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Monday, August 10, 2020

सेमरखापा सड़क मार्ग बना लोगों के हादसों का मार्ग



रेवांचल टाइम्स- मुख्यालय के नजदीकी गांव सेमरखापा आज आये दिन दुर्घटनाओं एवं हादसों के लिए चर्चाओं का हिस्सा बना हुआ है,परन्तु आज इस सड़क मार्ग की दयनीय दशा के कारण होने वाले दुर्घटनाओं के कारण रोजाना हादसे हो रहे हैं और वहीं प्रशासन खामोश बैठे हुए है और जानकारी नहीं होने की बात कहकर अपना दामन बचाते नजर आ रही है,तो वहीं प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा अपनी जवाबदारी दूसरे के ऊपर थोपने में लगे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की यह खस्ता हाल निर्माण के दौरान बरती गई अधिकारियों-नेताओं और ठेकेदारों के बीच आपसी मिलीभगत कर निर्माण कार्य में की गई लापरवाही है। वर्ष 2019 में लो.नि.वि. के द्वारा बनाई गई यह सडक एक वर्ष के पहले ही अपनी व्यथा बता चुकी है जिसको लेकर ग्रामीणों द्वारा गांव के मुख्य मार्ग पर चक्काजाम की गया था जहां मौके पर क्षेत्रीय विधायक पहुंचकर संबंधित विभाग द्वारा जल्द ही मरम्मत कार्य कराने का आश्वासन दिया गया,परन्तु आश्वासन के तहत कुछ नहीं हुआ।
सेमरखापा सड़क मार्ग आज यहां के रहने वाले ग्रामीणों तथा यहां पर आने-जाने वाले लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने में अहम भूमिका निभा रही है। जिसका साक्ष्य एवं सीधा नजारा जिला मुख्यालय से गांव को जोड़ने वाली सड़क की दयनीय स्थिति को देखते हुए हालात और हालत के बीच की शंका दूर की जा सकती है। जिला प्रशासन के द्वारा वेयर हाउस के इस निर्माण का निर्णय गांव में स्थित शासकीय भूमि को प्राथमिकता के आधार पर भण्डारण केन्द्र के निर्माण से गांव एवं जिले के विकास का आंकड़ा तैयार कर किया गया था। लेकिन ग्रामीणों को बरसात में यह आज‌-कल की नहीं वरन प्रतिवर्ष एक नई पहचान और हादसा लेकर शासन-प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को तोहफा के रूप में भेंट किया गया है।
जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव सेमरखापा जिसके अंतर्गत आसपास के लगभग दर्जनों गांवों का और उन गांवों में निवास करने वाले लाखों लोगों का साथ ही सेमरखापा-टिकरिया में शासन की महत्त्वपूर्ण योजनाओं के अंतर्गत बनाये गये बालक बैगा आदिवासी जनजाति आश्रम,दिव्यांग बच्चों के शिक्षा के लिए संचालित विद्यालय, किसानों के खून-पसीने की कमाई को समर्थन मूल्य पर धान-गेहूं के  रूप पर बनाया गया अनाज भण्डारण केन्द्र वेयर हाउस,मतस्य उत्पादन केन्द्र,ब्रेन चाइल्ड इंग्लिश मीडियम स्कूल, एकलव्य आवासीय विद्यालय जैसी शासन-प्रशासन की अनेकों जनकल्याणकारी महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन किया जा रहा है और जिसके   निरीक्षण-जाएजा के नाम पर आये दिन   अधिकारियों-कर्मचारियों के दलों साथ-साथ नेताओं और जनप्रतिनिधियों के दलों का आना-जाना होता रहता है बावजूद इसके उन्होंने कभी इस सड़क मार्ग की दयनीय स्थिति के तरफ अपनी नजरों को खोलकर देखा नहीं जिसके कारण अब वहां आसपास रहने वाले ग्रामीणों तथा यहां पर आने-जाने वाले लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने में उनकी यह बंद आंखें अहम भूमिका निभा रही है।जिसका साक्ष्य एवं सीधा नजारा जिला मुख्यालय से गांव को जोड़ने वाली यह सड़क की दयनीय स्थिति बता रही है।
विधायक के द्वारा आये दिन दिया जाता है दिलासा
मण्डला से सेमरखापा को जोड़ने वाली इस सड़क को जहां शासन-प्रशासन ने अपनी बंद नजरों में रखकर ठेकेदारों के साथ आप-मिलीभगत कर आये दिन हादसों का अड्डा बना दिया है, तो वहीं राजनेताओं ने भी अपनी-अपनी सरकारों की वाहवाही और विपक्षी दल की कमियां गिनाने का साधन बना लिया है। जिसके चलते जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी तब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के द्वारा गांव में महिलाओं और बच्चों के द्वारा चक्काजाम कर सरकार की नाकामयाबी बताई जा रही थी तो वहीं अब मौजूदा सरकार की कमियां गिनाने को लेकर विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं ने गांव के महिलाओं-पुरूषों के द्वारा गांव में चक्काजाम कर क्षेत्रीय विधायक को बुलाकर अपनी वाहवाही समेटने में लगे हुए हैं। लेकिन विकास के नाम पर किसने क्या किया और चुनाव के पूर्व सत्ता हड़पने को लेकर जनता को दी गई भरोसा और विकास के लालच की पोल अब सेमरखापा सड़क मार्ग खोल रही है।जिसको लेकर लोगों का कहना है कि मौजूदा सड़क निर्माण का ठेका पार्टी के कार्यकर्ताओं के पास है और जिसके चलते शासन-प्रशासन में बैठे अधिकारियों के द्वारा अपनी कुर्सी बचाने को लेकर निर्माण कार्य में बरती जाने वाली लापरवाही को नजरंदाज किया गया है जिसके कारण पांच वर्ष की गारंटीशुदा सड़क एक वर्ष के भीतर में ही दर-बत्तर हो चुकी है।जिसको लेकर निवास विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ.अशोक मर्सकोले के द्वारा जब लोगों के बीच जनसंपर्क कर समस्या निराकरण के लिए ग्राम पंचायत सेमरखापा में बैठक आयोजित की गई तब मौजूदा बैठक में उपस्थित ग्रामीणों के द्वारा इस सडक समस्या के समाधान की मांग प्रमुखता से रखी गई जिसको लेकर जनता की वाहवाही बटोरने हेतु निवास विधायक के द्वारा भण्डारण केन्द्र वेयर हाउस में पहुंचकर वहां पर परिवहन करने वाले वाहनों में हो रही ओवर लोडिंग को नकारते हुए निर्देशित नियमानुसार निर्धारित क्षमता के तहत परिवहन करने को लेकर वेयर हाउस प्र‌भारी को निर्देशित किया गया।
वहीं वेयर हाउस प्रभारी एवं जिले के अनाज भण्डारण प्रबंधक एम.श्रीवास्तव से यहां पर होने वाले परिवहनकर्ताओं के द्वारा की जा रही ओवर लोडिंग की इस समस्या को लेकर मीडिया ने उनसे सडक की समस्या के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के बीच से तेज रफ्तार में चलने वाले इन वाहनों की गति,वाहनों की लोडिंग, गांव के बीच संक्रींण क्षेत्र पर दो वाहनों के बीच होने वाली आवागमन,चालकों के द्वारा नशे की हालत में वाहन चलाने एवं ग्रामीण महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने जैसी आये दिन आ रही समस्याओं के निराकरण के साथ-साथ गांव के विगडते वातावरण को लेकर जानकारी ली गई जिसको लेकर वेयर हाउस प्रभारी द्वारा बडे़ ही सरलता के साथ यह जवाब दिया गया कि अपना देश समस्या प्र‌धान देश है और इतना सब तो चलता ही रहता है।साथ ही नागरिक आपूर्ति निगम जिला प्रबंधक मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि मुझे आज तक इस समस्या की जानकारी नहीं है इस तरह जिले के एक जिम्मेदार अधिकारी को मामले की जानकारी का नहीं होना,तो फिर इसे क्या कहेंगे यही कि घर बैठे दुकानदारी के एवज में नौकरी करना। जहां जिला मुख्यालय से जुड़े गांव सेमरखापा से जुड़े आसपास के दर्जनों गांवों मैं सरकार की योजनाओं को लेकर चल रही विभिन्न जनकल्याणकारी नीतियों के अंतर्गत सरकार के द्वारा अनेकों योजनाओं को कार्यान्वित की जा रही है और इसके चलते जिले के प्रमुख एवं उच्चाधिकारियों का आना-जाना लगा रहता है बावजूद इसके गांव की इस दुर्दशा से एक जिम्मेदार अधिकारी का यह कहना कि मैं समस्या से अवगत नहीं हुं,शासन-प्रशासन की चल रही लापरवाही को स्पष्ट करता है। और वहीं जहां ओवर लोडिंग,परिवहनकर्ताओं के द्वारा निजी लाभ के चलते की जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ तौल के मापदंड में चिन्हित एवं चहेते धर्मकांटा को चुनकर अपनी हिस्सेदारी कर तौल में खुलेआम कटौती कर अधिकारियों-कर्मचारियों के द्वारा मिलिभगत से खुलेआम घोटाला किया जा रहा है।
      वही जिले जनप्रतिनिधि और शासन के जबाबदार अस्वासन देकर गायब हो जाते है दुबारा नजर ही नही आते है। रोड अपनी दुर्दशा खुद ही व्या कर रही है।
                 इनका कहना है-------------
01-सडक निर्माण को लेकर विभाग से बात की गई है यह मामला पहले भी संज्ञान में आया है कि ओवरलोडिंग जहां ग्रामीणों के जान के लिए खतरा है, वहीं विभाग की मिलिभगत के चलते मापतौल में भी धांधली की जा रही है।
डा‌ॅ‌.अशोक मर्सकोले
विधायक निवास।
02-हमारा देश समस्या प्रधान है, काम भी जल्दी करना होता जिसके चलते यह समस्या आती है फिर भी अब यह मामला संज्ञान में आया है जिसको लेकर क्षमता अनुसार परिवहन किये जाने हेतु लेटर जारी किया जायेगा।
मनोज श्रीवास्तव
जिला प्रबंधक
नागरिक आपूर्ति निगम।

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