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Thursday, August 13, 2020

आवारा पशुओं से नगरवासी परेशान बीच सड़क में लगा रहता जमावड़ा



रेवांचल टाइम्स - बीते कुछ समय में नगर और आसपास के कस्बों में आवारा पशुओं की संख्या में तेजी से बढोत्तरी हुई है। ऐसे में शहर की सड़कों पर इनका ही राज चल रहा है। पशुपालकों द्वारा इन्हें उपयोग के बाद छोड़ देने से शहर के चौराहे और सड़कें इनसे भरी पड़े हैं। मुख्य बाजार  पर भी इनकी संख्या कम नहीं है। आवारा कुत्तों ने भी शहर के लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। गाय और सांडों के सींग और कुत्तों के नुकीले दांतों का शिकार कई लोग हो चुके हैं तों दुकानदारों को भी अपने सामान का नुकसान करा कर खामियाजा भुगतना पड़ा है। कई बार तो हार्न देने पर भी सड़क के बीचोबीच बैठे ये पशु नहीं हटते हैं। नगर पालिका प्रशासन ने हाल के दिनों में इनको पकड़ने के लिए कोई अभियान नहीं चलाया है जिससे नगर के लोग किसी तरह बच बचा कर आवागमन करने को विवश हैं।
नगर के मुख्य मार्ग से सिवनी रोड तक आवारा पशुओं का आतंक है। इससे आमजन परेशान हैं। शिकायत के बाद भी वन विभाग, नगर पालिका अथवा स्थानीय प्रशासन का ध्यान इस तरफ नहीं जा रहा है। पूर्व में नगर के व्यापारियों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को अवगत कराया गया था। लेकिन कोई कार्रवाई न होने से आवारा पशुओं की संख्या मुख्य सड़कों पर बढ़ती जा रही हैं। जिससे आए दिन दुर्घटनाएं तक हो रही हैं। चौरई नगर आवारा पशुओं का मुख्य चारागाह बन गया है। आलम यह है कि बस स्टैंड यात्री प्रतीक्षालय  पर भी चले जाते हैं।  गर्मी, जाड़ा और बरसात हर मौसम में आवारा पशु बस स्टेशन परिसर में मौजूद रहते हैं। इसके साथ ही चमनघाटी,  कुंडा फाटक रोड,नगरपालिका के बाहर, कम्यूनिटी हॉल, पुलिस थाना के पास इनको देखा जा सकता है। सब्जी बाज़ार पर भी दिन भर आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है, लेकिन इस ओर किसी का ध्यान न जाने से आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं।
उस समय भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जब पशु फुटपाथ दुकानदारों की सब्जी, फल और खाद्य पदार्थों को आवारा पशु नुकसान पहुंचाते हैँ और दुकान संचालक उनको दौड़ा लेता है। इसके बाद बाजार में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच जाती है। भगदड़ में कई लोग चुटहिल हो जाते हैं। नगर में प्रतिदिन किसी स्थान पर इन पशुओं का कोई न कोई शिकार बनता है। इनको कहीं रखने की व्यवस्था नहीं की गई है। यह मेन रोड मुख्य सड़क के बीचों -बीच, बस स्टैंड तथा अन्य सड़कों पर कतार में बैठे रहते हैं। जिससे वाहनों का निकलना भी कभी-कभी मुश्किल हो जाता है। आवारा पशुओं की वजह से दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो जा रहे हैैं। एक माह के भीतर ऐसी तीन घटनाएं नगर क्षेत्र में हो चुकी हैं।

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