रेवांचल टाइम्स अरी:- भारत में सड़क पर बने गड्ढे हर साल सैकड़ों लोगो की मौत का कारण बनते है।
लगातार हो रहे हादसों के बाद भी संबधित विभाग कोई सबक लेने को तैयार नहीं है।
विकास के लिए सड़कों का होना और सही हालत में होना जरूरी है। भारत में केंद्र और राज्य सरकारें सड़कों को विकास का पर्याय मान,इसके निर्माण पर राजस्व का एक बड़ा हिस्सा खर्च करती है। फिर भी सड़के ऐसी बनती है जिनमे कुछ समय बाद ही गड्ढों का बसेरा बन जाता है। सड़कों पर इन गड्ढों की वजह से हजारों हादसे होते है।
गड्ढों का आतंक
किसी देश में हुए विकास को उसकी सड़कों से समझा जा सकता है।
अगर इस पैमाने पर भारत के विकास को परखें तो विकास में कई छेद नज़र आयेंगे।
सड़कों पर जगह जगह गड्ढे ,विश्व स्तर की सड़कें बनाने के सरकारी दावे को मुंह चिढ़ाते है।
एक अनुमान के मुताबिक अकेले सिवनी से अरी कटंगी में सड़कों पर लगभग सैकड़ों गड्ढे है।
मानसून में ये गड्ढे रौद्र रूप धारण कर लोगो का जीवन लीलना शुरू कर देते है
अरी थाना अंतर्गत ग्राम अरी में सड़क पर गड्ढों का ये ही आलम है।
सिवनी से अरी कटंगी मार्ग जगह जगह गहरे व चौड़े गड्ढों में तब्दील हो गया है। गहरे गड्ढों के कारण सड़क हादसों की संभावनाएं बढ़ गई है।
बारिश होने के कारण सड़क के गहरे गड्ढे राहगीरों को नज़र नहीं आ रहे है। इससे आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे है। हालात यह है कि इस रोड में कई जगह सड़क बची ही नहीं है। राहगीर गड्ढों के बीच सड़क खोजकर आना जाना कर रहे है।
ओवरलोड वाहनों से भी क्षतिग्रस्त हो रही सड़क
लगभग 30 से 35 टन का भार वहन करने हेतु इस सड़क का निर्माण किया गया था।
भार वहन क्षमता से अधिक भार के वाहनों के आवागमन के कारण यह सड़क गड्ढों में तब्दील हो रही है।
वह दिन दूर नहीं जब सड़क के स्थान पर गड्ढे ही नज़र आएंगे। जो कि राहगीरों के मौत की प्रमुख वजह बनेगे।
रेवांचल टाइम्स से मुकेश जायसवाल की रिपोर्ट

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