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Monday, October 12, 2020

18 लाख का गबर सरपंच एंव सचिव और उपयंत्री ने ग्राम पंचायत मे मचाया खुलकर भ्रष्टाचार


रेवांचल टाइम्स जिले के सरपंच सचिव उपयंत्री रुपए की होली खेली 18 लाख का गबन जांच में उजागर होने के बाद भी कारवाही अटकी रोजगार सहायक और सरपंच एवं उपयंत्री पर कनई सांगवा गांव के लोगों ने लगाए गंभीर आरोप जिले में ऐसे है अनेक मामले जो उजागर होने के बाद भी कार्यवाही ठंडे बस्ते में डाली जाती है इसी तरह का मामला डिण्डोरी जिला के ग्राम पंचायत कनई साँगवा गांव का उजागर हुआ है तीन सदस्यीय जांच दल द्वारा ग्रामीणों की शिकायत की जांच में लगभग 18 लाख की अनियमितताएं उजागर की है इसी तरह लाखों की अनियमितताएं उजागर होने के बाद भी कार्यवाही के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है जांच प्रतिवेदन में इंजीनियर ऋषभ सिक्का रोजगार सहायक भारत सिंह सरपंच नत्थू लाल बनवासी सहित तत्कालीन सचिव पर अनियमितता के गंभीर आरोप सामने आए हैं ग्रामीणों का आरोप है कि जांच प्रतिवेदन सामने आए महीनों बीत जाने के बाद भी संबंधितो के खिलाफ  कोई कार्यवाही नहीं होना कई सवाल भी खड़े होते हैं इस कार्यवाही में कार्यवाही ना होना अपने आप में एक अहम सवाल खड़ा करता है इसी समय उपयंत्री और रोजगार सहायक पर 15 रुपए प्रतिदिन मजदूरी देने की भी गंभीर आरोप लगे थे और इसी बीच जब कार्यवाही नहीं हुई तो ग्रामीणों द्वारा चक्का जाम करने और भारी आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई थी इसके बावजूद भी सरपंच सचिव और उपयंत्री पर आज तलक कोई कार्यवाही नहीं हुई सूत्र बताते हैं कि इसमें कुछ बड़े नेताओं का भी हाथ है जो इन सरपंच सचिव को संरक्षण दे कर रखे हैं तीन सदस्यि जांच दल ने भी यहां पाया कि पुराने स्टॉप डैम को क्षतिग्रस्त बता कर बिना वरिष्ठ अधिकारियों की स्वीकृति के तोड़ दिया गया इसमें भी लाखों रुपए की मनमानी की गई इसी तरह फर्जी लोगों के नाम मस्टरोल ने भरकर राशि निकाली गई जांच में यह भी सामने आया कि रोजगार सहायक द्वारा एक ही परिवार की दो जॉब कार्ड बनवा कर लाखों रुपए का गबन किया गया है रिश्तेदारों के नाम से भी मजदूरी निकालने के साथ साथ मैटेरियल सप्लाई के भी बिल फर्जी तौर पर लगाए गए हैं उपयंत्री और रोजगार सहायक यहां भी आरोप था कि उपयंत्री नियमित तौर पर निर्माण कार्यों का मूल्यांकन नहीं करते और मनमानी पूर्वक मूल्यांकन कर मजदूरों को भी परेशान किया जाता है यह मामला भी काफी चर्चाओं में आया था दर्जनों मजदूर को मात्र ₹15 प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी भुगतान निर्धारित किया गया था तब भी उपयंत्री की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे बताया गया कि गांव के लोगों में स्कूल लेकर काफी आक्रोश और नाराजगी जताई गई थी जिसकी शिकायत के बाद भी जांच शुरू हुई थी जांच में गबन का मामला सामने आया था इसके बाद भी कोई कार्यवाही ना होना अपने आप में एक अहम सवाल खड़ा करता है

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