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Saturday, November 28, 2020

पंचायतों में भ्रष्टाचार चरम सीमा के पार लगातार धांधली फिर भी जिम्मेदार मौन


रेवांचल टाइम्स जिला मुख्यालय डिंडोरी विकासखंड के अंतर्गत लगभग 70 ग्राम पंचायत हैं जिनमें से कुछ ग्राम पंचायत में लगातार भ्रष्टाचार किया जा रहा है और दिन में दिन परत दर परत ग्राम पंचायतों की पोल खुलती नजर आ रही है जिसके बाद भी हमारे जनपद में बैठे मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा कार्यवाही ना करना यहां एक अहम सवाल है आखिर क्या वजह है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा कार्यवाही नहीं की जा रही है क्या राजनीतिक दबाव या फिर मामला कमीशन खोरी का है यह बात तो समझ से परे है जैसे कि कुछ दिन पहले रेवांचल टाइम्स समाचार पत्र में बटोधा ग्राम पंचायत का मामला प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था उसके बाद शाहपुर ग्राम पंचायत का मामला भी प्रकाशित किया गया था मजे की बात तो यह है कि सरपंच द्वारा अपने ही परिवार के नाम से फर्जी मस्टरोल भरकर राशि निकालने का मामला प्रकाश में आया था और उसी के कुछ दिन पहले बटोधा ग्राम पंचायत में सीसी सड़क की राशि का फर्जी बिल लगाकर आहरण करने का मामला प्रकाश में आया था जिसे रेवांचल टाइम्स ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था जिसकी शिकायत कुछ ग्रामीणों द्वारा जबलपुर से आए कमिश्नर बी चंद्रशेखर बोरकर को भी बटोधा ग्राम पंचायत की शिकायत की गई थी ऐसा ही कुछ मामला ग्राम पंचायत छिवली का प्रकाश में आया है जहां पर सूत्रों की जानकारी के मुताबिक इस ग्राम पंचायत में भी भारी भ्रष्टाचारी मची हुई है जहां पर सचिव द्वारा अपने ही घर की यात्री बस हरिओम ट्रेवल्स के नाम से लाखों रुपए की राशि का आहरण किया गया है इसी के साथ जगदंबा ट्रेडर्स मैटेरियल सप्लायर उमरिया जिले का बिल लगाया गया है जहां तक इन बिल मैं भी शासन की राशि का दुरुपयोग किया गया है जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायतों में मैटेरियल सप्लायर के नाम से निविदा प्रकाशित की जाती है उसके बाद ही मैटेरियल सप्लायर का बिल लगाया जाता है पर ग्राम पंचायतों में इन दिनों बिना निविदा प्रकाशित किए हैं धड़ल्ले से किसी भी मैटेरियल सप्लायर का बिल या अपने घर के रिश्तेदार परिवार का बिल धड़ल्ले से लगा दिया जाता है जो नियम के विरुद्ध गलत माना जाता है पर इससे सरपंच सचिव को क्या फर्क पड़ता है यहां तो शासन की राशि खैरात में आती है जिसका भरपूर दुरुपयोग किया जाता है और इसी के चलते हमारे गांव के ग्रामीणों मैं मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पाता जिससे हमारे जिले के मजदूरों को बाहर जिले में जाकर पलायन करना पड़ता है जहां पर अनेक घटनाएं घट जाती हैं और इसी के साथ सरपंच सचिव उपयंत्री के मनमानी के चलते फर्जी बिल लगाकर राशि का आहरण कर लिया जाता है और हमारे गांव की मजदूर को रोजगार नहीं मिल पाता जिससे ग्रामीण रोजगार से वंचित रहते हैं और उच्च अधिकारियों द्वारा कार्यवाही ना करने से सरपंच सचिव और उपयंत्री के हौसले दिन-ब-दिन बुलंद होते जाते हैं और भ्रष्टाचारी मचाए पढ़ते हैं



रेवांचल टाइम्स से प्रमोद पड़वार की खास रिपोर्ट सच के साथ

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