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Friday, September 4, 2020

घटिया चावल आपूर्ति के मामले की सीबीआई जांच हो: किशोर समरिते पूर्व विधायक लांजी

घटिया चावल आपूर्ति के मामले की सीबीआई जांच हो तो 450 से अधिक लोग होंगे गिरफ्तार 

रेवांचल टाइम्स बालाघाट।   जिले में राइस मिलर्स का घटिया चावल आपूर्ति का अपराध सामने आया जिसके बाद अपनी तेज तर्रार सहेली के लिए विख्यात पूर्व विधायक किशोर समरिते ने उक्त मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हुए काहे की एक संगठित अपराध है और संपूर्ण बालाघाट जिले में इस मामले में 450 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है


इस संबंध में बता दें कि उपायुक्त भारत सरकार विश्वजीत हलधर द्वारा 30 जुलाई 2020 से 2 अगस्त 2020 की अवधि में बालाघाट जिले के गोदाम एवं उचित मूल्य की दुकानों का निरीक्षण किया गया और बालाघाट जिले के गोदामों में अमानक स्तर का चावल पाया गया जो कि मनुष्य के खाने योग्य नहीं था एवं खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के अंतर्गत निम्न श्रेणी का पाया गया जिसके बाद कलेक्टर दीपक आर्य ने इस प्रकरण में प्रथम दृष्टया दोषी प्रतीक हो रहे 18 राइस मिल के मालिकों एवं वेयर हाउस कारपोरेशन एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के नव कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल एफ आई आर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे




समरीते ने इसलिए की सीबीआई जांच की मां पूर्व विधायक किशोर समरिते ने कहां की बालाघाट जिले में 15 वर्षों से चल रहा है कस्टम मिलिंग के चावल घोटाले में जहां गरीबों को दिए गए पीले कार्ड पर स्कूलों के मध्यान भोजन में तथा आंगनबाड़ी में घटिया चावल आपूर्ति की जा रही थे संपूर्ण मामले में राज्य सरकार सीबीआई से जांच करवाएं तथा राज्य के भीतर आर्थिक अपराध अनुसंधान विंग से बेहतर लोकायुक्त एस  टी।  एफ। है एस।       टी एफ जबलपुर के 58 महा से वैसे भी मामले की जांच लंबित है तथा यह मामला बहुत बड़े स्तर का गठित अपराध है इसमें लगभग 450 लोग गिरफ्तार होंगे बता दें कि पूर्व विधायक किशोर समरी ते ने 26 दिसंबर 2019 को गृह मंत्री भारत सरकार को इस बारे में पत्र लिखकर अवगत करायाऔ जिसके बाद अब कार्रवाई हुई है वही समरी ते द्वारा सीबीआई जाट की मांग से एक बात तो स्पष्ट है कि बड़े-बड़े रसूख दारोऔ से लेकर अनेक लोग इसमें शामिल हो सकते हैं और वारासिवनी मैहर के अलावा अन्य तहसीलों में इस घोटाले से जुड़े लोगों के नाम सामने आने की संभावना है



राज्य सरकार को बर्खास्त करने की मांग की थी उल्लेखनीय है कि पूर्व विधायक समरी ते द्वारा इस मामले में भारत सरकार सीबीआई से जांच करवा कर राज्य सरकार को धारा 356 के तहत बर्खास्त करने की मांग कर चुके हैं साथ ही उनके द्वारा लिखा गया था की लांजी की मां एग्रो राइस मिल वारासिवनी की संचेती राइस मिल उकवा की अग्रवाल राइस मिल तथा बालाघाट की सचदेवा राइस मिल से जांच प्रारंभ की जाए लेकिन लांजी की मां एग्रो राइस मिल तक जांच कमेटी के कदम नहीं पहुंचे और सूत्रों से मिली जानकारी की माने तो खुद को पाक साफ बताने के लिए गोदाम अभी भी खाली कर दिए गए


करोड़ों की कमीशन अधिकारी से मंत्री तक समरिते द्वारा पत्र के माध्यम से बड़े-बड़े अधिकारियों पर सीधे आरोपों की झंडी लगा दी गई थी जिसमें उन्होंने कहा था कि इस संपूर्ण प्रक्रिया में अभिजीत अग्रवाल प्रबंधक संचालक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम मध्य प्रदेश शासन को 20 करोड़ रुपए इस घटिया चावल की आपूर्ति हेतु मिलते हैं तथा बालाघाट के राजेंद्र सोनी प्रबंधक खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम बालाघाट को ₹150000000 अंकित अग्रवाल बिचैलियि को दो करोड़ रुपए नितिन असाटी पीडीएस व्यापारी बालाघाट को 180 करोड़ रुपए अशोक कोचर चावल सप्लायर को एक सौ 40 करोड़ रुपए प्राप्त होते हैं समरिते के अनुसार राज्य सरकार 15 साल से सकरी चावल माफियाओं को नियंत्रित नहीं कर पा रही है और इस मामले में खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री मध्यप्रदेश शासन एवं प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मध्यप्रदेश शासन को भी 20। 20 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष प्राप्त होते हैं


ऐसा किया जाता है घटिया चावल घोटाला विदित हो कि प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश सरकार की 16000 सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सरकारी दुकानों में बालाघाट जिले से 3000000 क्विंटल की आपूर्ति की जाती

पूर्व विधायक किशोर समरी ते के अनुसार मध्यप्रदेश शासन विपणन संघ द्वारा सोसाइटी से किसानों का खरीदा हुआ धान खरीद कर इसका चावल बनवा कर खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम को दे दिया जाता है किसानों की खरीदी हुई ध्यान से चावल बनाने 430 राइस मिलों से कस्टम मिलिंग का अनुबंध किया जाता है इन सभी राइस मिलों के संचालकों द्वारा विपणन संघ मिलिंग के लिए लाया गया धान बिना मिले बिना बाहर बेच दिया जाता है तथा कटिया चावल खरीद कर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के दुकानों तक पहुंचा जाता है



रेवांचल टाइम्स बालाघाट से खेमराज बनाफरे की रिपोर्ट

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