रेवांचल टाइम्स - जिले में लगातार तेजी से संक्रमण फेल रहा है। आए दिन एक दो पॉजिटिव केस निकल रहे हैं।जिस वार्ड मौहल्ले में पॉजिटिव केस निकलते है।सबसे पहले आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को वार्ड भ्रमण कर डोर टू डोर सर्वे करने कहा जाता है। जमीनी स्तर पर ये कार्यकर्ता सही रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग में देती है संक्रमित व्यक्ति से कोन कौन संपर्क में आया कितने लोग आसपास रहते हैं उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेकर उच्चाधिकार्यो को दे रही है। तब स्वास्थ्य आकर गली को काँटेन्मेंट करते हैं स्वास्थ्य कर्मियों के पास किट होती है चिकित्सक जो मरीजों का इलाज कर रहे हैं उनके पास भी किट है परंतु जमीनी कार्यकर्ताओं को कोई किट नही दी गयी है।जबकि सबसे अधिक आवश्यकता इन कार्यकर्ताओ को हैं।क्योंकि जाने अनजाने ये कभी भी संक्रमित व्यक्तियोँ के संपर्क में आकर स्वयं को स्वम अपने परिवार की जान को भी खतरे में डाल कर कार्य करने को मजबूर हैं।कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुये विश्व स्वास्थ्य संघठन भी चिंतित हैं सरकार पॉजिटिव संख्या को देखते हुए पर्याप्त राशि भी उप्लब्ध करा रही है फिर इन आशा कार्यकर्ताओं को क्यों कोई भी सुबिधा उपलब्ध नही कराया जा रहा है यह विचारणीय है।कही न कही स्वस्थ विभाग के उच्चाधिकारी की उदासीनता ओर लापरवाही सामने आ रही है।
Thursday, September 10, 2020
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आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नही मिल रही पीपीई किट जान जोखिम में दाल कर रहीं हैं कार्य
आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नही मिल रही पीपीई किट जान जोखिम में दाल कर रहीं हैं कार्य
रेवांचल टाइम्स - जिले में लगातार तेजी से संक्रमण फेल रहा है। आए दिन एक दो पॉजिटिव केस निकल रहे हैं।जिस वार्ड मौहल्ले में पॉजिटिव केस निकलते है।सबसे पहले आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को वार्ड भ्रमण कर डोर टू डोर सर्वे करने कहा जाता है। जमीनी स्तर पर ये कार्यकर्ता सही रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग में देती है संक्रमित व्यक्ति से कोन कौन संपर्क में आया कितने लोग आसपास रहते हैं उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेकर उच्चाधिकार्यो को दे रही है। तब स्वास्थ्य आकर गली को काँटेन्मेंट करते हैं स्वास्थ्य कर्मियों के पास किट होती है चिकित्सक जो मरीजों का इलाज कर रहे हैं उनके पास भी किट है परंतु जमीनी कार्यकर्ताओं को कोई किट नही दी गयी है।जबकि सबसे अधिक आवश्यकता इन कार्यकर्ताओ को हैं।क्योंकि जाने अनजाने ये कभी भी संक्रमित व्यक्तियोँ के संपर्क में आकर स्वयं को स्वम अपने परिवार की जान को भी खतरे में डाल कर कार्य करने को मजबूर हैं।कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुये विश्व स्वास्थ्य संघठन भी चिंतित हैं सरकार पॉजिटिव संख्या को देखते हुए पर्याप्त राशि भी उप्लब्ध करा रही है फिर इन आशा कार्यकर्ताओं को क्यों कोई भी सुबिधा उपलब्ध नही कराया जा रहा है यह विचारणीय है।कही न कही स्वस्थ विभाग के उच्चाधिकारी की उदासीनता ओर लापरवाही सामने आ रही है।
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Revanchal Times Weekly News Paper

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