों पेड़ों को धराशायी मप्र के दमोह जिले के तेन्दूखेड़ा वनपरिक्षेत्र का मामला जहां  हजार की तादाद में वेशकीमती सागौन तथा अन्य प्रजातियों के सालों पुराने पेड़ों को महीने भर से काटा जा रहा था



दमोह के तेन्दूखेड़ा, प्रदेश सरकार द्वारा वनों की सुरक्षा व देखभाल के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर उनको पानी की तरह बहा रही है वनों के संरक्षण हेतु कई योजनाओं को चलाया जा रहा है लेकिन वनपरिक्षेत्र जंगलों में वन माफिया सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं वह बेधड़क होकर जंगलों से हजारों की संख्या में पेड़ों को काटकर सफाया कर रहे हैं और खेलमैदान में तब्दील करने का लगातार वनकर्मियों की मिलीभगत से प्रयास करने में जुटे हुए हैं जिसके कारण हरे भरे बड़े बड़ें वृक्षों की आये दिन बेहरमी से कटाई की जा रही है इसी तरह का एक बहुत ही बड़ा मामला सामने आया है जिसमें हजारों की संख्या में वनकर्मियों की मिलीभगत से कई सालों पुराने वृक्षों काटा गया है मामला मप्र के दमोह जिले के तेन्दूखेड़ा वनपरिक्षेत्र का है जहां परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाली तिपंनी बीट में एक महीने से भी ज्यादा समय से जंगल के अंदर अवैध रूप से कई सालों पुराने  हजार की तादाद में पेड़ों को काटा गया है जिसमें वनकर्मियों की अहम भूमिका दिखाई दे रही है  जहां पहले पेड़ों को काटने से पहले कुल्हाड़ी से घाव कर सुखाया जा रहा है फिर पेड़ सूखने पर अधिकारियों की मिलीभगत से उन्हें काटकर रातों रात ट्रैक्टर ट्राली की मदद से बेचा जा रहा है आपको बता दें कि दमोह जिले के तेन्दूखेड़ा वनपरिक्षेत्र की तिपंनी बीट मे हजारों की तादाद में कई सालों पुराने पेड़ों को काटा गया है जिसकी सूचना सूत्रों द्वारा मीडिया तक पहुची जहां जब हमारी टीम ने जंगल का भ्रमण किया तो वहां पर हजारों की तादाद में बड़े बड़े कई सालों पूराने हजारों कटे हुए पेड़ पड़े हुए थे जिसे देखकर हमारी टीम भी तंग रह गई आपको बता दें कि पूरे जिले में जंगलों में पेड़ लगाने की जगह पुराने लगे हुए पेड़ों की कटाई कराई जा रही है और उन पेडों को काटा जा रहा है जो आज से नहीं बल्कि सैकड़ो वर्ष पहले से जंगलों में लगे हुए थे और उन्हीं से जंगल की शोभा और शान बनी हुई थी लेकिन अब उनपर लगातार कुल्हाड़ी चल रही है ऐसा ही एक मामला मप्र के दमोह जिले के तेन्दूखेड़ा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाली बीट तिपंनी में देखने को मिला जहां एक दो नहीं बल्कि हजारों की तादात में हरे भरे वेशकीमती पेड़ों पर कुल्हाड़ी चली है जानकारी मिलते ही प्रभारी रेंजर रेखा पटेल उप वनमंडल अधिकारी अमित चौहान के साथ वन अमला मौके पर पहुंचा जहां देर रात तक उन कटे हुए पेड़ों की कटाई  चलती रही जो अवैध रूप से कटे  गये है 



सागौन सत्तकटा और अन्य प्रजातियों के पेड़ों को हुई कटाई

      दमोह जिले के तेन्दूखेड़ा वनपरिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाली तिपंनी बीट है जहां पर सोमवार को इस कटाई की सूचना मिली है जानकारी के लिए बता दें कि जिस स्थान पर यह कटाई हुई है वहा पर बड़ी ही मात्रा में सागौन सत्तकटा सहित अन्य प्रजातियों के पेड़ काटे  गए हैं जो अभी भी मौके पर पड़े हैं जानकारी से जो सूचना मिली है उसमें यह पता चला है कि जिस जगह पर कटाई की गई वहां पर पहले पेड़ों को काटकर जगह को समतल करने साथ उस स्थान पर अतिक्रमण करने की तैयारी चल रही थी जिसमें वन माफियाओं ने हजारों की तादाद में पेड़ों को काटकर मौके पर ही फेका है 

ट्रैक्टर से शुरू हुई कटे हुए पेडों की धुलाई


      तेन्दूखेड़ा रेंज की तिपंनी बीट में हुई अवैध कटाई की सूचना मिलते ही तेन्दूखेड़ा वनपलिक्षेत्र अधिकारी रेखा पटेल उप वनमंडल अधिकारी अमित चौहान अपने वन अमले को लेकर  मौका स्थान पर पहुंचे और उन सभी पेड़ों को उठाने की कार्यवाही शुरू कर दी है जो अवैध रूप से काटे गए पेड़ों को जानकारी ये भी मिल रही है कि पेडों की कटी हुई लकड़ी तेन्दूखेड़ा डिपो में लाई जा रही है जिसकी न अभी नपाई हुई है न ही तुलाई वन अमला मौके पर देर रात तक वहीं पर मौजूद रहा और उन सभी पेड़ों को उठाता रहा जिनकी हजारों की तादाद में अवैध रूप से कटाई की गई है 

सैकड़ों में मिले मौके पर कटे हुए पेड़

         तिपंनी बीट में जहां हजारों की तादाद में पेड़ों को काटा गया है लेकिन वहीं दूसरी सबसे बड़ा प्रश्न यह भी उठता है कि जहां सरकार द्वारा लाखों रुपए खर्च कर इन हरे भरे वृक्षों को सवारने का प्रयास कर रही है और वनकर्मियों को हर महीने करोड़ों रुपए खर्च कर तनख्वाह दे रही है लेकिन इन्हीं की मदद से वन माफियाओं द्वारा हजारों की संख्या में पेड़ों को काटकर जंगलों का सफाया किया जा रहा है जिसके चलते इन वन माफियाओं के वनकर्मियों की मिलीभगत से हौसले बुलंद होते जा रहे हैं और अपने काम को अंजाम दे रहे हैं आपको बता दें कि  पूरे दमोह जिले के साथ तेन्दूखेड़ा वनपरिक्षेत्र में बड़े स्तर पर अवैध कटाई का कारोबार वनकर्मियों तथा अधिकारियों की मिलीभगत से फलफूल रहा है तथा चल रहा है अब देखना ये है कि इतनी बड़ी कटाई में कितने कर्मचारियों पर कार्यवाही होती है क्योंकि जंगलों की सुरक्षा के लिए बीटगार्ड डिप्टी के साथ रेंजर और उप वनमंडल अधिकारी की भी जिम्मेदारी होती है जिनको विभाग द्वारा वाहन पेट्रोल तेल भी भ्रमण के लिए दिया जाता है लेकिन सबसे बड़ी बात तो यह है कि तेन्दूखेड़ा के वनपरिक्षेत्र अधिकारी गण अपने कार्यालय में बैठे है जो कभी भी भ्रमण के लिए जाते ही नहीं है सिर्फ अपने बंगले में आराम फरमाते है वहीं पहले भी तेन्दूखेड़ा वनपरिक्षेत्र में अनेक बीटों में कटाई का सिलसिला चल रहा है लेकिन कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति ही की जाती रही है 

इनका कहना

        ये सामूहिक अतिक्रमण का मामला है गांव के ग्रामीणों ने रातों रात पेड़ काटे है अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है जांच प्रतिवेदन के आधार पर आगे कार्यवाही की जाएगी

विपिन पटेल वनमंडल अधिकारी दमोह


इनका कहना

         तेन्दूखेड़ा वनपरिक्षेत्र की तिपंनी बीट में हुई हजारों की तादाद में अवैध पेड़ों की कटाई के संबंध में तेन्दूखेड़ा उप वनमंडल अधिकारी अमित चौहान ने बताया कि में अभी मौके पर ही हूं पेड़ों की गिनती चल रही है जो इसमें जिम्मेदार है उनपर कार्यवाही की जाएगी

अमित चौहान उप वनमंडल अधिकारी तेन्दूखेड़ा

      रेवांचल टाईम्स से विशाल रजक की रिपोर्ट

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