रेवांचल टाइम्स - एक साल से मध्यप्रदेश की जिला एवं जनपद पंचायतों में विकास के करोड़ों रुपये रखे हैं। लेकिन वितरण के नियमों के अभाव में खर्च नहीं हो पाए उक्ताशय की जानकारी सरिता घनश्याम सनोडिया जिला पंचायत सदस्य सिवनी द्वारा प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष जिला पंचायत के सदस्यों को अपने क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए 5 से 10 लाख रुपये शिवराज सिंह चौहान के शासन में प्राप्त होते थे। परंतु मा कमलनाथ ने अपने वायदे के अनुसार 15 - 15 लाख रुपये सभी सदस्यों के क्षेत्र के लिए एवं अध्यक्ष को 25 लाख रुपये तथा उपाध्यक्ष को 15 लाख रुपये अधोसंरचना मद में विकास हेतु 3.25 करोड़ रुपये प्रदान किया।
सितंबर 2019 में राशि प्राप्त होते ही मध्य प्रदेश में अतिवृष्टि से बाढ़ से भारी नुकसान पहुंचा। इस नुकसान को देखते हुए शासन के निर्देश प्राप्त हुऎ कि उक्त अधोसंरचना मद की राशि को बाढप्रभावित भवनों या पुल - पुलिया के मरम्मत में खर्च किया जाए। किन्तु जिस जिला में बाढ़ नहीं आई वहां के जनप्रतिनिधियों ने इस नियम का किया तो शासन ने अग्रिम आदेश तक राशि वितरण में रोक लगा दिया। इसके बाद यह मिथ्या जानकारी लगी की शासन ने राशि वापस ले लिया। फिर मध्यप्रदेश की सत्ता बदल गई। फिर कोरोना के चलते लाकडाऊन में जिला पंचायत की बैठकों का आयोजन ही नहीं हुआ।
परंतु पिछले दिनों 27 अक्टूबर 2020 को जिला पंचायत की बैठक में श्रीमती सरिता घनश्याम द्वारा पिछले बर्ष 2019 - 20 की राशि के बारे में विस्तृत जानकारी चाही गई तब जिला पंचायत अधिकारी सुनील दुबे ने सदन को अवगत कराया की पिछले वर्ष की राशि 32500000 (तीन करोड़ पच्चीस लाख रुपये) जिला पंचायत के खाते में ज्यों की त्यों रखी है ।एवं वापस नहीं हुई है एवं मध्यप्रदेश में कहीं भी इसका वितरण नहीं हुआ है।
यह जानकर अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों ने मुख्यमंत्री को सामुहिक पत्र लिखकर पिछले वर्ष की राशि वितरण की अनुमति मांगी है।
विनोद दुबे के साथ रेवांचल टाइम्स की एक रिपोर्ट

No comments:
Post a Comment