रेवांचल टाइम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला जिले में आदिवासियों के लिए व उनकी मूलभूत सुविधाओं के लिए शासन द्वारा अनेक योजनाएं संचालित है पर उन योजनाओं का क्रियान्वयन कैसा हो रहा है इसकी जमी हकीकत कुछ और ही वयां करती है और कागज कुछ और वयां करते है वही जब घर का मुखिया ही चोर निकल जाए तो उस घर का तो भगवान ही मालिक है।
बस यही हाल है जनपद पंचायत बिछिया के ग्राम पंचायत मानिकपुर के जहाँ सरपंच के द्वारा पीएम आवास के पैसे की कैसे होली खेली कोई इनसे ही सीखे शासन की योजनाओं में कैसे भ्रष्टाचार किया जाता है इनसे अच्छा कोई नही जानता पर इनकी कोई गलती नही है क्योंकि कही न कही जिम्मेदार इनके ऊपर बैठे वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की भी है जो इन्हें भ्रष्टाचार करने में इसे पूर्ण सहयोग प्रदान करते आ रहे है
बैगा बहुल्य ग्राम में जितने भी निर्माण कार्य हुए है वो सब आधे अधूरे पड़े है और उनकी राशियां खातों ने पूरी निकाल ली गई है। और तो और हितग्राही मूलक निर्माण कार्यों में भी सरपंच महोदय ने उन्हें अपने झांसे में लेकर उनके खाते में आई राशि को अपने खाते में ट्रासफर करवा लिया है अब बेचारे भोले भाले बैगा आदिवासी उनके घर के चक्कर काट रहे अब करे भी तो क्या इनकी कौन सुनेगा।
वही ग्राम में प्रधानमंत्री आवास, सी सी रोड, श्मशान घाट, तालाब आदि कामो को तो पूर्ण कागजों में बतला दिया गया है और वे आज भी अपूर्ण पड़े है वही पी एम आवास कुछ मकान आज भी अपूर्ण है उन मकानों में झाड़ पौधे पेड़ पौधे व सब्जियां उगाने पर मजबूर किसान पूर्ण पीएम आवासअपूर्ण ग्राम पंचायत मानिकपुर सरपंच केशव उईके के द्वारा आवासों को पहले ही पूर्ण बताया जा चुका है साथ ही पी एम आवास के पोर्टल में कुछ मकान पूर्ण हो चुके हैं लेकिन आज दिनांक तक मकान अपूर्ण ही दिख रहे हैं आवास में छत ही नहीं प्लास्टर एवं फर्श का कोई भी काम नहीं किया गया मात्र सामने दीवारों पर प्लास्टर करवा कर नाम लिखवाकर पूर्ण दर्शा दिया गया जबकि आज भी लगभग 10 पीएम आवास आज भी अधूरे पड़े जिसकी जानकारी पूर्व में जनपद पंचायत बिछिया को दे दी गई लेकिन केशव सरपंच, पूर्व सचिव, एंव रोजगार सहायक की मिलीभगत होने के कारण आज भी आदिवासी बेगा गांव के पीएम आवास आज भी अधूरे पड़े हैं जब सचिव गणेश आर्मो से से जानकारी ली गई तो उनके द्वारा बताया गया कि 2 सीसी रोड, लगभग 10 पीएम आवास, दो मुक्तिधाम के पैसे की सरपंच व पूर्व सचिव, एंव रोजगार सहायक के द्वारा आदिवासी बेगांव की राशियों का किया गया जमके बंदरबांट ग्रामीण पी एम आवास के हितग्राही (1)अतरलाल पिता बाबूलाल, (2)अतर लाल पिता तीतरा लाल ,(3) कुंजीलाल, (4) , पंढरु लाल पिता सुंदरलाल,(5) विश्राम पिता सोनू लाल, (6)पुसिया बाई पति रत्नू लाल,(7) रामवती बाई पति रामू लाल, यह हितग्राही पीएम आवास के है आज भी पीएम आवास के लिए दर-दर भटक रहे हितग्राही वहीं दूसरी ओर जो सी सी रोड मात्र कागजों में बनाई गई थी श्यामलाल के घर से सुखचैन के घर तक लगभग 200 मीटर राशि ₹400000 है जोकि कागजों में बनकर सिमट गई आज भी बैगा आदिवासी तरस रहे हैं रोड के लिए वहीं दूसरी रोड मंगलेश के घर से माध्यमिक शाला तक लगभग 300 मीटर बनी थी जिममें 150000 लाख रुपए निकाल लिया गया इस तरह रुपए की होली खेली गई बिछिया ब्लॉक के ग्राम पंचायत मानिकपुर सरपंच केशव एवं पूर्व सचिव व रोजगार सहायक की मिलीभगत से जमकर किया गया आदिवासी बेगांव का शोषण जब कि मंडला जिला आदिवासी बाहुल्य जिला जाना जाता है लेकिन सरपंच केशव के द्वारा हितग्राहियों का अपना ना समझते हुए आवास के रुपए से जमकर भ्रष्टाचार किया अभी भी बैगा हितग्राही दर-दर भटक रहे हैं आखिर शासन इन बैगों के आवास की राशि किस तरह दिला पाएगे अभी तक नहीं मालूम जिला प्रशासन चाहे तो मानिकपुर पंचायत की जांच के बाद सरपंच केशव के ऊपर कड़ी कार्रवाही हो सकती है लेकिन यह काम शासन का है ना ही तो लआम नागरिकों का प्रशासन चाहे तो नायक वन कर क्या नहीं कर सकता।


No comments:
Post a Comment