रेवांचल टाइम्स - किसान वैसे तो कभी हिम्मत नही हारता सरकार के झूठे वादे इरादे सभी को सहन करते चला आ रहा है वर्तमान में जिले का किसान अपनी मजबूरी में लागत मूल्य भी नही मिल पा रहा अपनी उपज बेच रहा है आम आदमी पार्टी ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री को इस सम्बंध में भी पत्र लिखा था जिसका जबाब आज तक नही मिला ना ही किसानों को कोई राहत पहुँची इसी किसानों की दुःख भरी पीड़ा में आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष अधिवक्ता दुर्गेश विश्वकर्मा ने प्रधानमंत्री मोदी को दीपावली के बधाई सँदेश के पूर्व पत्र लिखकर किसान हित मे कदम उठाए जाने की अपील की है
रेवांचल टाइम्स के संवाददाता से बात करते हुए राजेश पटेल ने पत्र की कापी के साथ जानकारी दी है। जिसमें लिखा है सिवनी जिले के अधिकांश किसान मक्के की फसल लगाते है और इस बार मक्के की फसल मौसम की मार से सामान्य उत्पादन से भी कम हुई है । इसके पूर्व लॉक डाउन की वजह से किसानों की माली हालात बहुत खराब हो चुकी है और अभी किसानों की फसल मक्का आई जिसे बेचने पर उचित दाम नही मिल रहे किसानों को मक्के की फसल उगाने की लागत विगत वर्ष के सरकारी आंकड़े अनुसार बारह सौ तेरह रुपये प्रति कुंटल था और वर्तमान में भारत सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य अठारह सौ पचास रुपये कुंटल रखा है लेकिन किसानों को समर्थन मूल्य से काफी कम दामों में आठ सौ से तेरह सौ रुपये /कुंटल बिक रही है यानी कि किसान घाटे में उपज बेच रहा है। किसानों के जीविकोपार्जन का एक मात्र साधन कृषि होता है। और उसकी फसल की आमदानी से ही वह अपने परिवार का गुजर बसर करता है। जब फसल ही लागत मूल्य में कम में बिकेगा तो किसान लाभ कैसे अर्जित करेगा ? परिवार का भरण पोषण बच्चों की शिक्षा आदि की व्यवस्था कैसे करेगा? वर्तमान में दीपावली का त्यौहार किसान कैसे मनाएगा? क्या किसानों का परिवार अपने घर मे मिठाई,कपड़े ,फटाके न खरीदे जो किसान दुसरो का पेट भरता है,अगर वो अपने घर की आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर पा रहा है तो ये हमारे देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है ।मोदी जी आप तो दीपावली की बधाई दे देंगें लेकिन किसानों की दीपावली कैसे मनेगी इस विषय मे विचार करना अति आवश्यक है।हमारे देश का ये सबसे बड़ा दुर्भाग्य है। की किसानों की फसल का समर्थन मूल्य निश्चित है परंतु फसलें समर्थन मूल्य से कम में बिक रही है। परंतु व्यापारियों, उधोगपति अडानी अम्बानी अपने प्रोडक्ट को अपने मूल्य पर बेचते है और लाभ अर्जित करते है तो किसानों के साथ भेदभाव पूर्ण व्यवहार क्यों?
आप ने सत्ता में आने के पूर्व किसानों के लिए घोषणा की थी की स्वामीनाथन कमेठी की रिपोर्ट लागू करेंगे तथा किसानों की फसल समर्थन मूल्य में खरीदी जाएंगी जिसके सम्बन्ध में ट्वीट भी किया था परंतु आज दिनांक तक तो किसानों की फसल (मक्का)समर्थन मूल्य में नही खरीदा जा रहा।माननीय आप कहते है की हमारी किसान हितैषी सरकार है तो सिवनी के किसानों के साथ अन्याय क्यों हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी से पत्र में निवेदन किया है सकारात्मक पहल करते हुए सिवनी के किसानों का मक्का समर्थन मूल्य में खरीदी करवाने का कष्ट करें हम आपके आभारी होंगे।
अखिल बन्देवार के साथ रेवांचल टाइम्स की एक रिपोर्ट



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