रेवांचल टाइम्स - क्या यही मानवता है सिवनी जिले की एक गर्भवती महिला जो दुर्भाग्य से कोरोना संक्रमित हो गई थी जिसे सिवनी प्रशाषन ने जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था महिला को दो दिन सिवनी में रखे जाने के बाद उसे छिंदवाड़ा जिला चिकित्सालय रिफर कर दिया गया जिधर पूरे 1 घेण्टे महिला का दाखिला अस्पताल में नही किया गया मिन्नते करने के बाद जैसे तैसे महिला को अस्पताल के कोविड वार्ड में लाये जाने के बाद विना किसी प्रथमिक उपचार के नागपुर के लिए रिफर किया जाने लगा । आला अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद अव्यवस्थाओं के बीच छिंदवाड़ा हॉस्पिटल में दाखिल की गई महिला
परेशान परिवार जनों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अपनी व्यथा बताई तो जनप्रतिनिधि ने सिवनी के बड़े अधिकारियों से सम्पर्क किया। मीडिया के मित्रों ने भी कमिश्नर नगर निगम छिन्दवाड़ा कलेक्टर सौरभ सुमन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ गिरीश चौरसिया ओर मीडिया मित्रो से दूरभाष पर चर्चा की. जिसके बाद ड्यूटी डॉक्टर सुशील दुबे ने महिला के प्रसव के लिए छिन्दवाड़ा अस्पताल में ही भर्ती किया । आज ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव कराया जाना है ।
पूरे कोरोना काल मे स्वास्थ्य अमले के समर्पण और सेवा भाव की सराहना की जानी चाहिए किन्तु कुछ परिस्थियां ऐसी भी निर्मित हो जाती है कि लाख अच्छा किया कराया भी पर सम्वेदनाओं को झकझोर देता है ।क्योंकि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी छिन्दवाड़ा ने यही बोला कि था कि ये डिलेवरी सिवनी में भी की जा सकती थी किन्तु वही छिन्दवाड़ा अस्पताल में भी हुआ कि अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए महिला को नागपुर रिफर किया जाना सेवा भाव पर सवाल खड़े करता है और क्या यही मानवता है ।

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