रेवांचल टाइम्स - जिला अस्पताल में लापरवाही का आलम बरकरार है। मरीजों के साथ जानवर जैसा व्यवहार किया जा रहा है।आये दिन मरीज मौत के मुंह मे समा रहे है। बीती रात जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में फिर एक मरीज लापरवाही की भेंट चढ़ गया। जानकारी अनुसार जुन्नारदेव निवासी एक वृद्ध को बीती रात साथ में तकलीफ होने के कारण जिला अस्पताल के कोविड-19 भर्ती किया गया था रात में मरीज लघुशंका के लिए बाथरूम गया था। जहां लघुशंका के दौरान चक्कर आने के कारण मरीज बाथरूम में ही गिर गया। होश आने पर उसने परिजनों को फोन पर जानकारी दी। जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन को कई मर्तबा फोन लगाया, लेकिन किसी ने भी मरीज की सुध नहीं ली। आखिरकार बाथरूम में पड़े पड़े मरीज ने दम तोड़ दिया। इस बीच स्टाफ के किसी भी डॉक्टर या कर्मियों ने मरीज उसे जाकर नहीं देखा। परिजनों का कहना है कि ऐसे लापरवाह डॉक्टरों और कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई होना चाहिए। जिससे आने वाले दिनों में दूसरा मरीज इस तरह दम ना तोड़ सके। यदि समय रहते हुए अस्पताल प्रबंधन नहीं चैता तो मरीज आए दिन मौत के मुंह में समाते रहेंगे।
अभी तक आधा दर्जन से अधिक मौत
जिला अस्पताल की कॉमेडी वार्ड में लापरवाही के कारण यह पहली मौत नहीं है लापरवाही के कारण किशनलाल से लेकर अभी तक आधा दर्जन से अधिक मौतें हो चुकी है जिसमें किसी को ऑक्सीजन नहीं मिली तो किसी ने पानी नहीं मिलने के कारण दम तोड़ दिया प्रशासन इन लापरवाही तो हुई मौतों पर कार्रवाई करने की बजाय पर्दा डाल रहा है
जानवरों जैसा हो रहा वर्ताव
जिला अस्पताल के कोविड-19 मरीजों को इलाज के लिए भर्ती तो किया जाता है लेकिन उनके साथ जानवर जैसा व्यवहार किया जाता है कभी खाने में कीड़े निकलने के वीडियो वायरल होते हैं तो कभी एक्स जैन के अभाव में मरीजों के दम तोड़ने के वीडियो वायरल हो रहे हैं इस तरह दूसरे भगवान यानी कि डॉ मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

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